भारत-ईयू एफटीए की उम्मीदों से शेयर बाजार में जोश, सेंसेक्स 500 अंक उछला, निफ्टी 25,300 के पार

खबर सार :-
भारत-ईयू एफटीए से जुड़ी सकारात्मक खबरों और वैश्विक संकेतों ने भारतीय शेयर बाजार को मजबूती दी है। हालांकि तकनीकी संकेत अभी पूरी तरह मजबूत नहीं हैं। ऐसे में निवेशकों और ट्रेडर्स को सतर्क रहते हुए सख्त जोखिम प्रबंधन अपनाना चाहिए। बाजार में स्थिरता आने के बाद ही नए निवेश के फैसले लेना फिलहाल ज्यादा सुरक्षित रणनीति मानी जा सकती है।

भारत-ईयू एफटीए की उम्मीदों से शेयर बाजार में जोश, सेंसेक्स 500 अंक उछला, निफ्टी 25,300 के पार
खबर विस्तार : -

Indian Stock Market: भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को अंतिम रूप दिए जाने की खबरों और वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों के बीच बुधवार को भारतीय शेयर बाजार ने दमदार शुरुआत की। कारोबार की शुरुआत में ही निवेशकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला, जिसका असर प्रमुख बेंचमार्क सूचकांकों पर साफ नजर आया।

बीएसई सेंसेक्स अपने पिछले बंद भाव से 34.88 अंक की बढ़त के साथ 81,892.36 पर खुला, जबकि एनएसई निफ्टी 83.45 अंक उछलकर 25,258.85 के स्तर पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में ही बाजार की तेजी ने संकेत दे दिए कि निवेशक वैश्विक और घरेलू दोनों मोर्चों पर बने सकारात्मक माहौल को लेकर आश्वस्त हैं।

सुबह के कारोबार में तेजी बरकरार

आज सुबह 9.28 बजे, 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 483.28 अंक यानी 0.59 प्रतिशत की मजबूती के साथ 82,340.76 पर कारोबार कर रहा था। वहीं, निफ्टी 153.45 अंक या 0.61 प्रतिशत की तेजी के साथ 25,328.85 के स्तर पर पहुंच गया। खास बात यह रही कि निफ्टी के लगभग सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में ट्रेड करते दिखे, जिससे बाजार की व्यापक मजबूती का संकेत मिला।

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी जान

मुख्य सूचकांकों के साथ-साथ व्यापक बाजार में भी अच्छी तेजी देखने को मिली। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 1 प्रतिशत से अधिक की उछाल दर्ज की गई, जबकि निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स करीब 0.6 प्रतिशत मजबूत हुआ। यह दर्शाता है कि सिर्फ बड़े शेयर ही नहीं, बल्कि मझोले और छोटे शेयरों में भी निवेशकों की रुचि बनी हुई है।

सेक्टरवार प्रदर्शन: बैंकिंग और रियल्टी चमके

सेक्टर के लिहाज से देखें तो निफ्टी प्राइवेट बैंक, रियल्टी और ऑयल एंड गैस सेक्टर सबसे ज्यादा लाभ में रहे। इन सभी सेक्टरों में 1 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई। बैंकिंग शेयरों में खरीदारी का रुझान मजबूत रहा, जिससे बाजार को अतिरिक्त समर्थन मिला। हालांकि, ऑटो सेक्टर और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के शेयरों में हल्की कमजोरी देखने को मिली, जिससे संकेत मिलता है कि निवेशक फिलहाल चुनिंदा सेक्टरों में ही दांव लगा रहे हैं।

सेंसेक्स के टॉप गेनर्स और लूजर्स

सेंसेक्स पैक में एक्सिस बैंक, ट्रेंट, आईटीसी, पावरग्रिड, आईसीआईसीआई बैंक, एनटीपीसी, बीईएल, टीसीएस और अदाणी पोर्ट्स टॉप गेनर्स में शामिल रहे। दूसरी ओर, एशियन पेंट्स, मारुति सुजुकी, इंडिगो, कोटक महिंद्रा बैंक, सन फार्मा और एसबीआई के शेयरों में गिरावट देखने को मिली और ये टॉप लूजर्स की सूची में रहे।

टेक्निकल व्यू: सीमित दायरे में कारोबार

चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट आकाश शाह के अनुसार, पिछले सत्र में आई कमजोरी के बाद बाजार ने निचले स्तरों पर खरीदारी के दम पर खुद को संभालने की कोशिश की। निफ्टी50 ने 25,000 के अहम स्तर के ऊपर अपनी पकड़ बनाए रखी, जबकि सेंसेक्स हल्की बढ़त के साथ बंद हुआ। इस तेजी में बैंकिंग, मेटल और चुनिंदा ऑयल एंड गैस शेयरों का अहम योगदान रहा।

जोखिम लेने की प्रवृत्ति अभी सीमित

हालांकि बाजार में तेजी दिखी, लेकिन कुल रुख अब भी मिला-जुला बना हुआ है। मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों का प्रदर्शन प्रमुख सूचकांकों की तुलना में कमजोर रहा, जो यह दर्शाता है कि निवेशक अभी भी सतर्कता बरत रहे हैं। तकनीकी रूप से निफ्टी फिलहाल सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है।

निफ्टी के लिए अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, 25,300 से 25,400 का स्तर निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस के रूप में उभर रहा है। इसके ऊपर टिकाऊ मजबूती आने पर ही शॉर्ट कवरिंग देखने को मिल सकती है। वहीं, नीचे की ओर 25,000 का स्तर मजबूत मनोवैज्ञानिक सपोर्ट है और इसके बाद 24,800 अगला अहम स्तर माना जा रहा है। यदि निफ्टी इन स्तरों से नीचे फिसलता है तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है।

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