मुंबईः अडानी इलेक्ट्रिसिटी ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी गो ग्रीन की मुहिम को बढ़ावा देने में जुटी है। अडानी इलेक्ट्रिसिटी ने अपने सभी परिचालनों में सिंगल-यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल काफी हद तक कम करने और चरणबद्ध तरीके से खत्म करने में सफल हुई है। कंपनी ने बताया कि पिछले तीन वित्त वर्षों में उसने 3.8 टन से अधिक नॉन-बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक कचरे को रिसाइक्लिंग के लिए भेजा है, जो अडानी इलेक्ट्रिसिटी की स्थायी विकास की दिशा में मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
अडानी इलेक्ट्रिसिटी के प्रवक्ता ने कहा कि हम ऊर्जा क्षेत्र में स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध हैं। विश्व पर्यावरण दिवस पर इस वर्ष की थीम बीट प्लास्टिक पॉल्यूशन को तय किया गया है, जिसे ध्यान में रखते हुए हम अपने पर्यावरणीय दायित्व को और मजबूती दे रहे हैं। हमारे लिए 'सस्टेनेबिलिटी' कोई फैशनेबल शब्द नहीं, बल्कि हमारी हर गतिविधि की आधारशिला है। हमारी कंपनी के संचालन में सिंगल-यूज़ प्लास्टिक की कमी यह दिखाती है कि हम एक हरित भविष्य की दिशा में गंभीर प्रयास कर रहे हैं। हमारा मानना है कि छोटे-छोटे कदम भी बड़े बदलाव की ओर ले जाते हैं। इसका लाभ समाज और पर्यावरण दोनों को मिलता है।
अडानी इलेक्ट्रिसिटी सिंगल-यूज़ प्लास्टिक में कमी की दिशा में लगातार काम कर रही है। कंपनी की प्रमुख उपलब्धियों में नॉन-बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक कचरे के रिसाइक्लिंग में निरंतर वृद्धि शामिल है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2022-23 में 632.15 किलोग्राम, 2023-24 में 1,940 किलोग्राम और 2024-25 में 1,230 किलोग्राम से अधिक नॉन-बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक कचरे का निस्तारण किया है। जो कंपनी की पर्यावरण संरक्षण को प्रमुखता देने की सबसे प्रभावशाली रणनीति को स्पष्ट करता है।
अडानी इलेक्ट्रिसिटी ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में चरणबद्ध तरीके से कई कदम उठाए हैं, जो प्रभावशाली साबित हुए हैं। कंपनी ने अपने कार्यालयों और परिचालन स्थलों पर सिंगल-यूज़ प्लास्टिक वस्तुओं के इस्तमाल को चरणबद्ध तरीके से खत्म दिया है। इसमें कई सामान्य वस्तुएं जैसे की पीने के पानी की बोतलें, चम्मच, ग्लास, प्लेट, चॉपस्टिक, कप, प्लास्टिक के फोर्क, चाकू और थर्मोकॉल कप भी शामिल हैं। कंपनी ने प्लास्टिक के कूड़ा बैग (75 माइक्रोन से कम), गिफ्ट रैपिंग पेपर और सजावट में इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक को भी इस्तेमाल करना बंद कर दिया। इसके अलावा, ऑफिस क्यूबिकल्स के लिए लैमिनेशन शीट, प्लास्टिक के फूड पैकेजिंग बॉक्स, टेप्स और स्टोर के लिए विभिन्न पैकेजिंग सामग्री (जैसे कि लग्स, ग्लैंड्स, वायर, पिलर, पैनल, रिंग मेन यूनिट्स (आरएमयू), केबल्स, पोल, फेरुल्स और फ्यूज यूनिट्स) का उपयोग भी बंद कर दिया गया है।
अडानी इलेक्ट्रिसिटी ने अपने कार्य संचालन में सिंगल-यूज़ प्लास्टिक को हटाने के लिए कई नवोन्मेषी और व्यावहारिक समाधान अपनाए हैं। कंपनी ने पारंपरिक पैकेजिंग मटेरियल की जगह अधिक टिकाऊ विकल्पों को शामिल किया है। कंपनी में पिलर, पैनल और आरएमयू की पैकेजिंग अब बार-बार इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक से होती है। वहीं, लग्स, फेरुल्स और वायर अब गनी बैग्स में आते हैं। जॉइंटिंग किट्स को अब कार्डबोर्ड बॉक्स में भेजा जा रहा है। सेल्लो टेप की जगह कॉटन टेप का इस्तेमाल होता है। कार्यालय परिसरों से फायर एक्सटिंग्विशर कार्ड्स पर प्लास्टिक का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित है। सिंगल-यूज़ प्लास्टिक को कम करने के लिए प्रत्येक स्थान पर सिंगल-यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल का आकलन किया गया है और समयबद्ध तरीके से इसे खत्म करने की योजना बनाई गई है।
प्लास्टिक कचरे को मापने, उसकी निगरानी करने, नियंत्रित करने और निस्तारण की प्रक्रिया को रोजमर्रा के कामकाज में शामिल किया गया है। कर्मचारियों को डेस्कटॉप वॉलपेपर, स्टैंडियों और शपथ जैसे माध्यमों से जागरूक करने का काम किया जा रहा है। हर ज़ोनल सेफ्टी मीटिंग में सिंगल-यूज़ प्लास्टिक पर चर्चा होती है। अब तक 1986 कर्मचारियों ने प्लास्टिक के इस्तेमाल से बचने की शपथ ली है। अडानी इलेक्ट्रिसिटी ने अपने लाइसेंस क्षेत्र में सेवा देने वाले सभी सप्लायर्स और वेंडर्स को अपनी प्लास्टिक नीति के बारे में सूचित किया है, ताकि सब मिलकर स्थायित्व के लक्ष्य की दिशा में काम कर सकें। कंपनी पर्यावरण की दिशा में लगातार अग्रणी भूमिका निभा रही है, जिसका उद्देश्य पर्यावरण पर अपने प्रभाव को कम करते हुए हरित और टिकाऊ भविष्य की प्रेरणा देना है। कंपनी हर कदम पर नवाचार और ज़िम्मेदारी के साथ स्थायित्व की भावना को मजबूत कर रही है।
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