पाकिस्तान को AMRAAM की आपूर्ति नहीं करेगा अमेरिका, वॉर मेमोरियल ने अटकलों को किया खारिज
खबर सार :-
अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान को AMRAAM मिसाइलों की आपूर्ति नहीं की जाएगी। अमेरिकी वॉर मेमोरियल द्वारा जारी बयान के अनुसार, हालिया अनुबंध संशोधन केवल रखरखाव और स्पेयर पार्ट्स तक सीमित हैं। इससे जुड़ी मीडिया अटकलों को अमेरिका ने झूठा करार दिया है। इस संशोधन में पाकिस्तान की सैन्य क्षमताओं में कोई नई वृद्धि नहीं की जा रही है।
खबर विस्तार : -
नई दिल्लीः अमेरिका ने पाकिस्तान को बड़ा झटका देते हुए उसे हथियार देने की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है। भारत स्थित अमेरिकी दूतावास और वाणिज्य दूतावासों ने अमेरिकी वॉर मेमोरियल के हवाले से शुक्रवार को इस मामले में एक बयान भी जारी किया। वॉर मेमोरियल की ओर से जारी बयान के अनुसार पाकिस्तान से जुड़े अमेरिकी विदेशी सैन्य बिक्री (एफएमएस) अनुबंध में हाल ही में एक संशोधन किया गया है, जिसमें मध्यम दूरी पर हवा में मार करने वाली मिसाइलों (एएमआरएएएम) की आपूर्ति शामिल नहीं है। अमेरिका की तरफ से यह स्पष्ट किया गया है कि जो भी संशोधन किए गए हैं, वह केवल रखरखाव और स्पेयर पार्ट्स सपोर्ट तक ही सीमित है।
अपने बयान में, अमेरिका ने इस तरह की खबरों को झूठा बताया और स्पष्ट किया कि अनुबंध संशोधन का कोई भी हिस्सा पाकिस्तान को नई एएमआरएएएम की आपूर्ति के लिए नहीं है। इसमें पाकिस्तान की किसी भी मौजूदा क्षमता को अपग्रेड करना शामिल नहीं है। बता दें, कुछ दिनों से मीडिया रिपोर्ट्स में इस बात पर जोर-शोर से चर्चा हो रही थी कि 30 सितंबर को अमेरिकी युद्ध विभाग द्वारा जारी अनुबंध घोषणा के तहत इस्लामाबाद को नव निर्मित एएमआरएएएम की पूर्ति की जाएगी। कई मीडिया संस्थानों ने दावा किया था कि अमेरिका पाकिस्तान को अनुबंध संशोधन के तहत हथियार देगा।
मानक अनुबंध घोषणाओं की लिस्ट ने बढ़ाई अटकलें
दरअसल, 30 सितंबर को अमेरिका वॉर मेमोरियल ने मानक अनुबंध घोषणाओं की एक लिस्ट जारी की थी। इस लिस्ट में पाकिस्तान सहित कई देशों के लिए रखरखाव और पुर्जों के लिए मौजूदा विदेशी सैन्य बिक्री अनुबंध में संशोधन का जिक्र किया गया। इसके बाद से ही ये अटकलें लगनी शुरू हो गई। कई सूत्रों के अनुसार, इस अनुबंध में एएमआरएएएम सी8 और डी3 वैरिएंट के उत्पादन के लिए पहले से स्वीकृत रेथियॉन परियोजना (एफए8675‑23‑सी‑0037) में संशोधन शामिल था। अपने स्पष्टीकरण में, अमेरिका ने जोर देकर कहा कि अनुबंध संशोधन नई हथियार प्रणालियों का हस्तांतरण नहीं है। बल्कि, यह पाकिस्तान के पास पहले से मौजूद हथियारों, स्पेयर पार्ट्स और रखरखाव से संबंधित है।
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