Middle East Tensions : नौसेना के जहाजों को मध्य एशिया में भेजने की तैयारी कर रहा अमेरिका, अमेरिकी मिलिट्री ने किया दावा
खबर सार :-
अमेरिका-ईरान संघर्ष फिर शुरू हो सकता है। अमेरिकी मिलिट्री का दावा है कि अमेरिका नौसेना के जहाजों को मध्य एशिया में भेजने की तैयारी कर रहा है। जहाजों में ईंधन, खाना, हथियार और अन्य सामान भरे जा रहे हैं। वहीं, अमेरिकी रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान सीजफायर की आड़ में वे हथियार निकाल रहा है जो पिछले हमलों के समय नीचे छिप गए या दब गए थे। तेहरान में एयर डिफेंड सिस्टम भी सक्रिय किए गए हैं।
खबर विस्तार : -
Middle East Tensions : अमेरिका अपनी नौसेना के जहाजों को मध्य एशिया में भेजने की तैयारी कर रहा है। इन जहाजों में तेल (ईंधन), खाना, हथियार और बाकी जरूरी सामान भरा जा रहा है, ताकि वे लंबे समय तक ऑपरेशन जारी रख सकें। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें साझा कर इसकी जानकारी दी है। कुछ तस्वीरों में लिखा गया है कि गाइडेड-मिसाइल डेस्ट्रॉयर यूएसएस डेलबर्ट डी ब्लैक पर ईंधन, खाना, हथियार और जरूरी सप्लाई लोड की जा रही है।
ट्रंप को दी ईरान के खिलाफ संभावित हमला करने के विकल्पों की जानकारी
इस बीच खबर ये भी है कि सेंट्रल कमांड के कमांडर ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान के खिलाफ संभावित हमला करने के विकल्पों की जानकारी दी है। फॉक्स न्यूज के अनुसार एडमिरल ब्रैड कूपर ने व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में ट्रंप के साथ बैठक में ये विकल्प पेश किए।
ईरान पर दोबारा ‘छोटा लेकिन बहुत ताकतवर हमला’ कर सकता है अमेरिका
इसमें बताया गया कि अगर ट्रंप दोबारा हमले का फैसला लेते हैं, तो एक ‘छोटा लेकिन बहुत ताकतवर हमला’ किया जा सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस हमले में ईरान की बची हुई सैन्य ताकत, उसके नेता और अहम ढांचे निशाने पर होंगे। रक्षा मंत्रालय कुछ नए और उन्नत हथियार इस्तेमाल करने पर भी विचार कर रहा है। इनमें ‘डार्क ईगल’ हाइपरसोनिक मिसाइल भी शामिल है। तैयारियों की ये तस्वीर ऐसे समय में आई है जब अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि ईरान सीजफायर की आड़ में वो हथियार निकाल रहा है जो पिछले हमलों के दौरान नीचे छिपे या दबे हुए थे।
ईरान बढ़ी हुई ड्रोन और मिसाइल क्षमता का कर सकता है प्रयोग
एनबीसी न्यूज के मुताबिक, ईरान की सरकार ने उन मिसाइलों और दूसरे हथियारों को निकालने की कोशिशें तेज कर दी हैं जो यूएस-इजरायली हवाई हमलों के बाद जमीन के नीचे या मलबे में दबे हुए थे। कथित तौर पर इस मामले से जुड़े एक अमेरिकी अधिकारी और दो दूसरे लोगों ने ये जानकारी दी। रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से तर्क दिया गया है कि अगर राष्ट्रपति ट्रंप मिलिट्री ऑपरेशन दोबारा शुरू कराने का फैसला करते हैं, तो ईरान बढ़ी हुई ड्रोन और मिसाइल क्षमता का प्रयोग मीडिल ईस्ट के देशों पर हमले के लिए कर सकता है।
तेहरान में एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय होने की खबरें
इस बीच, ईरान की राजधानी तेहरान में गुरुवार रात एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय होने की भी खबरें आईं। ईरानी मीडिया 'तसनीम' और 'फार्स' के अनुसार, ये सिस्टम छोटे ड्रोन या टोही विमानों को मार गिराने के लिए सक्रिय किए गए थे। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि यह केवल अभ्यास था या वास्तविक खतरे के जवाब में उठाया गया कदम था।
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