US Iran Tensions : होर्मुज स्ट्रेट ब्लॉक होने और अमेरिका-ईरान के बीच फिर संघर्ष शुरू होने की संभावनाओं से क्रूड ऑयल की कीमतें 125 डॉलर प्रति बैरल के पार
खबर सार :-
अमेरिका-ईरान में एक बार फिर से तनाव बढ़ने की संभावनाएं बढ़ गई हैं। इससे क्रूड ऑयल की कीमतें चार वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। तनाव बढ़ने की संभावनाओं के बीच कच्चे तेल की कीमतें 125 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट को ब्लॉक कर रखा है, इससे ईरान का तेल निर्यात रूक गया है। ट्रंप ने कहा है कि, ईरान से परमाणु कार्यक्रम पर समझौता होने तक यह नाकेबंदी जारी रहेगी।
खबर विस्तार : -
US Iran Tensions : अमेरिका-ईरान में तनाव बढ़ने की संभावना के चलते गुरुवार को कच्चे तेल की कीमत चार साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। भारतीय समयानुसार सुबह 10:22 पर बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड का दाम 6.33 प्रतिशत बढ़कर 125.5 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया है। वहीं, डब्ल्यूटीआई क्रूड का दाम 3.35 प्रतिशत बढ़कर 110 डॉलर प्रति बैरल हो गया है। इससे पहले कच्चे तेल में यह कीमतें 2022 की शुरुआत में रूस-यूक्रेन में युद्ध शुरू होने के दौरान देखी गई थीं।
दोनों देशों में दोबारा संघर्ष शुरू होने की संभावना में इजाफा
कच्चे तेल में तेजी ऐसे समय पर देखी गई है, जब कुछ अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि अमेरिका की सेंट्रल कमांड ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान में संभावित कार्रवाई के विकल्पों के बारे में जानकारी देगी। इससे दोनों देशों में फिर से संघर्ष शुरू होने की संभावना में इजाफा हुआ है।
ईरान से परमाणु कार्यक्रम पर समझौता होने तक जारी रहेगी नाकाबंदी
अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट को ब्लॉक कर रखा है, जिससे ईरान का तेल निर्यात करीब रुक गया है। अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से कहा गया कि जब तक ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर कोई समझौता नहीं करता, तब तक यह नाकेबंदी नहीं हटेगी। ईरान भी पीछे हटने के लिए तैयार नहीं है। हालांकि, वह अमेरिका को शांति के प्रस्ताव दे चुका है, जिसे ट्रंप ने ठुकरा दिया था।
अमेरिकी इन्वेस्टमेंट बैंक गोल्डमैन सैश ने कच्चे तेल की कीमतों में की बढ़ोतरी
इस हफ्ते की शुरुआत में मध्य पूर्व में तनाव के कारण अमेरिकी इन्वेस्टमेंट बैंक गोल्डमैन सैश ने 2026 की चौथी तिमाही के लिए कच्चे तेल की औसत कीमतों के अनुमान में फिर एक बार बढ़ोतरी की है। अमेरिकी इन्वेस्टमेंट बैंक का कहना है कि इस साल के अक्टूबर से दिसंबर अवधि में ब्रेंट क्रूड की कीमत औसत 90 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड का दाम औसत 83 डॉलर प्रति बैरल रह सकता है।
कीमतों में संशोधन की वजह कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित रहना है
औसत कीमतों में संशोधन की वजह, मध्य पूर्व में लगातार तनाव बने रहने के कारण कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित रहना है। इससे पहले गोल्डमैन सैश ने 2026 की चौथी तिमाही में ब्रेंट क्रूड का दाम औसत 80 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड का दाम औसत 75 डॉलर प्रति बैरल रहने का अनुमान लगाया था। इन्वेस्टमेंट बैंक ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि तनाव के चलते मध्य पूर्व से आने वाला लगभग 14.5 मिलियन बैरल प्रतिदिन कच्चा तेल बाजार से बाहर हो गया है।
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