खुद शुरू किए युद्ध में हार रहा रूस? उर्सुला का बड़ा दावा, बोलीं- नागरिकों को बना रहा निशाना
खबर सार :-
रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध लगातार गंभीर होता जा रहा है। रूसी हमलों में नागरिक इलाकों और महत्वपूर्ण ढांचे को नुकसान पहुंचने के दावों के बीच यूरोप यूक्रेन की मिसाइल रक्षा मजबूत करने पर जोर दे रहा है। उर्सुला वॉन डेर लेयेन का बयान बताता है कि नागरिकों की सुरक्षा और हवाई रक्षा फिलहाल यूरोपीय समर्थन की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है, जबकि युद्ध समाप्त करने की कोशिशें जारी हैं।
खबर विस्तार : -
Russia-Ukraine war: यूक्रेन युद्ध को लेकर यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने रूस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि रूस अब उस युद्ध में हार की स्थिति देख रहा है, जिसे उसने खुद शुरू किया था। उनके मुताबिक, इसी वजह से रूसी हमले तेजी से आम लोगों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यूरोपीय देश और उनके साझेदार यूक्रेन की बैलिस्टिक मिसाइलों से सुरक्षा मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।
उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कहा कि रूस अपने शुरू किए युद्ध में हार रहा है और इसके जवाब में नागरिकों तथा जरूरी सुविधाओं को निशाना बना रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यूक्रेन को ऐसी रक्षा क्षमता उपलब्ध कराना जरूरी है, जिससे वह अपने लोगों की जान बचा सके। यूरोपियन कमीशन प्रमुख ने इसे फिलहाल सबसे बड़ी और तत्काल प्राथमिकता बताया।
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रूस के बड़े हमले का यूक्रेन ने किया दावा
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने गुरुवार को कहा कि रूस ने बुधवार रात बड़े पैमाने पर हमला किया। उनके अनुसार, मॉस्को इस हमले की लंबे समय से तैयारी कर रहा था और इसमें बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों तथा ड्रोन का एक साथ इस्तेमाल किया गया। उनका दावा है कि हमले का उद्देश्य नागरिक और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को अधिक से अधिक नुकसान पहुंचाना था। जेलेंस्की के मुताबिक, राजधानी कीव और उसके आसपास के इलाकों के अलावा ओडेसा तथा चेर्निहीव क्षेत्रों में भी नुकसान हुआ है। कीव में कई रिहायशी इमारतें प्रभावित हुईं। इनमें एक ऊंची इमारत भी शामिल है, जिसकी ऊपरी मंजिलों को भारी नुकसान पहुंचा। एक बच्चों के अस्पताल और स्कूल के भी क्षतिग्रस्त होने की जानकारी सामने आई।
कीव में 12 लोगों की मौत
जेलेंस्की ने बताया कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार, रूसी हमले में कीव में 12 लोगों की मौत हुई, जबकि राजधानी के आसपास के क्षेत्र में एक अन्य व्यक्ति की जान गई। करीब 40 लोग घायल बताए गए हैं। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि राहत और बचाव अभियान जारी है। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने बचावकर्मियों, डॉक्टरों, पुलिसकर्मियों और बिजली तथा पानी जैसी जरूरी सेवाओं को बहाल करने में जुटे कर्मचारियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने हमले के शुरुआती क्षणों से ही प्रभावित नागरिकों की मदद शुरू कर दी थी।
सीमा चौकी और गैस ढांचे पर भी हमला
जेलेंस्की के अनुसार, ओडेसा क्षेत्र में ड्रोन से मोल्दोवा की सीमा के पास स्थित एक बॉर्डर क्रॉसिंग को निशाना बनाया गया। वहीं चेर्निहीव क्षेत्र में गैस से जुड़े बुनियादी ढांचे पर हमला किए जाने का दावा किया गया। इन घटनाओं ने यूक्रेन की नागरिक सुरक्षा और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ा दी है। जेलेंस्की ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया पर भी सवाल उठाया। उनका कहना है कि जब रूस बैलिस्टिक मिसाइलों और सैन्य क्षमता बढ़ाने पर निवेश कर रहा है, तब ऐसे हमलों पर दुनिया की प्रतिक्रिया हमेशा उतनी मजबूत नहीं होती, जितनी होनी चाहिए।
पैट्रियट मिसाइलों को बताया जरूरी
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा कि जब तक यूक्रेन के पास पर्याप्त एंटी-बैलिस्टिक रक्षा प्रणालियां नहीं होंगी, रूस शांति को गंभीरता से नहीं लेगा। उन्होंने बताया कि यूक्रेन अपनी सुरक्षा मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है और 'फ्रेया' कार्यक्रम पर भी काम जारी है। जेलेंस्की ने विशेष रूप से पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि फिलहाल इनका कोई प्रभावी विकल्प नहीं है और यूक्रेन को इनकी रोजाना जरूरत पड़ती है। उनके मुताबिक, हर अतिरिक्त इंटरसेप्टर मिसाइल नागरिकों की जान बचाने में मदद कर सकती है। इस बीच, उर्सुला वॉन डेर लेयेन का बयान यूरोप की ओर से यूक्रेन की वायु और मिसाइल रक्षा क्षमता को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। उनके बयान से साफ है कि नागरिकों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा आने वाले समय में यूरोपीय समर्थन का अहम हिस्सा बनी रहेगी। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच मिसाइल और ड्रोन हमलों की बढ़ती तीव्रता ने संघर्ष को और गंभीर बना दिया है।
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