रूस के कुरील द्वीप समूह में भूकंप, 6.3 तीव्रता से कांपी धरती
खबर सार :-
कुरील द्वीप समूह में आए 6.3 तीव्रता के भूकंप ने एक बार फिर इस क्षेत्र की भूकंपीय संवेदनशीलता को उजागर किया है। हालांकि सुनामी या जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है, लेकिन बार-बार आने वाले झटके सतर्कता की जरूरत को रेखांकित करते हैं। प्रशासन और वैज्ञानिक एजेंसियां हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
खबर विस्तार : -
Russia earthquake: रूस के सुदूर पूर्व में स्थित कुरील द्वीप समूह में मंगलवार को तेज भूकंप के झटके महसूस किए गए। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के मुताबिक, भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.3 मापी गई। भूकंप 13 जनवरी को स्थानीय समयानुसार शाम 6 बजकर 34 मिनट पर आया, जिससे इलाके में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बन गया।
कहां था भूकंप का केंद्र
यूएसजीएस के अनुसार, भूकंप का केंद्र 44.6 डिग्री उत्तर अक्षांश और 149.1 डिग्री पूर्व देशांतर पर स्थित था। यह जापान के असाहिकावा शहर से करीब 545 किलोमीटर पूर्व में दर्ज किया गया। भूकंप की गहराई लगभग 45 किलोमीटर थी, जिसके चलते झटके सतह पर स्पष्ट रूप से महसूस किए गए, हालांकि इससे बड़े पैमाने पर नुकसान की आशंका कम रही।
सुनामी का कोई खतरा नहीं
राहत की बात यह रही कि इस भूकंप के बाद किसी तरह की सुनामी की चेतावनी जारी नहीं की गई। यूएसजीएस ने ग्रीन अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि भूकंप से जान-माल के नुकसान की संभावना बेहद कम है। शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार, इस भूकंप में किसी के हताहत होने या संपत्ति के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है।
भूकंपीय रूप से बेहद संवेदनशील क्षेत्र
कुरील द्वीप समूह रूस और जापान के बीच स्थित एक अत्यंत भूकंपीय सक्रिय क्षेत्र है। यह इलाका टेक्टोनिक प्लेटों की सीमाओं पर स्थित होने के कारण अक्सर भूकंप की चपेट में रहता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, यहां की आबादी आमतौर पर ऐसे मकानों में रहती है, जो मध्यम तीव्रता के भूकंप को सहन कर सकते हैं। हालांकि, बिना मजबूत ईंटों वाली दीवारों और कंक्रीट फ्रेम वाली इमारतें अधिक जोखिम में मानी जाती हैं।
कम आबादी, सीमित जोखिम
वेबसाइट के अनुसार, कुरील द्वीप समूह की कुल आबादी करीब 2,000 के आसपास है। कम जनसंख्या घनत्व के चलते भूकंप के दौरान बड़े पैमाने पर नुकसान की आशंका भी अपेक्षाकृत कम रहती है। स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
पहले भी आ चुके हैं बेहद शक्तिशाली भूकंप
गौरतलब है कि पिछले साल 30 जुलाई को इसी क्षेत्र में 8.7 तीव्रता का बेहद शक्तिशाली भूकंप आया था, जिसे दुनिया के छठे सबसे ताकतवर भूकंपों में गिना गया। उस भूकंप के बाद 4.4 या उससे अधिक तीव्रता के 100 से ज्यादा झटके दर्ज किए गए थे, हालांकि तब भी रूस में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ था।
‘रिंग ऑफ फायर’ का हिस्सा है क्षेत्र
कुरील द्वीप समूह और कमचटका प्रायद्वीप को “रिंग ऑफ फायर” का हिस्सा माना जाता है। यह क्षेत्र दुनिया के सबसे अधिक भूकंपीय और ज्वालामुखीय गतिविधियों वाले इलाकों में शामिल है। इतिहास गवाह है कि 1952 में कमचटका में आया 9.0 तीव्रता का भूकंप अब तक के सबसे शक्तिशाली भूकंपों में से एक था।
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