ब्रिटेन के सांसदों ने पाकिस्तान पर जताई नाराजगी, कहा गोलाबारी की खबरें चिंताजनक

खबर सार :-

भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान की लंदन तक इन दिनों थू-थू हो रही है। पाकिस्तान सरकार के खिलाफ ब्रिटेन के सांसदों ने नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि गोलाबारी की खबरें चिंताजनक हैं। वैसे तो भारत का पड़ोसी देश पाक कई मामलों पर अंतरराष्टृीय मामलों में अपनी किरकिरी करवा रहा है।
भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान की लंदन तक हो रही थू-थू

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली। भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान की लंदन तक इन दिनों थू-थू हो रही है। पाकिस्तान सरकार के खिलाफ ब्रिटेन के सांसदों ने नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि गोलाबारी की खबरें चिंताजनक हैं। वैसे तो भारत का पड़ोसी देश पाक कई मामलों पर अंतरराष्टृीय मामलों में अपनी किरकिरी करवा रहा है। एक ओर बलूचों पर दबंगई तो दूसरी ओर पीओके पर दहषत की खबरें पूरी दुनिया तक फैल चुकी हैं। लंदन तक अब उनके प्रशासन के खिलाफ आवाज उठ रही हैैं। ब्रिटेन के सांसदों ने तो अपनी उच्च अधिकारियों को पाकिस्तान पर दबाव बनाने के लिए भेजने की तैयारी शुरू कर दी है।

प्रदर्शनकारियों पर पाकिस्तानी सेना की हिंसक कार्रवाई

इधर गुरुवार को यूनाइटेड किंगडम के ब्रैडफोर्ड शहर में पाकिस्तानी कॉन्सुलेट (महावाणिज्य दूतावास) के बाहर जमकर नारेबाजी की गई। दूसरे देषों से मांग की गई कि वह  कश्मीरी समुदाय के लोगों की मदद करें। उन्होंने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर पाकिस्तानी सेना की हिंसक कार्रवाई के खिलाफ लंदन से दखल करने की गुहार की है। कह गया कि बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे सब वहां परेषान किए जा  रहे हैं। प्रदर्षन करने वाले कह रहे थे कि हम अवामी एक्शन कमेटी के साथ खड़े हैं। इस दौरान पास्तिानी सेना की बर्बरता के खिलाफ नारे लगाए गए।

सिविल सोसाइटी ग्रुप जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी एकजुट

प्रदर्शनकारियों ने सिविल सोसाइटी ग्रुप जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) के साथ एकजुटता दिखाई और इलाके में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा किए जा रहे क्रूर ऑपरेशन पर विराम लगाने की गुहार की। प्रदर्षन में बच्चे थे। महिलाएं और बुजुर्ग भी थे। इनके हाथों में ले रखी तख्तियों पर लिखा था, पाकिस्तान क्रूरता बंद करो। पाकिस्तान रावलकोट में कश्मीरियों को मारना बंद करो। जानकारी के अनुसार, पीओके में पिछले कुछ दिनों में 50 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। यहां सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। कई लोग गायब हैैैैं।

पाकिस्तानी सेना की क्रूरता पर गहरी चिंता जताई

यह विरोध प्रदर्शन ब्रैडफोर्ड में दुनिया भर में पाकिस्तानी राजनयिक मिशनों के बाहर प्रवासी कश्मीरी समुदाय के बढ़ते प्रदर्शनों के बीच हुआ है। ब्रिटिश लेबर पार्टी के सांसद लियाम बर्न ने पिछले दिनों कहा था कि पीओके में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ गोलीबारी की खबरें बेहद चिंताजनक हैं। प्रदर्शन कर रहे लोगों की जानकारी भी ली। पीओके में पाकिस्तानी अधिकारियों की क्रूर कार्रवाई पर अंतरराष्ट्रीय दखल की होने भी लगा है। पिछले हफ्ते, कई ब्रिटिश सांसदों ने पीओके बर्बरता के खिलाफ पाकिस्तानी सेना की क्रूरता पर गहरी चिंता जताई थी।

सांसद ने कहा पाकिस्तान के साथ बातचीत की जाए

ब्रिटिश सांसद ने कहा उनकी मांग यह है कि लंदन में पाकिस्तान के हाई कमीशन के साथ तुरंत बातचीत की जाए। दबाव बनाया जाए कि यह सब बंद होना चाहिए। दूसरी मांग यह भी है कि हम अपने विदेश मंत्रालय के मंत्रियों से भी मिलें और पाकिस्तान सरकार के सामने सबसे ऊंचे स्तर पर अपनी बात रखें। पीओके में कम्युनिकेशन ब्लैकआउट और मानवाधिकारों के उल्लंघन को पूरी तरह से अस्वीकार्य बताते हुए बर्न ने कहा कि कश्मीर पर ऑल पार्टी पार्लियामेंट्री ग्रुप ने दो मांगें रखी हैं। फिलहाल, पहले यूएन के प्रस्तावों में किए गए लंबे समय के वादों का सम्मान किया जाए, लेकिन अभी के लिए हमें हिंसा को रोकने की जरूरत है।

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