Afganistan में Pakistan के हवाई हमले से भड़का तनाव, तालिबान ने नागरिकों की मौत का लगाया आरोप
खबर सार :-
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच बढ़ता सैन्य तनाव क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। हवाई हमलों और सीमा पर झड़पों के आरोप-प्रत्यारोप से हालात और बिगड़ सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए दोनों देशों के बीच तत्काल कूटनीतिक वार्ता और अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता बेहद जरूरी है।
खबर विस्तार : -
Pakistan-Afganistan Tensions: अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर गहरा गया है। तालिबान सरकार ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान की सेना ने अफगानिस्तान के कई प्रांतों में हवाई हमले किए हैं, जिनमें महिलाओं और बच्चों सहित कई नागरिकों की मौत हुई है। इन हमलों के बाद दोनों देशों के बीच सीमा क्षेत्र में हालात और अधिक तनावपूर्ण हो गए हैं।
तालिबान के मुख्य प्रवक्ता ज़बिहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि पाकिस्तान ने काबुल, कंधार, पक्तिया और पक्तिका समेत कई क्षेत्रों को निशाना बनाया। उनका दावा है कि इन हमलों में कुछ स्थानों पर नागरिकों के घरों पर बमबारी की गई, जिससे महिलाओं और बच्चों की जान गई। मुजाहिद ने इन हमलों को अफगानिस्तान की संप्रभुता का खुला उल्लंघन बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दी जानकारी
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी अपने बयान में मुजाहिद ने कहा कि पाकिस्तान ने पहले भी इसी तरह के हमले किए हैं और अब उसी पैटर्न को दोहराया जा रहा है। उन्होंने लिखा कि पाकिस्तानी सेना ने कई इलाकों में बमबारी की, जिसमें कुछ जगहों पर आबादी वाले क्षेत्रों को निशाना बनाया गया जबकि कुछ स्थानों पर खाली रेगिस्तानी क्षेत्रों में भी हमले किए गए। तालिबान ने यह भी कहा कि यह हमला ऐसे समय में किया गया है जब इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार रमजान का अंतिम चरण चल रहा है और ईद-उल-फितर नजदीक है। मुजाहिद ने कहा कि इस पवित्र समय में किया गया हमला यह दिखाता है कि हमलावर किसी भी मानवीय सिद्धांत या नैतिक मूल्यों का सम्मान नहीं करते। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान इस हमले की कड़ी निंदा करता है और इसे बिना जवाब के नहीं छोड़ा जाएगा।
ईंधन डिपो को बनाया निशाना
मुजाहिद ने पाकिस्तान पर यह भी आरोप लगाया कि पाकिस्तानी सैन्य विमानों ने कंधार अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास स्थित निजी एयरलाइन कंपनी कम एयर के ईंधन भंडार को आग लगा दी। उनके अनुसार यह ईंधन भंडार नागरिक विमानों और संयुक्त राष्ट्र के विमानों को ईंधन उपलब्ध कराता है। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी निजी व्यापारियों के ईंधन डिपो को निशाना बनाया गया था। दूसरी ओर, हाल ही में अफगान अधिकारियों ने दावा किया था कि तालिबान बलों ने पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर हुई झड़पों में पाकिस्तानी सेना को भारी नुकसान पहुंचाया है। तालिबान रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता एनायतुल्लाह ख्वारजमी ने कहा कि कंधार प्रांत के शोराबक जिले में तालिबान लड़ाकों और पाकिस्तानी सैनिकों के बीच संघर्ष हुआ था।
तालिबान का दावाः पाकिस्तानी सैन्य चौकी पर किया कब्ज़ा
ख्वारजमी के अनुसार तालिबान लड़ाकों ने इस झड़प के दौरान एक पाकिस्तानी सैन्य चौकी पर कब्ज़ा कर लिया और बाद में उसे विस्फोटकों से उड़ा दिया। उन्होंने दावा किया कि इस लड़ाई में लगभग 30 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, जिनमें से 20 सैनिक चौकी को मजबूत करने के लिए भेजे गए थे। तालिबान ने यह भी दावा किया कि उनके लड़ाकों ने पक्तिया प्रांत के डंड पाटन इलाके में पाकिस्तान की पांच सैन्य चौकियों पर कब्ज़ा कर लिया है। इसके अलावा टॉप सर ख्वुच करम और अंजरकी सर नामक चौकियों में भी प्रवेश करने का दावा किया गया है।
पाक-अफगानिस्तान के बीच बढ़ता सैन्य तनाव
विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों के बीच बढ़ता सैन्य टकराव क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बन सकता है। अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से सीमा विवाद, आतंकवाद और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर तनाव बना हुआ है। मौजूदा संघर्ष की शुरुआत 27 फरवरी को हुई, जब तालिबान-नेतृत्व वाली अफगान बलों ने पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई शुरू की। यह कार्रवाई 21 फरवरी को पाकिस्तान द्वारा अफगान क्षेत्र में आतंकवादियों को निशाना बनाकर किए गए हमलों के बाद की गई थी।
‘ऑपरेशन ग़ज़ब-ए-हक’ की शुरुआत
अफगानिस्तान के हमलों के बाद पाकिस्तान ने भी सीमा क्षेत्रों में अफगान बलों की कथित “बिना उकसावे की गोलीबारी” के जवाब में ‘ऑपरेशन ग़ज़ब-ए-हक’ शुरू किया। इसके बाद से सीमा पर दोनों पक्षों के बीच लगातार तनाव बना हुआ है और कई जगहों पर झड़पों की खबरें सामने आती रही हैं। विश्लेषकों का कहना है कि अगर दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत जल्द शुरू नहीं हुई तो यह टकराव बड़े सैन्य संघर्ष में बदल सकता है, जिसका असर पूरे क्षेत्र की स्थिरता पर पड़ सकता है।
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