अफगानिस्तान के जवाबी हमले में धुआं-धुआं हुआ पाकिस्तान ! 55 सैनिक ढेर, कई सैन्य चौकियों पर अफगान सेना का कब्जा
खबर सार :-
Pakistan-Afghanistan War: अफ़गानिस्तान और पाकिस्तान के बीच डूरंड लाइन पर टेंशन बढ़ती जा रही है।अफ़गान डिफेंस मिनिस्ट्री ने पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक के जवाब में एक बड़ा काउंटर-ऑफेंसिव शुरू किया है। अफ़गान आर्मी का दावा है कि उसने कई पाकिस्तानी मिलिट्री पोस्ट पर कब्ज़ा कर लिया है। बॉर्डर पर फायरिंग और झड़पें जारी हैं।
खबर विस्तार : -
Pakistan-Afghanistan War: अफ़गानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अफ़गान सेना ने पाकिस्तान-अफ़गानिस्तान सीमा पर जोरदार जवाबी हमले करते हुए करीब 55 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया। जबकि करीब 19 सैन्य चौकियों कब्ज़ा कर लिया। अफ़गानिस्तान राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को दावा किया कि उनकी सेना ने डूरंड लाइन के पास अलग-अलग इलाकों में पाकिस्तानी मिलिट्री पोस्ट पर कब्ज़ा कर लिया है।
Pakistan-Afghanistan War: अफगानिस्तान की पाकिस्तान पर जवाबी कार्रवाई
बता दें कि इससे पहले पाकिस्तान ने operation-ghazab-lil-haq के तहत अफ़गानिस्तान पर हमला किया था। जिसमें महिलाएं और बच्चे मारे गए थे। अफ़गान रक्षा मंत्रालय ने कहा कि 26 फरवरी की रात को पाकिस्तानी सेना ने अफ़गान इलाके में हमले किए जिसमें औरतें और बच्चे मारे गए। जिसके बाद जवाबी कार्रवाई अफ़गान सेना ने पक्तिका, पक्तिया, खोस्त, नंगरहार, कुनार और नूरिस्तान प्रांतों में हमला किया। जिसमें 55 पाकिस्तानी सैनिकों मारे गए। इन ऑपरेशन के दौरान अफ़गान सेना ने दो पाकिस्तानी मिलिट्री बेस 19 पोस्ट पर कब्ज़ा कर लिया गया और चार पोस्ट से पाकिस्तानी सैनिक भाग गए। ये लड़ाई देर रात करीब चार घंटे तक चली। अफ़गान मिनिस्ट्री ने बताया कि इस ऑपरेशन के दौरान आठ अफ़गान सैनिक मारे गए और 11 अन्य घायल हो गए।
पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर की थी एयरस्ट्राइक
दरअसल इस कार्रवाई को अफ़गानिस्तान में पाकिस्तान द्वारा किए गए एयरस्ट्राइक का जवाब बताया जा रहा है। हाल के दिनों में, पाकिस्तान ने पूर्वी अफ़गानिस्तान के नंगरहार और पक्तिका प्रांतों में एयरस्ट्राइक की थी। जिसमें कई आम लोग मारे गए थे। हालांकि पाकिस्तान का दावा है कि उसने तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के बेस को निशाना बनाया। अफ़गानिस्तान ने इन हमलों को अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया और आम लोगों के मारे जाने का आरोप लगाया। साथ ही तालिबान सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ मिलिट्री जवाब की धमकी भी दी थी।
क्या है डूरंड लाइन, क्यों हो रहा विवाद
डूरंड लाइन पाकिस्तान और अफ़गानिस्तान के बीच एक विवादित बॉर्डर है। यह लगभग 2,640 किलोमीटर लंबा है। अफ़गानिस्तान इस लाइन को औपचारिक रूप से मान्यता नहीं देता है, जबकि पाकिस्तान इसे एक इंटरनेशनल बॉर्डर मानता है। यह बॉर्डर 1893 में ब्रिटिश इंडिया के विदेश सचिव सर हेनरी मोर्टिमर डूरंड और अफ़गानिस्तान के अमीर अब्दुर रहमान खान के बीच एक समझौते से तय हुआ था। इसका मकसद ब्रिटिश और रूसी साम्राज्यों के बीच एक सुरक्षा बफ़र ज़ोन बनाना था। हालांकि, अफ़गानिस्तान ने इस बॉर्डर को कभी पूरी तरह से स्वीकार नहीं किया, क्योंकि इसने अफ़गानिस्तान के मुख्य पश्तून कबीलों को दो हिस्सों में बांट दिया था।
1947 में पाकिस्तान बनने के बाद यह विवाद और बढ़ गया। अफ़गानिस्तान ने अपने पश्तून-बहुल इलाकों और "पश्तूनिस्तान" नाम के एक अलग देश को वापस करने की माxग की, जिसे पाकिस्तान ने लगातार ठुकरा दिया है। तालिबान सरकार भी डूरंड लाइन को एक आधिकारिक अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर के तौर पर मान्यता देने से इनकार करती है और पाकिस्तान की बॉर्डर पर बाड़ लगाने का विरोध करती है।
Pakistan Afghanistan War: पाकिस्तान या अफगानिस्तान किसकी सेना ज़्यादा ताकतवर
पाकिस्तान की सेना समय-समय पर अफ़गानिस्तान में अपनी दादागिरी दिखाने के लिए जानी जाती है। तालिबान के राज में अफ़गानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ रहा है। अगर यह युद्ध बढ़ता है तो किसका पलड़ा भारी रहेगा।
पाकिस्तान: कुल एक्टिव सैनिक 660,000 (सेना में 560,000)। रिज़र्व मिलाकर, 17 लाख। दुनिया की टॉप 15 सबसे ताकतवर सेनाओं में 14वें नंबर पर।
तालिबान (अफ़गान सेना): कुल एक्टिव सैनिक 165,000 से 172,000। इसे बढ़ाकर 200,000 करने का प्लान है। 121वें नंबर पर (दुनिया में बहुत कमज़ोर)।
पाकिस्तान के पास 2,677 टैंक हैं। पाकिस्तान के पास 59,000 से ज़्यादा आर्मर्ड गाड़ियां और 6,000 से ज़्यादा AFV हैं। जबकि तालिबान (अफ़गानिस्तान) के पास सिर्फ़ 100-200 टैंक हैं, जिनमें से ज़्यादातर पुराने और खराब हालत में हैं। वहीं तालिबान के पास अमेरिका की छोड़ी हुई कुछ हज़ार Humvees हैं।
पाकिस्तान की एयर फ़ोर्स दुनिया की सबसे मज़बूत एयर फ़ोर्स में से एक है, जिसके पास बेहतरीन रडार और मिसाइल डिफ़ेंस सिस्टम हैं। तालिबान के पास कोई असली एयर फ़ोर्स नहीं है। पाकिस्तान के पास फ़्रिगेट, सबमरीन और मिसाइल बोट हैं, जबकि तालिबान के पास नेवी नहीं है। पाकिस्तान के पास मॉडर्न हथियार, ड्रोन, न्यूक्लियर कैपेबिलिटी और एक मज़बूत सप्लाई लाइन है। तालिबान के पास ज़्यादातर पुराने हथियार हैं।
नतीजा: पाकिस्तान के मुकाबले तालिबान की संख्या सिर्फ 1/4 है।
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