अफगानिस्तान में मारा गया इस्लामिक स्टेट खुरासान का वरिष्ठ कमांडर, कई हमलों में था शामिल
खबर सार :-
कोचा रिसालदार बम विस्फोट का मास्टरमाइंड और आतंकवादी समूह दाएश-के का वरिष्ठ कमांडर मोहम्मद एहसानी अफगानिस्तान में मार दिया गया है। इसकी जानकारी सुरक्षा सूत्रों ने दी है। मोहम्मद एहसानी कई बड़े हमलों में शामिल था साथ ही हमलावरों को प्रशिक्षण देने का भी काम करता था।
खबर विस्तार : -
इस्लामाबाद: 4 मार्च, 2022 को पाकिस्तान के पेशावर में हुए आतंकवादी हमले में शामिल आतंकवादी समूह दाएश-के (इस्लामिक स्टेट खुरासान) का एक वरिष्ठ कमांडर मोहम्मद एहसानी उर्फ अनवर अफ़ग़ानिस्तान में मारा गया। दाएश-के एक क्षेत्रीय आतंकवादी संगठन है और इस्लामिक स्टेट (आईएस) का एक हिस्सा है। यह अफ़ग़ानिस्तान, पाकिस्तान और मध्य एशिया के कुछ हिस्सों में सक्रिय है। इस आतंकवादी संगठन की स्थापना 2015 में पाकिस्तानी और अफ़ग़ान तालिबान के पूर्व सदस्यों ने की थी।
मज़ार शरीफ़ में किया गया ढेर
द एक्सप्रेस ट्रिब्यून अख़बार के अनुसार, रावलपिंडी स्थित सुरक्षा सूत्रों ने रविवार को बताया कि प्रतिबंधित आतंकवादी समूह दाएश-के का एक वरिष्ठ कमांडर मोहम्मद एहसानी उर्फ अनवर अफ़ग़ानिस्तान के मज़ार शरीफ़ में मारा गया। एहसानी ने पाकिस्तान में आतंकवाद को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाई थी। वह ताजिक आत्मघाती हमलावरों को प्रशिक्षित करने और उन्हें हमले करने के लिए सीमा पार पाकिस्तान ले जाने के लिए भी ज़िम्मेदार था।
कई बड़े हमलों में रहा शामिल
सूत्रों ने बताया कि वह पेशावर में कोचा रिसालदार बम विस्फोट का भी मास्टरमाइंड था, जिसमें 67 लोग मारे गए थे। वह 4 मार्च, 2022 को पेशावर की एक शिया मस्जिद पर हुए आत्मघाती हमले में शामिल था, जिसमें 63 लोग मारे गए थे और 190 से ज़्यादा घायल हुए थे। यह मस्जिद क़िस्सा ख़्वानी बाज़ार के कूचा रिसालदार इलाके में स्थित है। इस्लामिक स्टेट के आतंकवादी जुलिब अल-क़ाबली ने नमाज़ के दौरान पहले मस्जिद के बाहर गोलीबारी की, फिर अंदर घुसकर विस्फोटक जैकेट से खुद को उड़ा लिया।
आतंकवादी घटनाओं में आई तेजी
इस हमले के बाद पाकिस्तान में इस्लामिक स्टेट और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान जैसे आतंकवादी समूहों द्वारा हमलों की संख्या में वृद्धि हुई। यह हमला पाकिस्तान में हुए सबसे घातक हमलों में से एक था। 2021 में अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान शासकों की वापसी के बाद से, पाकिस्तान में सीमा पार आतंकवादी घटनाओं में तेज़ी से वृद्धि हुई है। तालिबान और दाएश-के के बीच वैचारिक और रणनीतिक मतभेद हैं, जो उन्हें एक-दूसरे के प्रति शत्रुतापूर्ण बनाते हैं। दाएश-के ने कई बड़े हमलों को अंजाम दिया है, जिसमें अगस्त 2021 में काबुल हवाई अड्डे पर हमला भी शामिल है, जिसमें अमेरिकी सैनिक और अफ़ग़ान नागरिक मारे गए थे।
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