Be Alert: कांगो में हैजा को लेकर सरकार ने जारी किया अलर्ट, मरीजों की संख्या पहुंची 33,000
खबर सार :-
कांगो में हैजा नामक बीमारी भयावह रूप से फैल रही है। इस बीमारी की चपेट में आने वाले लोगों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार जनवरी 2025 से अब तक 33,000 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं। इसलिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से अलर्ट जारी कर दिया गया है।
खबर विस्तार : -
किनशासाः डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी) में हैजा को लेकर सरकार ने अलर्ट जारी किया है। यहां हैजा का प्रकोप गंभीर दौर में पहुंच गया है। स्वास्थ्य मंत्री रॉजर कांबा ने बताया कि जनवरी 2025 से अब तक देशभर में 33,000 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं, जिसमें मृत्यु दर लगभग 2 प्रतिशत है। यह आंकड़ा साल 2024 में पूरे साल के 31,749 मामलों से बहुत अधिक है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, हैजा की बीमारी अब देश के 26 में से 17 प्रांतों में फैल चुकी है, जो एक दिन पहले 14 प्रांतों में थी। कांगो की राजधानी किनशासा में 1.7 मिलियन से अधिक लोग रहते हैं। यहां हर सप्ताह करीब 130 नए मामले सामने आ रहे हैं, जिनमें से कई घातक साबित हो रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने अलर्ट जारी कहते हुए कहा कि बीमारी तेजी से फैल रही है। इसलिए सरकार की ओर से किनशासा में नए उपचार केंद्र खोलने और मरीजों को मुफ्त इलाज देने की घोषणा की जा चुकी है। यही नहीं, इस देश में मंकीपॉक्स यानी एमपॉक्स के मामले भी लगातार बढ़ रहे हैं, जिसे 'गंभीर स्वास्थ्य संकट' बताया जा रहा है।
कांगो सरकार ने 5 मई को की थी आधिकारिक घोषणा
डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो यानी डीआरसी की सरकार ने 5 मई 2025 को हैजा के प्रकोप की आधिकारिक घोषणा की थी। यह घोषणा तब की गई जब देश के कई प्रांतों में प्रयोगशाला जांच के जरिए हैजा के मामलों की पुष्टि हुई थी। डब्ल्यूएचओ के आंकड़ों पर गौर करें, तो हाल के वर्षों में हैजा के मामलों की संख्या लगातार बढ़ी है। वर्ष 2023 में, 45 देशों से डब्ल्यूएचओ को 535,321 मामले और 4,007 मौतें बताई गई थीं। यही नहीं, इनमें कई मामले तो निगरानी की कमी और व्यापार-पर्यटन पर प्रभाव के डर से दर्ज ही नहीं हो पाते हैं। सरकार और स्वास्थ्य संगठन हैजा को नियंत्रित करने के लिए तेजी से काम कर रहे हैं, लेकिन स्वच्छ पानी और स्वच्छता सुविधाओं में सुधार बहुत जरूरी है।
जानें क्या होता है हैजा
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, दस्त के गंभीर संक्रमण को हैजा कहते हैं, जो वाइब्रियो कोलेरे नामक बैक्टीरिया से दूषित भोजन या पानी का सेवन करने के कारण होता है। यह एक वैश्विक जन स्वास्थ्य खतरा है और सामाजिक, आर्थिक विकास की कमी व असमानता को भी दिखाता है। हैजा और दूषित पानी से होने वाली अन्य बीमारियों को रोकने के लिए स्वच्छ जल, बुनियादी स्वच्छता और हाइजीन का होना जरूरी है।
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