सुलतानपुर: बल्दीराय क्षेत्र पंचायत में विकास की बयार, 26.56 करोड़ का बजट पास, जानें किन कार्यों को मिली मंजूरी
खबर सार :-
सुलतानपुर के बल्दीराय क्षेत्र पंचायत में 26.56 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट पास हुआ। सड़क, नाली निर्माण और 110 विकास प्रस्तावों को मिली हरी झंडी।
खबर विस्तार : -
सुलतानपुर (उत्तर प्रदेश): ग्रामीण विकास की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए सुलतानपुर जिले के बल्दीराय क्षेत्र पंचायत ने वित्तीय वर्ष के लिए अपनी कार्ययोजना को अंतिम रूप दे दिया है। बुधवार को ब्लॉक सभागार में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में 26.56 करोड़ रुपये का बजट सर्वसम्मति से पारित किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता ब्लॉक प्रमुख शिवकुमार सिंह ने की। सदन में मौजूद ग्राम प्रधानों और क्षेत्र पंचायत सदस्यों (BDC) ने क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं को मजबूती से उठाया, जिसके बाद कुल 110 विकास प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
सड़क और जल निकासी पर रहेगा विशेष जोर
बैठक के दौरान सदस्यों ने बुनियादी ढांचे के विकास पर सबसे अधिक ध्यान केंद्रित किया। चर्चा के दौरान यह बात निकलकर सामने आई कि ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा और जल निकासी (Drainage System) को सुधारना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। मंजूर किए गए प्रस्तावों में मुख्य रूप से इंटरलॉकिंग सड़कों का निर्माण, नालियों की सफाई व पक्कीकरण, और जलभराव की समस्या से निपटने के लिए बड़े नालों का निर्माण शामिल है। ब्लॉक प्रमुख शिवकुमार सिंह ने आश्वासन दिया कि इन कार्यों को समय सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाएगा।
भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार: अवैध वसूली करने वालों की खैर नहीं
बैठक में विकास कार्यों के साथ-साथ प्रशासनिक शुचिता का मुद्दा भी गरमाया। कई बीडीसी सदस्यों ने आरोप लगाया कि आवारा पशुओं को पकड़कर गौशाला भेजने के नाम पर कुछ कर्मियों द्वारा 'सुविधा शुल्क' (अवैध वसूली) की मांग की जा रही है। इस गंभीर शिकायत पर कड़ा रुख अपनाते हुए ब्लॉक प्रमुख शिवकुमार सिंह और खंड विकास अधिकारी (BDO) विमलेश कुमार त्रिवेदी ने चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा "किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार या अवैध वसूली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कोई भी कर्मचारी किसानों या जनप्रतिनिधियों से सुविधा शुल्क मांगता है, तो उसके खिलाफ तत्काल कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
पारदर्शिता और गुणवत्ता है विकास की कुंजी: ऊषा सिंह
बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जिला पंचायत अध्यक्ष ऊषा सिंह ने जनप्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि बजट का एक-एक पैसा जनता के कल्याण के लिए है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में पारदर्शिता बरती जाए और सामग्री की गुणवत्ता से कोई समझौता न हो।
विद्युत और स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण घोषणाएं
इस बैठक का केंद्र केवल निर्माण कार्य ही नहीं रहा, बल्कि आम जनमानस से जुड़ी मूलभूत सुविधाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इसी क्रम में विद्युत विभाग के एसडीओ मार्तण्ड प्रताप सिंह ने उपभोक्ताओं को जागरूक करते हुए जानकारी साझा की कि बिजली से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या या शिकायत के लिए वे विभाग की अधिकृत टोल-फ्री हेल्पलाइन 1912 का बेझिझक उपयोग कर सकते हैं। वहीं दूसरी ओर, स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधियों ने केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग टीबी (क्षय रोग) के उन्मूलन के लिए प्रतिबद्ध है और इसके मरीजों को न केवल पूरी तरह मुफ्त इलाज मुहैया कराया जा रहा है, बल्कि उपचार के दौरान बेहतर पोषण के लिए सरकार की ओर से 1000 रुपये की आर्थिक सहायता भी सीधे उनके खातों में प्रदान की जा रही है।
बैठक में उपस्थित प्रमुख व्यक्तित्व और अधिकारी
इस महत्वपूर्ण विकास बैठक का कुशल संचालन मनोज यादव द्वारा किया गया, जिसमें क्षेत्र के कई प्रतिष्ठित जनप्रतिनिधियों और उच्चाधिकारियों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। बैठक में प्रशासनिक स्तर पर बीडीओ विमलेश कुमार त्रिवेदी, एसडीओ पंचायत दयावंत सिंह, सीडीपीओ अजीत कुमार, और एपीओ मनरेगा स्मिता सिंह ने विकास योजनाओं का खाका खींचा। वहीं, जनप्रतिनिधियों में प्रधान संघ अध्यक्ष श्रीपाल पासी और जिला पंचायत सदस्य बद्रीनाथ यादव ने ग्रामीण विकास पर अपने विचार रखे। ग्राम प्रधानों की ओर से मोहम्मद सम्मू उर्फ पप्पू, दुर्गेश सिंह, राजा सिंह, सुरेश प्रजापति, अरुण प्रताप सिंह, हज़ारी लाल साहू, और हरिभान सिंह ने सक्रिय भागीदारी निभाई। इसके अतिरिक्त, संदीप पांडे, प्रधान प्रतिनिधि गुलाम हैदर उर्फ बब्बू, रानू, अतुल मिश्र, बिजेंद्र तिवारी, और बजरंग सिंह सहित बड़ी संख्या में क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने भी बैठक में हिस्सा लिया और अपने-अपने वार्डों की समस्याओं को मजबूती से सदन के पटल पर रखा। 26.56 करोड़ रुपये का यह बजट न केवल बल्दीराय के गांवों की सूरत बदलने वाला साबित होगा, बल्कि स्थानीय रोजगार और बुनियादी ढांचे को भी मजबूती देगा। अब देखना यह होगा कि धरातल पर ये योजनाएं कितनी जल्दी और प्रभावी ढंग से लागू की जाती हैं।
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