Sri Ganganagar: शुद्ध पेयजल आपूर्ति से पहले अनिवार्य जांच के निर्देश, जल जीवन मिशन कार्यों की समीक्षा
खबर सार :-
जिला कलेक्टर डॉ. अमित यादव की अध्यक्षता में जल एवं स्वच्छता मिशन की एक बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान, जल जीवन मिशन की प्रगति की समीक्षा के साथ-साथ आम जनता को स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए।
खबर विस्तार : -
श्रीगंगानगर: राजस्थान के श्रीगंगानगर में जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की बैठक जिला कलक्टर डॉ. अमित यादव की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में जल जीवन मिशन के तहत चल रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई तथा आमजन को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।
अधिकारियों को दिए निर्देश
जिला कलक्टर डॉ. यादव ने स्पष्ट रूप से कहा कि जिले के प्रत्येक नागरिक को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि किसी भी क्षेत्र में पानी की आपूर्ति से पहले उसकी गुणवत्ता की गंभीरता से जांच सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जिला प्रयोगशाला के साथ-साथ फील्ड टेस्ट किट के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में मौके पर ही पानी की जांच की जाए और नियमित अंतराल पर इसकी मॉनिटरिंग हो।
उन्होंने आगे कहा कि जिन नमूनों की जांच राज्य स्तर पर आवश्यक है, उन्हें जयपुर भेजकर परीक्षण करवाया जाए। यदि किसी क्षेत्र में पानी दूषित पाया जाता है तो वहां क्लोरीनेशन की प्रक्रिया को सही ढंग से लागू कर दोबारा सैंपलिंग की जाए, ताकि आमजन को शुद्ध जल उपलब्ध हो सके।
पेयजल कनेक्शन सुनिश्चित करने पर जोर
जिला कलक्टर ने विभाग के अभियंताओं को नियमित फील्ड विजिट करने के निर्देश दिए और कहा कि सभी फिल्टर प्लांट का निरीक्षण किया जाए। यदि कहीं कोई प्लांट खराब स्थिति में है तो उसे तत्काल ठीक कराया जाए। उन्होंने जल जीवन मिशन के तहत ‘हर घर जल’ योजना के अंतर्गत शत-प्रतिशत कवरेज वाले गांवों का प्रमाणीकरण आगामी ग्राम सभाओं में करवाने के निर्देश भी दिए।
इसके साथ ही उन्होंने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को नहरबंदी के दौरान भी जल आपूर्ति सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए। लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने, आईएमआईएस पोर्टल पर डेटा अपलोड करने तथा जिन ग्राम पंचायतों के प्रमाण पत्र शेष हैं, उन्हें जल्द प्राप्त करने के लिए भी कहा गया। स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में भी पेयजल कनेक्शन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
कई योजनाओं पर चर्चा
बैठक में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियंता विजय कुमार शर्मा ने जिले की पेयजल आपूर्ति से संबंधित रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि जिले के 2541 गांवों के लिए 702 योजनाएं स्वीकृत हैं, जिनमें से अधिकांश पर कार्य प्रगति पर है और कई योजनाएं पूर्ण भी हो चुकी हैं। इस अवसर पर विभाग के विभिन्न अधिकारी, अभियंता और जल एवं स्वच्छता मिशन के सदस्य उपस्थित रहे।
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