Sriganganagar: मॉक ड्रिल का आयोजन, आतंकी हमले की स्थिति में राहत एवं बचाव तैयारियों का परीक्षण
खबर सार :-
श्री गंगानगर में एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया इस दौरान घायलों को तत्काल राहत पहुँचाने के लिए ज़िला प्रशासन के कर्मचारी मौके पर पहुँचे। ड्रिल के बाद, ज़िला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने राहत कार्यों में शामिल विभागों के अधिकारियों के साथ-साथ सिविल डिफ़ेंस, होम गार्ड्स, स्काउट्स और स्वयंसेवकों को आवश्यक निर्देश जारी किए।
खबर विस्तार : -
श्रीगंगानगरः राजस्थान के श्रीगंगानगर जिला मुख्यालय पर कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित मॉक ड्रिल के दौरान जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन की अपनी तैयारियों का व्यापक प्रदर्शन किया। इस अभ्यास का उद्देश्य आतंकी हमले जैसी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया और राहत कार्यों की क्षमता को परखना था।
रस्सियों की मदद से निकाले गए लोग
मॉक ड्रिल के तहत कलेक्ट्रेट परिसर में अचानक बम विस्फोट की काल्पनिक सूचना दी गई, जिसके बाद पूरे प्रशासनिक अमले ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं और आग पर तुरंत काबू पाया गया।
सिविल डिफेंस की टीम ने परिसर में फंसे लोगों को रस्सियों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला। वहीं घायलों को मौके पर प्राथमिक उपचार देने के बाद एम्बुलेंस के जरिए जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार शुरू किया गया। इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारी और राहत दल आवश्यक उपकरणों के साथ सक्रिय रूप से जुटे रहे।
घटना की सूचना मिलते ही जिला कलेक्टर डॉ. अमित यादव और पुलिस अधीक्षक हरिशंकर सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे राहत अभियान की निगरानी की। मॉक ड्रिल के बाद अधिकारियों ने राहत कार्यों में लगे कर्मियों, सिविल डिफेंस, होमगार्ड, स्काउट्स और स्वयंसेवकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
सायरन बजाकर किया गया सतर्क
जिला कलेक्टर ने बताया कि इस अभ्यास के दौरान सायरन बजाकर आमजन को सतर्क किया गया और सुरक्षा की दृष्टि से ब्लैकआउट भी किया गया। साथ ही बम निरोधक दस्ते को सूचना देकर संभावित खतरे से निपटने की प्रक्रिया को भी परखा गया। उन्होंने कहा कि “किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। राहत कार्यों में देरी होने पर जान-माल का नुकसान बढ़ सकता है, इसलिए सभी विभागों को तत्पर रहना चाहिए।”
उन्होंने यह भी बताया कि यह मॉक ड्रिल ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद आपदा प्रबंधन तैयारियों का आकलन करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। कंट्रोल रूम से सूचना मिलते ही सभी संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचे और समन्वय के साथ कार्य किया।
नागरिकों से सहयोग की अपील
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि ऐसे अभ्यासों के दौरान किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराएं नहीं। नागरिकों से सहयोग की अपेक्षा करते हुए कहा गया है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें ताकि किसी भी वास्तविक आपदा के समय प्रभावी ढंग से काम किया जा सके।
मॉक ड्रिल के दौरान एडीएम प्रशासन सुभाष कुमार, एडीएम सतर्कता रीना, एएसपी रघुवीर शर्मा, एसडीएम नयन गौतम, विजय शर्मा, देवानंद सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, उनकी टीमें, सिविल डिफेंस, होमगार्ड, स्काउट्स और स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
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