श्रीगंगानगर: एलपीजी गैस की नहीं होगी कमी, कलेक्टर और एसपी ने खुद संभाला मोर्चा; कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त निर्देश
खबर सार :-
श्रीगंगानगर में एलपीजी गैस की किल्लत की खबरों के बीच जिला कलेक्टर और एसपी ने गैस एजेंसियों का औचक निरीक्षण किया। जानें क्यों आ रही है बुकिंग में दिक्कत और प्रशासन ने क्या दिए निर्देश।
खबर विस्तार : -
श्रीगंगानगर : मध्य पूर्व एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के चलते आम जनता के बीच रसोई गैस की कमी को लेकर फैली आशंकाओं पर प्रशासन ने विराम लगा दिया है। शुक्रवार को श्रीगंगानगर की जिला कलेक्टर डॉ. मंजू और जिला पुलिस अधीक्षक (SP) डॉ. अमृता दुहन ने संयुक्त रूप से शहर की गैस एजेंसियों और गोदामों का औचक निरीक्षण किया। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य गैस की कृत्रिम कमी, अवैध भंडारण और कालाबाजारी पर अंकुश लगाना है।
गैस एजेंसियों और गोदामों की सघन जांच
प्रशासनिक अमले ने पुरानी आबादी स्थित श्रीगंगानगर इंडेन गैस एजेंसी और उसके गोदाम का बारीकी से निरीक्षण किया। जांच के दौरान गोदाम में सिलेंडरों का स्टॉक संतोषजनक पाया गया। एजेंसी संचालक संजीव पूनिया ने अधिकारियों को अवगत कराया कि बॉटलिंग प्लांट से आपूर्ति निरंतर जारी है और उपभोक्ताओं को नियमानुसार गैस वितरण किया जा रहा है।
पैनिक बुकिंग से सर्वर पर बढ़ा बोझ
निरीक्षण के दौरान यह बात सामने आई कि उपभोक्ताओं में गैस खत्म होने के डर से 'पैनिक बुकिंग' (अनावश्यक होड़) मच गई है। कलेक्टर ने जब वहां मौजूद उपभोक्ताओं से बात की, तो अधिकांश ने बुकिंग न हो पाने की शिकायत की।जांच में पाया गया कि एक साथ हजारों लोगों द्वारा पोर्टल पर लॉग-इन करने के कारण सर्वर डाउन हो रहा है, जिससे बुकिंग प्रक्रिया धीमी पड़ गई है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि गैस की कोई कमी नहीं है, बल्कि सिस्टम पर बढ़ता दबाव ही समस्या की असली वजह है।
जनता से धैर्य की अपील और कालाबाजारी पर सख्त रुख
निरीक्षण के दौरान जिला कलेक्टर डॉ. मंजू ने आम जनता से सीधा संवाद करते हुए धैर्य बनाए रखने की भावुक अपील की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में आश्वस्त किया कि जिले में रसोई गैस की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और बॉटलिंग प्लांट से नियमित रूप से स्टॉक प्राप्त हो रहा है। कलेक्टर ने उपभोक्ताओं को सलाह दी कि वे केवल जरूरत पड़ने पर ही गैस की बुकिंग करें, क्योंकि अकारण और 'पैनिक बुकिंग' (घबराहट में की गई बुकिंग) के कारण गैस पोर्टल के सर्वर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इससे सर्वर की गति धीमी हो जाती है और उन वास्तविक जरूरतमंदों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है जिन्हें सिलेंडर की तत्काल आवश्यकता होती है।
प्रशासन ने केवल अपील ही नहीं की, बल्कि कालाबाजारी और अवैध संग्रहण को लेकर भी कड़े तेवर दिखाए हैं। जिला प्रशासन ने यह साफ कर दिया है कि वैश्विक परिस्थितियों के चलते उपजी अफवाहों का फायदा उठाकर यदि कोई भी गैस एजेंसी संचालक, कर्मचारी या बिचौलिया सिलेंडरों की कालाबाजारी या अवैध भंडारण करता पाया गया, तो उसके विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। ऐसे तत्वों के खिलाफ न केवल सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, बल्कि उनकी गतिविधियों पर प्रवर्तन विभाग की पैनी नजर भी बनी रहेगी। प्रशासन की इस सक्रियता का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिले के प्रत्येक नागरिक को बिना किसी बाधा के नियमित गैस आपूर्ति उपलब्ध होती रहे।
प्रशासनिक दिशा-निर्देश और भविष्य की रणनीति
जिला प्रशासन ने व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कई कड़े और प्रभावी निर्देश जारी किए हैं। जिला कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि गैस एजेंसियों को अब अपने बुकिंग काउंटरों पर अतिरिक्त स्टाफ तैनात करना होगा, ताकि वहां आने वाले उपभोक्ताओं को बुकिंग की प्रक्रिया और सिलेंडर की उपलब्धता के संबंध में सही व सटीक जानकारी मिल सके और अनावश्यक भ्रम की स्थिति पैदा न हो। इसके साथ ही, जिला रसद अधिकारी (DSO) को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे विभिन्न संचार माध्यमों से जागरूकता अभियान चलाएं और आमजन को गैस बुकिंग के वैकल्पिक तरीकों व आपूर्ति की वर्तमान स्थिति से निरंतर अवगत कराते रहें।
अधिकारियों ने गैस एजेंसी संचालकों को सख्त हिदायत दी है कि वे वर्तमान चुनौतीपूर्ण समय में उपभोक्ताओं के साथ बेहद संयमित, धैर्यपूर्वक और शालीन व्यवहार अपनाएं। निरीक्षण की इस पूरी कार्रवाई के दौरान अतिरिक्त जिला कलेक्टर (प्रशासन) सुभाष कुमार, कार्यवाहक जिला रसद अधिकारी श्रीमती पूजा अग्रवाल और प्रवर्तन विभाग का पूरा स्टाफ मुस्तैद रहा। प्रशासन की इस त्वरित सक्रियता और कड़े रुख को देखते हुए यह उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में जिले की गैस वितरण व्यवस्था पूरी तरह सुचारू हो जाएगी और आम जनता को हो रही परेशानियों से निजात मिलेगी।
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