प्रयागराज में CM योगी ने किया महाशय मसुरियादीन पासी की प्रतिमा का अनावरण

खबर सार :-

प्रयागराज के तेलियरगंज में CM योगी आदित्यनाथ ने स्वतंत्रता सेनानी महाशय मसुरियादीन पासी की प्रतिमा का अनावरण किया। चौराहे का नामकरण और एक संस्था का नाम उनके नाम पर रखने का प्रस्ताव मांगा गया।
प्रयागराज: मसुरियादीन पासी की प्रतिमा का CM योगी ने किया अनावरण

खबर विस्तार : -

प्रयागराज: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को प्रयागराज के तेलियरगंज चौराहे पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, संविधान सभा के सदस्य और पूर्व सांसद महाशय मसुरियादीन पासी की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उनके स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान और ब्रिटिश शासन के दौरान लागू किए गए जरायम पेशा कानून के खिलाफ संघर्ष को याद किया। उन्होंने घोषणा की कि जिस चौराहे पर प्रतिमा स्थापित की गई है, उसका नाम महाशय मसुरियादीन पासी के नाम पर रखा जाएगा। इसके लिए मुख्यमंत्री ने महापौर से प्रस्ताव तैयार करने को कहा। साथ ही प्रयागराज की किसी एक प्रतिष्ठित संस्था का नाम भी उनके नाम पर रखने और वहां उनकी भव्य प्रतिमा स्थापित करने की बात कही।

आजादी की लड़ाई में नौ साल जेल में रहे मसुरियादीन पासी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महाशय मसुरियादीन पासी ने देश की आजादी के लिए संघर्ष किया और इस दौरान उन्हें जेल भी जाना पड़ा। मुख्यमंत्री के अनुसार, अपने जीवनकाल में उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान करीब नौ वर्ष जेल में बिताए। रिहा होने के बाद भी वह जनजागरण के कार्यों में सक्रिय रहे और लोगों को आजादी के आंदोलन से जोड़ने का प्रयास करते रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि महापुरुषों को सम्मान देना समाज और राष्ट्र के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि अतीत को सम्मान देकर वर्तमान को बेहतर बनाया जा सकता है और मजबूत वर्तमान ही उज्ज्वल भविष्य की नींव रखता है। उन्होंने आश्वस्त किया कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और समाज के लिए योगदान देने वाले महापुरुषों के सम्मान में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।

1952 से 1972 तक चार बार संसद पहुंचे

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बताया कि महाशय मसुरियादीन पासी वर्ष 1946 में उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य बने थे। स्वतंत्र भारत में उन्होंने वर्ष 1952 से 1972 के बीच चार बार संसद में प्रतिनिधित्व किया। मुख्यमंत्री के अनुसार, वर्ष 1952 में जब एक संसदीय क्षेत्र से दो सांसद चुने जाते थे, तब पंडित जवाहरलाल नेहरू और महाशय मसुरियादीन पासी एक साथ संसद के लिए निर्वाचित हुए थे। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महाशय मसुरियादीन पासी ने ब्रिटिश शासन के दौरान लागू किए गए जरायम पेशा कानून के खिलाफ आवाज उठाई थी। वर्ष 1871 में अंग्रेजों द्वारा बनाए गए इस कानून के तहत कई समुदायों को अपराध से जोड़कर देखा जाता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर और महाशय मसुरियादीन पासी ने ऐसे भेदभावपूर्ण प्रावधानों के खिलाफ संघर्ष किया। उन्होंने इस कानून को समाप्त कराने और वंचित समुदायों को सम्मानजनक जीवन का अवसर दिलाने में उनके योगदान को रेखांकित किया।

पासी समाज के ऐतिहासिक योगदान का किया उल्लेख

मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में पासी समाज के शौर्य और ऐतिहासिक योगदान का भी उल्लेख किया। उन्होंने महाराजा बिजली पासी का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने 12वीं सदी में लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में कई किलों का निर्माण कराया था। मुख्यमंत्री ने वीर मक्का पासी और वीरांगना ऊदा देवी के बलिदान को भी याद किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने लखनऊ स्थित महाराजा बिजली पासी के किले के पुनरुद्धार का कार्य कराया है। साथ ही वीरांगना ऊदा देवी के नाम पर पीएसी बटालियन गठित करने और उनकी अश्वारोही प्रतिमा स्थापित करने की पहल का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश और समाज के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले महापुरुषों तथा वंचित वर्गों की आवाज उठाने वाले लोगों को उचित सम्मान दिया जाना चाहिए।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार महापुरुषों की स्मृतियों को जीवंत बनाए रखने के लिए उनके सम्मान में विभिन्न कार्य कर रही है। उनके अनुसार, ऐतिहासिक योगदान को याद रखना आने वाली पीढ़ियों को अपने स्वतंत्रता सेनानियों और सामाजिक परिवर्तन के लिए संघर्ष करने वाले व्यक्तित्वों से परिचित कराने का माध्यम है।

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने दी श्रद्धांजलि

कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी महाशय मसुरियादीन पासी की प्रतिमा के अनावरण को महत्वपूर्ण अवसर बताया। उन्होंने उनके योगदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि सरकार महापुरुषों के सम्मान और गरीबों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। महाशय मसुरियादीन पासी के पौत्र सचिन कुमार ने भी कार्यक्रम को प्रयागराज, उत्तर प्रदेश और देश के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने अपने दादा के संघर्षों और सामाजिक योगदान को याद किया तथा प्रतिमा स्थापित करने के लिए सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि महापुरुषों की स्मृतियों को संरक्षित करने से समाज को उनके योगदान के बारे में जानने का अवसर मिलता है।

कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद

प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री और प्रयागराज के प्रभारी मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, फूलपुर के सांसद प्रवीण पटेल, महापौर उमेश चंद्र गणेश केसरवानी सहित कई विधायक, जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में महाशय मसुरियादीन पासी के परिवार के सदस्य और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी शामिल हुए।

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