शिक्षामित्रों के मानदेय में वृद्धि का ऐलान, समारोह में लाइव प्रसारण के साथ सम्मान कार्यक्रम आयोजित
खबर सार :-
राज्य सरकार द्वारा शिक्षामित्रों का मानदेय ₹10,000 से बढ़ाकर ₹18,000 करने के निर्णय का सीधा प्रसारण सभी शिक्षामित्रों की उपस्थिति में देखा गया। वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
खबर विस्तार : -
शाहजहांपुरः गन्ना शोध परिषद के प्रेक्षागृह में आयोजित ‘शिक्षामित्र सम्मान समारोह’ में शिक्षामित्रों के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा का साक्षी बना। कार्यक्रम के दौरान प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षामित्रों के मानदेय को 10,000 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये किए जाने के निर्णय का सजीव प्रसारण किया गया, जिसे उपस्थित शिक्षामित्रों ने उत्साहपूर्वक देखा। इस अवसर पर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना की गरिमामयी उपस्थिति रही।
वितरित किए गए चेक
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबोधन का सीधा प्रसारण भी किया गया। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने शिक्षामित्रों की भूमिका को बच्चों के भविष्य निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि प्राथमिक शिक्षा की नींव मजबूत करने में शिक्षामित्रों का योगदान सराहनीय है और उन्हें अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, समर्पण और जिम्मेदारी के साथ करना चाहिए।
समारोह के दौरान मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने प्रतीकात्मक रूप से शिक्षामित्रों को मानदेय वृद्धि के चेक वितरित किए। इस दौरान शिक्षामित्रों में खुशी और उत्साह का माहौल देखने को मिला। लंबे समय से मानदेय वृद्धि की मांग कर रहे शिक्षामित्रों के लिए यह निर्णय राहत भरा साबित हुआ है।
जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने किया संबोधित
कार्यक्रम में शिक्षा क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘अरुणोदय’ नामक विद्यार्थी नेतृत्व आधारित प्रार्थना सभा गतिविधि कैलेंडर का भी विमोचन किया गया। यह कैलेंडर आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 से परिषदीय विद्यालयों में लागू किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देना है, जिससे वे न केवल शैक्षणिक बल्कि व्यवहारिक और नैतिक रूप से भी सशक्त बन सकें।
जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने इस अवसर पर कहा कि जिला प्रशासन शिक्षामित्रों के योगदान का सम्मान करता है और उनके हितों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार के लिए सभी स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं, जिसमें शिक्षामित्रों की भूमिका अहम है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षामित्रों की उपस्थिति रही, जिन्होंने इस निर्णय का स्वागत किया और सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। पूरे आयोजन के दौरान सकारात्मक माहौल बना रहा और शिक्षामित्रों में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार देखने को मिला।
यह निर्णय न केवल शिक्षामित्रों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि राज्य की प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में भी अहम माना जा रहा है।
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