रामपुर में पुलिस व्यवस्था की समीक्षा और प्रशिक्षण पर जोर, एसपी का थाना भोट निरीक्षण, रिक्रूट महिला आरक्षियों के साथ पैदल मार्च
खबर सार :-
रामपुर में पुलिस अधीक्षक ने थाना भोट का वार्षिक निरीक्षण कर अभिलेखों और व्यवस्थाओं की समीक्षा की। वहीं अपर पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में महिला रिक्रूट आरक्षियों के साथ पैदल मार्च निकाला गया। दोनों गतिविधियों का उद्देश्य अनुशासन, प्रशिक्षण और कार्यकुशलता बढ़ाना रहा।
खबर विस्तार : -
रामपुर : पुलिस प्रशासन ने एक ही दिन में दो अहम गतिविधियों के जरिए कानून व्यवस्था, आंतरिक अनुशासन और प्रशिक्षण को मजबूत करने का संदेश दिया। पुलिस अधीक्षक रामपुर ने थाना भोट का वार्षिक निरीक्षण किया। वहीं अपर पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में रिक्रूट महिला आरक्षियों के साथ पैदल मार्च आयोजित किया गया।
पुलिस अधीक्षक रामपुर ने क्षेत्राधिकारी बिलासपुर के साथ थाना भोट का औचक वार्षिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान थाना कार्यालय में रखे अपराध रजिस्टर, त्योहार रजिस्टर, मालखाना रजिस्टर, विवेचना रजिस्टर और फ्लाई शीट की बारीकी से जांच की गई। प्रविष्टियों की गुणवत्ता, अद्यतन स्थिति और रख रखाव पर विशेष ध्यान दिया गया। अभिलेखों को व्यवस्थित और समयबद्ध रखने के निर्देश दिए गए। थाना परिसर में स्थित कार्यालय, मालखाना, हवालात, कंप्यूटर कक्ष, मिशन शक्ति केंद्र और साइबर सेल का भी निरीक्षण हुआ। साफ सफाई और व्यवस्थाओं में सुधार को लेकर संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि स्वच्छ और सुव्यवस्थित कार्यस्थल से कार्यकुशलता बढ़ती है और जनता में भरोसा मजबूत होता है।
निरीक्षण के बाद थाना स्तर पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें पुलिस कर्मियों के व्यक्तिगत जीवन, पारिवारिक संतुलन, मानसिक स्वास्थ्य और कार्य जीवन संतुलन जैसे विषयों पर चर्चा की गई। यक्ष एप के उपयोग और उसके लाभों की जानकारी दी गई। पुलिस अधीक्षक ने कर्मियों से संवाद कर उनकी समस्याएं भी सुनीं और समाधान के लिए मार्गदर्शन दिया।

इसी दिन रामपुर पुलिस लाइन से महिला रिक्रूट आरक्षियों के साथ पैदल मार्च निकाला गया। मार्च का नेतृत्व अपर पुलिस अधीक्षक अनुराग सिंह और क्षेत्राधिकारी लाइन ने किया। मार्च पुलिस लाइन से शुरू होकर मोरी गेट, एकता चौकी, मंडी चौकी होते हुए वापस पुलिस लाइन पहुंचा। इस पैदल मार्च का उद्देश्य महिला रिक्रूट आरक्षियों में अनुशासन, शारीरिक क्षमता, आत्मविश्वास और टीम भावना का विकास करना था। मार्च के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक ने महिला आरक्षियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कर्तव्यनिष्ठा, जनसेवा और संयम के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस सेवा में धैर्य और संवेदनशीलता सबसे बड़ी ताकत होती है। इन दोनों गतिविधियों से स्पष्ट है कि रामपुर पुलिस प्रशासन न केवल प्रशासनिक निगरानी पर ध्यान दे रहा है, बल्कि नई भर्ती कर्मियों के प्रशिक्षण और मानसिक सशक्तिकरण को भी प्राथमिकता दे रहा है।
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