शाहजहांपुर: रामचंद्र मिशन आश्रम में अध्यात्म का महाकुंभ, 12 फरवरी से शुरू होगा भव्य बसंत उत्सव
खबर सार :-
शाहजहांपुर के रामचंद्र मिशन आश्रम में 12 फरवरी से बसंत उत्सव का भव्य आयोजन होने जा रहा है। 50 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित इस महोत्सव में देश-विदेश से लाखों साधक जुटेंगे।
खबर विस्तार : -
शाहजहांपुर: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर की धरती एक बार फिर वैश्विक आध्यात्मिक चेतना का केंद्र बनने जा रही है। श्री रामचंद्र मिशन आश्रम के 50 गौरवशाली वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर इस वर्ष 'बसंत उत्सव' को बेहद खास अंदाज में मनाया जा रहा है। गुरुदेव कमलेश डी. पटेल, जिन्हें अनुयायी प्यार से 'दाजी' कहते हैं, उनके मार्गदर्शन में यह महोत्सव 12 फरवरी से शुरू होकर 2 मार्च तक चलेगा।
पाँच सत्रों में सजेगी साधना की महफिल
इस बार का बसंत उत्सव केवल एक आयोजन मात्र नहीं है, बल्कि यह आधा दशक लंबी आध्यात्मिक यात्रा का उत्सव है। आश्रम समिति के मुख्य पदाधिकारी माधव अग्रवाल ने बताया कि इस बार उत्सव को पाँच अलग-अलग सत्रों में बांटा गया है। इसका उद्देश्य यह है कि देश-विदेश से आने वाले लाखों साधक बिना किसी असुविधा के ध्यान और साधना का आनंद ले सकें। 20 दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम में सामूहिक ध्यान, आध्यात्मिक प्रवचन और साधकों के निजी अनुभवों को साझा करने जैसे कई सत्र होंगे। इसके अलावा, शाम के समय सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए भारतीय विरासत की झलक भी देखने को मिलेगी।
देश-विदेश से जुटेंगे लाखों श्रद्धालु
शाहजहांपुर का यह आश्रम आने वाले दिनों में एक 'मिनी वर्ल्ड' जैसा नजर आएगा। मिशन से जुड़े लाखों अनुयायी अमेरिका, यूरोप और एशिया के विभिन्न देशों से यहाँ पहुँच रहे हैं। आश्रम प्रशासन का अनुमान है कि इस बार भीड़ पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ सकती है। साधकों के रुकने के लिए आश्रम परिसर में ही पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इतनी बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति को देखते हुए व्यवस्थाएं भी चाक-चौबंद की गई हैं। रसोई में अत्याधुनिक मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि स्वच्छता के साथ शुद्ध और सात्विक भोजन तैयार किया जा सके। माधव अग्रवाल ने कहा कि हमारी प्राथमिकता है कि यहाँ आने वाला हर व्यक्ति शांति और सुकून के साथ अपनी साधना पूरी कर सके।
50 वर्षों की साधना का जीवंत प्रतीक
यह महोत्सव श्री रामचंद्र जी महाराज द्वारा रोपे गए उस बीज के विशाल वटवृक्ष बनने की कहानी कहता है, जिसने पिछले 50 सालों में करोड़ों लोगों को मानसिक शांति और जीवन जीने का सही तरीका सिखाया है। आश्रम को दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है और चारों तरफ सकारात्मक ऊर्जा महसूस की जा सकती है। यह बसंत उत्सव न केवल नियमित साधकों के लिए, बल्कि तनाव भरी जिंदगी जी रहे आम लोगों के लिए भी शांति का मार्ग प्रशस्त करेगा। अगर आप भी ध्यान और मानसिक शांति की तलाश में हैं, तो यह आयोजन एक बेहतरीन मौका साबित हो सकता है।
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