Pilibhit: किसान संगठन पूरनपुर कोतवाली का करेंगे घेराव, आंदोलन की चेतावनी
खबर सार :-
पीलीभीत में गेहूं खरीद की धीमी गति के विरोध में, किसान संगठनों ने घोषणा की है कि वे शुक्रवार को पूरनपुर कोतवाली का घेराव करेंगे और सामूहिक गिरफ्तारी देंगे। किसानों ने इस मुद्दे पर आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है।
खबर विस्तार : -
पीलीभीतः गेहूं खरीद की धीमी गति और प्रशासन के कथित रवैये के विरोध में किसान संगठनों ने शुक्रवार को पूरनपुर कोतवाली का घेराव करने और सामूहिक गिरफ्तारी देने की घोषणा की है। किसानों ने इसे आर-पार की लड़ाई बताते हुए आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है।
प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप
किसानों का आरोप है कि जिले की विभिन्न मंडियों और सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद लगभग ठप पड़ी है, जिसके कारण वे अपनी उपज बेचने के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। कई क्रय केंद्रों पर ताले लगे होने से स्थिति और गंभीर हो गई है, जिससे किसानों की आर्थिक परेशानी लगातार बढ़ रही है।
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के प्रदेश सचिव स्वराज सिंह और भाकियू (चंढूनी) के जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह ने संयुक्त वीडियो जारी कर प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि किसानों का गेहूं नहीं खरीदा जा रहा, जबकि दूसरी ओर जब किसान संगठन अपनी समस्याओं को लेकर आवाज उठाते हैं तो उन्हें रोका जाता है और दबाव बनाया जाता है।
किसान नेताओं ने आरोप लगाया है कि प्रशासन लोकतांत्रिक विरोध को दबाने का प्रयास कर रहा है और किसानों के प्रतिनिधियों पर फर्जी मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति किसानों के साथ अन्याय है और इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
आंदोलन की चेतावनी
स्वराज सिंह ने स्पष्ट कहा कि अब किसान चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने बताया कि शुक्रवार सुबह 9 बजे हजारों की संख्या में किसान पूरनपुर कोतवाली पहुंचेंगे और शांतिपूर्ण तरीके से गिरफ्तारी देंगे। उनका कहना है कि यह आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक तरीके से होगा, लेकिन अब पीछे हटने का सवाल नहीं है।
संयुक्त किसान संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है। किसानों ने पुलिस और जिला प्रशासन को भी इसकी जानकारी दे दी है और अपनी तैयारी पूरी रखने की बात कही है।
प्रशासन अलर्ट
इस पूरे घटनाक्रम के चलते प्रशासन ने भी सतर्कता बढ़ा दी है। पूरनपुर क्षेत्र में पुलिस बल को अलर्ट पर रखा गया है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जा रही है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
गेहूं खरीद को लेकर यह विवाद अब जिले की राजनीति में भी गर्माहट पैदा कर रहा है। एक तरफ सरकार शत-प्रतिशत खरीद के दावे कर रही है, वहीं दूसरी तरफ किसानों का यह विरोध जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े कर रहा है। आने वाले दिनों में यह आंदोलन और बड़ा रूप ले सकता है।
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