मेजा बांध में दर्दनाक हादसा, नहाने गए मामा-भांजे की डूबकर मौत
खबर सार :-
रविवार को मंडल क्षेत्र के पास स्थित मेजा बांध पर एक हृदयविदारक हादसा हुआ, जिससे पूरा इलाका दहल गया। एक चाचा और उनका भतीजा, जो तैरने के लिए गए थे, पलक झपकते ही गहरे पानी में समा गए, जिसके परिणामस्वरूप उनकी दुखद मृत्यु हो गई।
खबर विस्तार : -
भीलवाड़ाः भीलवाड़ा जिले के मांडल क्षेत्र स्थित मेजा बांध में रविवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया, जिसने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। नहाने गए मामा-भांजे की डूबने से मौत हो गई। यह घटना उस समय हुई जब दोनों पानी की गहराई का अंदाजा नहीं लगा सके और अचानक गहरे हिस्से में चले गए।
तेज बहाव के चलते हुआ हादसा
मृतकों की पहचान डालचंद पुत्र भगवान लाल विश्नोई और उनके भांजे भेरूलाल पुत्र कैलाश विश्नोई के रूप में हुई है। दोनों रविवार को मेजा बांध पर नहाने पहुंचे थे। शुरुआत में सब कुछ सामान्य था, लेकिन कुछ ही देर में स्थिति भयावह हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों ने खुद को बचाने के लिए काफी प्रयास किया, लेकिन पानी की अधिक गहराई और तेज बहाव के कारण वे संभल नहीं सके।
घटना के दौरान “बचाओ-बचाओ” की आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग तुरंत मौके पर पहुंचे, लेकिन गहरे पानी के कारण कोई भी अंदर उतरने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा और बचाव कार्य शुरू किया गया। गोताखोरों को बुलाया गया, जिन्होंने करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दोनों के शव पानी से बाहर निकाले।
स्थानीय लोगों ने लापरवाही का लगाया आरोप
शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। जैसे ही हादसे की सूचना परिजनों को मिली, परिवार में कोहराम मच गया। माता-पिता और अन्य परिजन घटनास्थल पर पहुंचकर बदहवास हो गए। पूरे गांव में शोक का माहौल है और हर ओर मातम पसरा हुआ है।
इस दर्दनाक हादसे के बाद मेजा बांध की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बांध क्षेत्र में न तो पर्याप्त चेतावनी बोर्ड लगे हैं और न ही सुरक्षा के ठोस इंतजाम किए गए हैं। ऐसी लापरवाही के कारण पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से ठोस कदम नहीं उठाए गए।
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे गहरे पानी वाले क्षेत्रों में जाने से बचें और सावधानी बरतें, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
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