हिमाचल में मानसून सक्रिय, 16 अगस्त तक भारी बारिश की चेतावनी, कई जिलों में अलर्ट
खबर सार :-
हिमाचल प्रदेश में मानसून सक्रिय है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। लगातार बारिश से भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है और बुनियादी सुविधाओं पर भी असर पड़ा है।
खबर विस्तार : -
शिमला: हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। कल रात शिमला समेत राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई। मौसम विभाग ने अनुमान लगाया है कि बारिश का यह दौर 16 अगस्त तक जारी रहेगा। आज और कल (11 अगस्त) कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके बाद, 14 से 16 अगस्त के बीच कई इलाकों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। लगातार बारिश से भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है, जिससे कई सड़कें, बिजली ट्रांसफार्मर और पीने के पानी की सप्लाई योजनाएं प्रभावित हुई हैं।
पिछले 24 घंटों में धर्मशाला में सबसे ज्यादा 60 मिमी बारिश दर्ज की गई। अच्छी बारिश वाले अन्य इलाकों में अर्की (सोलन जिला) में 50 मिमी; थियोग (शिमला जिला), पोंटा साहिब (सिरमौर) और शिमला शहर में 40-40 मिमी; और जोगिंदरनगर (मंडी जिला) में 40 मिमी बारिश शामिल है। शिमला के जुब्बरहट्टी एयरपोर्ट, शिमला AWS (ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन), घगहस (बिलासपुर), शिलारू (शिमला जिला), सराहन (सिरमौर), कटाउला (मंडी) और बिजाही (मंडी) में 30 मिमी बारिश दर्ज की गई।
कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, 11 अगस्त को कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिलों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया है। ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, शिमला और सोलन के लिए 'येलो अलर्ट' जारी है। 12 अगस्त को बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा, मंडी, सोलन और सिरमौर के लिए भारी बारिश का 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है। 13 अगस्त को बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, कांगड़ा और मंडी के लिए 'येलो अलर्ट' लागू रहेगा। 14 अगस्त को हमीरपुर, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है। 15 और 16 अगस्त को भी राज्य के कई जिलों में 'येलो अलर्ट' लागू रहेगा। बारिश का असर राज्य की सड़कों और बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर पर साफ़ दिख रहा है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के सोमवार सुबह के आंकड़ों के अनुसार, भूस्खलन के कारण राज्य भर में 124 सड़कें बंद हैं। इसके अलावा, 255 बिजली ट्रांसफार्मर और 17 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं।
यह भी पढ़ेंः- Karnataka Landslide: शिवमोग्गा में भूस्खलन से उजड़ गया पूरा परिवार
मंडी जिले में सबसे ज्यादा 51 सड़कें बंद, 245 ट्रांसफार्मर खराब
मंडी जिले में सबसे ज्यादा सड़कें बंद हैं, जहां 51 सड़कें अवरुद्ध हैं। अन्य प्रभावित क्षेत्रों में कुल्लू (39 सड़कें बंद), शिमला (13), चंबा (7), सिरमौर (6), कांगड़ा (5) और ऊना (3) शामिल हैं। बिजली आपूर्ति पर भी मंडी जिले में सबसे ज्यादा असर पड़ा है, जहां 245 ट्रांसफार्मर खराब हो गए हैं। इससे जिले के कई उप-मंडलों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई है; अकेले जोगिंदरनगर उप-मंडल में ही ऐसे 162 खराब ट्रांसफार्मर हैं। पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं; शिमला में 12 और हमीरपुर के बरसर इलाके में पांच योजनाएं फिलहाल ठप पड़ी हैं।
शिमला में चमियाना फोर-लेन हाईवे के पास भूस्खलन
इस बीच, राजधानी शिमला में चमियाना फोर-लेन हाईवे के पास भूस्खलन के कारण सड़क पर मलबा जमा हो गया, जिससे यातायात बाधित हुआ। सूचना मिलने पर पुलिस ने लोक निर्माण विभाग को सूचित किया। इसके बाद विभाग की मशीनरी मौके पर पहुंची और मलबा हटाने का काम शुरू हुआ। सड़क को बहाल करने के प्रयास जारी हैं। पुलिस ने मौके पर यातायात प्रबंधन के लिए जरूरी इंतजाम किए हैं और वाहन चालकों को सावधानी बरतने तथा पुलिस कर्मियों के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।
इस मानसून में 155 मौतें और 835 करोड़ रुपये का नुकसान
हिमाचल प्रदेश में 30 जून से शुरू हुए इस मानसून सीजन के दौरान बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक 155 लोगों की जान जा चुकी है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के आंकड़ों से पता चलता है कि अब तक राज्य को लगभग 835 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। कुल 155 मौतों में से 87 लोगों की जान सड़क दुर्घटनाओं में गई, जबकि 14 लोगों की मौत भूस्खलन के कारण हुई। एक व्यक्ति की मौत अचानक आई बाढ़ (फ्लैश फ्लड) के कारण हुई। चार लोगों की जान बह जाने से गई। छह लोगों की मौत बिजली का करंट लगने से हुई। तेईस लोगों की मौत पहाड़ी ढलानों पर फिसलने, पेड़ों से गिरने और बारिश से जुड़ी अन्य दुर्घटनाओं में हुई।
यह भी पढ़ेंः- मध्य प्रदेश में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, भोपाल सहित कई जिलों में स्कूल बंद
अन्य प्रमुख खबरें
-
यूपी ट्रेड शो में ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों का होगा शानदार प्रदर्शन
2026-09-24
-
ओडिशा में भारी बारिश और भूस्खलन, कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात
2026-09-24
-
मिशन शक्ति अभियान: छात्राओं को किया जागरूक
2026-09-24
-
पितृपक्ष मेले के लिए गयाजी तैयार, देश-विदेश से आएंगे तीर्थयात्री
2026-09-24
-
शोध लेखन और कार्ययोजना पर हुआ मंथन, कार्यशाला का आयोजन
2026-09-24
-
अहमदाबाद में 5 रुपये में करें मेट्रो फीडर बसों में यात्रा, 2 रूट शुरू
2026-09-24
-
नाबालिग लड़की से बदसलूकी पर बवाल, चार आरोपी गिरफ्तार
2026-09-24
-
भागलपुर में बाढ़ से नष्ट हुईं फसलें, पशुपालकों के सामने चारे का संकट
2026-09-24
-
CM मोहन यादव का ऐलान, सिंहस्थ सेवादूतों के लिए बनेगा ट्रेनिंग सेंटर
2026-09-24
-
MP में 25 सितंबर को नितिन गडकरी यात्री बसों को दिखाएंगे हरी झंडी
2026-09-24
-
झांसी स्मार्ट सिटी परियोजनाओं की समीक्षा, राजस्व और सुविधाओं पर जोर
2026-09-23
-
UP विधान परिषद में नेतृत्व परिवर्तन, लाल बिहारी यादव का इस्तीफा
2026-09-23
-
24 सितंबर से हिमाचल में बदलेगा मौसम, भारी बारिश की चेतावनी
2026-09-23
-
यूपी में अगले 5 दिन तक बारिश का अनुमान, गर्मी-उमस से मिलेगी राहत
2026-09-23
-
रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में पेयजल व्यवस्था पर सख्त नियम लागू
2026-09-23