हिमाचल विधानसभा का मानसून सत्र आज से, शिमला में सुरक्षा व ट्रैफिक व्यवस्था कड़ी

खबर सार :-

हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र शुक्रवार से शुरू हो रहा है। शहर की सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए विधानसभा परिसर व आसपास के क्षेत्र को तीन मुख्य सेक्टरों में बांटा गया है।
हिमाचल विधानसभा सत्र के लिए 750 पुलिस कर्मी तैनात, शहर में बढ़ी निगरानी

खबर विस्तार : -

शिमला: हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र आज से शुरू हो रहा है। मानसून सत्र को देखते हुए शिमला में सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस के मुताबिक, लगभग 750 पुलिसकर्मी और अन्य सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। 

सुरक्षा के नजरिए से, विधानसभा परिसर और आसपास के इलाकों को तीन मुख्य सेक्टर और कई सब-सेक्टर में बांटा गया है। इन इलाकों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है और लोगों व गाड़ियों की आवाजाही पर नजर रखने के लिए कई स्तरों वाली चेकिंग व्यवस्था लागू की गई है।

बाहर से आने वाले वाहनों पर कड़ी नजर 

पुलिस शहर में बाहर से आने वाले लोगों और गाड़ियों पर भी कड़ी नजर रख रही है। शिमला में घुसने के मुख्य रास्तों, जैसे कि शोगी, मेहली, मशोबरा-ढल्ली बाईपास और तावी मोड़ पर चेकिंग की जा रही है। पुलिस संदिग्ध गतिविधियों और संदिग्ध लोगों की आवाजाही पर नजर रख रही है। जरूरत पड़ने पर सेशन के दौरान इन जगहों पर सुरक्षा इंतजाम और कड़े किए जा सकते हैं। रात में चेकिंग और पेट्रोलिंग भी बढ़ा दी गई है। शिमला शहर के अलग-अलग होटलों, सराय और ठहरने की दूसरी जगहों पर भी जांच-पड़ताल की जा रही है। पुलिस का इंटेलिजेंस नेटवर्क भी एक्टिव रखा गया है; सुरक्षा से जुड़ी संभावित चुनौतियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है और लगातार उसका आकलन किया जा रहा है।

BJP ने सरकार को घेरने के लिए कई मुद्दे तैयार किए

उम्मीद है कि पहले दिन से ही सदन में राजनीतिक माहौल गरमा जाएगा। विपक्षी पार्टी BJP ने सरकार को घेरने के लिए कई मुद्दे तैयार किए हैं; इनमें सबसे अहम मुद्दा BJP विधायकों और नेताओं के खिलाफ दर्ज मामले और चल रही जांच है। हाल के दिनों में, BJP विधायक सुधीर शर्मा और भरमौर के विधायक डॉ. जनक राज से जुड़े मामलों को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। BJP का आरोप है कि सरकार राजनीतिक बदले की भावना से काम कर रही है, जबकि सरकार ने इन आरोपों का हमेशा खंडन किया है। नतीजतन, सत्र के पहले दिन ही सदन में तीखी बहस और हंगामे की संभावना है। 14वीं विधानसभा का यह सत्र 3 सितंबर तक चलेगा और इसमें कुल 10 बैठकें होंगी।

पहले दिन दो पूर्व विधायकों को श्रद्धांजलि

सत्र की पहली बैठक सुबह 11 बजे शुरू होगी। शुरुआत में, पूर्व विधायकों स्वर्गीय विजेंद्र सिंह और राम चंद भाटिया के निधन पर शोक व्यक्त करने के लिए सदन में श्रद्धांजलि प्रस्ताव पेश किया जाएगा। इसके बाद प्रश्नकाल होगा। विधायकों ने सरकार से जवाब पाने के लिए बड़ी संख्या में सवाल जमा किए हैं; विधानसभा सचिवालय को कुल 1,036 सवाल मिले हैं, जिनमें 787 तारांकित (starred) और 249 अतारांकित (unstarred) सवाल शामिल हैं। इन सवालों में आपदा राहत, स्कूलों का विलय, सड़कें, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और नशीली दवाओं के दुरुपयोग की रोकथाम जैसे मुद्दे शामिल हैं। 27 अगस्त का दिन 'निजी सदस्यों के कामकाज' (Private Members' Business) के लिए तय किया गया है। दोनों पार्टियों ने सत्र के लिए अपनी-अपनी रणनीतियां अंतिम रूप दे दी हैं, जिससे सदन के भीतर विभिन्न मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच सीधे टकराव की संभावना बन गई है।

FIR और जांच को लेकर सरकार को घेरेगी BJP

सत्र से पहले गुरुवार देर शाम BJP और कांग्रेस विधायक दलों की अलग-अलग बैठकें हुईं। विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई BJP विधायक दल की बैठक में सरकार को घेरने की रणनीतियों पर चर्चा हुई। BJP का तर्क है कि राज्य में विकास कार्य बाधित हुए हैं और सरकार विधानसभा में विभिन्न मामलों पर पूरी जानकारी देने में विफल रही है। जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि विधानसभा में जानकारी मांगने पर अक्सर पूरी जानकारी नहीं दी जाती, जबकि वही जानकारी RTI (सूचना का अधिकार) प्रक्रिया के जरिए मिल जाती है। उन्होंने BJP विधायकों के खिलाफ दर्ज मामलों और हो रही जांच को एक अहम मुद्दा बनाने की बात भी कही। BJP विधायक रणधीर शर्मा ने बताया कि बैठक में कांग्रेस पार्टी के 'वंदे मातरम' के सिर्फ दो पद गाने के फैसले का विरोध करने के लिए निंदा प्रस्ताव पास किया गया।

सीएम सुक्खू ने विपक्ष से की चर्चा करने की अपील

वहीं, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कांग्रेस विधायक दल की बैठक में सत्र के दौरान सरकार का पक्ष रखने और जनहित के मुद्दों पर जवाब देने की रणनीतियों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने विपक्ष से अपील की है कि वे सदन के भीतर मुद्दे उठाएं और चर्चा में हिस्सा लें। उन्होंने बताया कि इस बार 10 दिन का सत्र तय किया गया है और विपक्ष से आग्रह किया कि वे हंगामा करने या वॉकआउट करने के बजाय सदन में अपनी बात रखें।


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