यूपी विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज, निर्वाचन आयोग ने ईवीएम की फर्स्ट लेवल चेकिंग पर किया वर्कशॉप का आयोजन
खबर सार :-
यूपी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर भारत निर्वाचन आयोग और उत्तर प्रदेश निर्वाचन आयोग ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं। चुनाव आयोग ने ग्रेटर नोएडा में ईवीएम की फर्स्ट लेवल चेकिंग को लेकर वर्कशॉप का आयोजन किया। वर्कशॉप में अफसरों को ईवीएम की जांच समेत अन्य प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण दिया गया।
खबर विस्तार : -
ग्रेटर नोएडा: यूपी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सभी राजनीतिक दलों ने कमर कस ली है। वहीं, आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भारत निर्वाचन आयोग और उत्तर प्रदेश निर्वाचन आयोग ने भी चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। इस क्रम में ग्रेटर नोएडा स्थित गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय (जीबीयू) में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की फर्स्ट लेवल चेकिंग से संबंधित महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में अधिकारियों को ईवीएम की जांच, चुनावी प्रक्रिया और मशीनों की सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न प्रक्रियाओं के बारे में विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया।
आयोग ने पांच मंडलों के अधिकारियों के साथ बैठक कर चुनावी तैयारियों की समीक्षा की
इस कार्यशाला में भारत निर्वाचन आयोग और उत्तर प्रदेश निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रदेश के पांच मंडलों के अधिकारियों के साथ बैठक कर चुनावी तैयारियों की समीक्षा की और उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कार्यशाला में आगरा, अलीगढ़, मेरठ, सहारनपुर और बरेली मंडल के अधिकारी शामिल हुए। इन पांच मंडलों के अंतर्गत आने वाले कुल 21 जिलों के जिलाधिकारी और 21 अपर जिलाधिकारी (एडीएम) ने प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिस्सा लिया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर ईवीएम की फर्स्ट लेवल चेकिंग की प्रक्रिया को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को पूरी तरह प्रशिक्षित करना रहा।
प्रशिक्षण में अधिकारियों ने जाना ईवीएम जांच की पूरी प्रक्रिया
अधिकारियों को बताया गया कि ईवीएम की जांच किस प्रकार निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत की जाएगी और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा राजनीतिक दलों की भागीदारी किस तरह सुनिश्चित की जाएगी। निर्वाचन आयोग की ओर से राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भी इस कार्यशाला में आमंत्रित किया गया था, ताकि ईवीएम से जुड़ी प्रक्रिया को लेकर उन्हें भी जानकारी दी जा सके। हालांकि, कार्यशाला में राजनीतिक दलों की ओर से कोई प्रतिनिधि उपस्थित नहीं हुआ।
राजनीतिक दलों को दी जाएगी ईवीएम की फर्स्ट लेवल चेकिंग की जानकारी
अधिकारियों के मुताबिक, कार्यशाला के बाद जिला स्तर पर भी संबंधित जिलाधिकारी, जो जिला निर्वाचन अधिकारी की जिम्मेदारी निभाते हैं, और अपर जिलाधिकारी/डिप्टी जिला निर्वाचन अधिकारी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे। इन बैठकों में ईवीएम की फर्स्ट लेवल चेकिंग और अन्य संबंधित प्रक्रियाओं की जानकारी राजनीतिक दलों को दी जाएगी। निर्वाचन आयोग की योजना के अनुसार, ईवीएम की जांच और संबंधित प्रक्रिया पूरी होने के बाद मशीनों की रैंडम चेकिंग भी कराई जाएगी। रैंडम चेकिंग की प्रक्रिया में निर्धारित नियमों और पारदर्शिता का पूरा ध्यान रखा जाएगा। इसके बाद ईवीएम को सुरक्षित तरीके से स्ट्रांग रूम में रखा जाएगा और निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसे सील कर दिया जाएगा।
आयोग का चुनावी प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में पारदर्शिता बनाए रखना है उद्देश्य
कार्यशाला में अधिकारियों को यह भी समझाया गया कि चुनाव के दौरान ईवीएम की सुरक्षा और उसकी हैंडलिंग में किसी तरह की लापरवाही न हो। आयोग का उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में पारदर्शिता बनाए रखना है, ताकि राजनीतिक दलों और मतदाताओं के बीच ईवीएम की विश्वसनीयता को लेकर पूरा भरोसा कायम रहे। भारत निर्वाचन आयोग के सीनियर डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर मनीष गर्ग ने कार्यशाला के दौरान ईवीएम की फर्स्ट लेवल चेकिंग से जुड़ी प्रक्रिया और चुनावी तैयारियों को लेकर अधिकारियों को जानकारी दी। वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा ने भी अधिकारियों को चुनाव प्रक्रिया से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निर्वाचन आयोग की इस पहल से साफ है कि विधानसभा चुनाव से पहले जिला स्तर पर प्रशासनिक तैयारियों को समय रहते पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है। ईवीएम की जांच से लेकर रैंडम चेकिंग और स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखे जाने तक प्रत्येक चरण को निर्धारित नियमों के अनुसार पूरा कराने की तैयारी की जा रही है।
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