Bhilwara: 3 करोड़ की खेल अकादमी पर सवाल, विधायक के औचक निरीक्षण में घटिया निर्माण उजागर
खबर सार :-
तीन करोड़ रुपये की लागत से बनी एक स्पोर्ट्स अकादमी भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते गहन चर्चा का विषय बन गई है। विधायक द्वारा किए गए अचानक निरीक्षण ने निर्माण कार्य की कड़वी सच्चाई को उजागर कर दिया। निर्माण स्थल पर घटिया सीमेंट, निम्न गुणवत्ता वाली निर्माण सामग्री और निर्धारित मानकों की घोर अनदेखी साफ तौर पर दिखाई दे रही थी।
खबर विस्तार : -
भीलवाड़ाः राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के शाहपुरा क्षेत्र में निर्माणाधीन करीब 3 करोड़ रुपये की लागत वाली खेल अकादमी इन दिनों गंभीर विवादों में घिर गई है। युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने और उनकी प्रतिभा को निखारने के उद्देश्य से बनाई जा रही यह अकादमी अब घटिया निर्माण और संभावित भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते चर्चा का केंद्र बन गई है।
लंबे समय से मिल रही थी शिकायतें
माताजी का खेड़ा रोड पर बन रही इस खेल अकादमी को लेकर स्थानीय स्तर पर लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता के साथ समझौता किया जा रहा है। हालांकि संबंधित विभाग और कार्यकारी एजेंसी इन शिकायतों को लगातार नजरअंदाज करते रहे। लेकिन मामला तब तूल पकड़ गया जब क्षेत्रीय विधायक डॉ. लालाराम बैरवा ने अचानक मौके पर पहुंचकर औचक निरीक्षण किया।
विधायक के निरीक्षण के दौरान जो तस्वीर सामने आई, उसने पूरे मामले की गंभीरता को उजागर कर दिया। मौके पर उपयोग हो रही निर्माण सामग्री की गुणवत्ता बेहद खराब पाई गई। सीमेंट की गुणवत्ता संदिग्ध थी, निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी साफ दिखाई दे रही थी और कई स्थानों पर संरचना कमजोर नजर आई। यह स्थिति उस परियोजना के लिए चिंताजनक है, जहां भविष्य में क्षेत्र के खिलाड़ी प्रशिक्षण लेने वाले हैं।
विधायक डॉ. बैरवा ने दी कार्रवाई की चेतावनी
निरीक्षण के दौरान विधायक डॉ. बैरवा ने मौके पर ही सख्त नाराजगी जताई और निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से रुकवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यकारी एजेंसी रूडसिको के अधिकारियों से फोन पर बातचीत कर उन्हें जमकर फटकार लगाई। विधायक ने स्पष्ट कहा कि बच्चों और युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने पूरे मामले की जानकारी जिला कलेक्टर को देते हुए राजस्थान खेल परिषद से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। विधायक ने यह भी चेतावनी दी कि यदि निर्माण कार्य में अनियमितता और गुणवत्ता में कमी पाई गई, तो संबंधित ठेकेदार और अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इस घटनाक्रम ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि जब लंबे समय से निर्माण कार्य में गड़बड़ियों की शिकायतें मिल रही थीं, तब संबंधित विभाग और निगरानी एजेंसियां क्या कर रही थीं? क्या यह केवल लापरवाही का मामला है या फिर इसमें किसी प्रकार की मिलीभगत भी शामिल है? इन सवालों के जवाब अभी सामने आना बाकी हैं।
पूरे मामले की होगी उच्च स्तरीय जांच
स्थानीय लोगों में इस मामले को लेकर भारी आक्रोश है। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते इस मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच नहीं करवाई गई, तो यह महत्वपूर्ण परियोजना भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ सकती है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
विधायक डॉ. लालाराम बैरवा ने भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार एवं अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में क्षेत्र में होने वाले सभी निर्माण कार्य निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप ही किए जाएं, अन्यथा जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
अन्य प्रमुख खबरें
-
पटना: चुनाव आयोग कार्यालय की बढ़ाई गई सुरक्षा, प्रदर्शनकारी रोके गए
2026-10-16
-
सुप्रीम कोर्ट ने संजय राउत और निखिल वागले को भेजा अवमानना नोटिस
2026-10-16
-
कोरबा में सड़कों की बदहाली के खिलाफ ग्रामीण उग्र, लिखित आश्वासन की मांग
2026-10-16
-
लखनऊः बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का मंत्री और मेयर ने किया निरीक्षण
2026-10-16
-
Prayagraj : तब की जरूरत postcards, अब की जरूरत digital बनी
2026-10-16
-
Crackers Factory Blast: वाराणसी में पटाखा फैक्ट्री में जोरदार धमाका
2026-10-15
-
ट्रेनों पर पत्थरबाजी रोकने के लिए रेलवे की तैयारी तेज, 250 ठिकानों पर होगी निगरानी
2026-10-15
-
यूपी की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए किए जाएं ठोस प्रयास
2026-10-15
-
लखनऊ में दुर्गा पूजा 2026: 176 पंडालों और अनूठी थीम की भव्य शुरुआत
2026-10-15
-
Punjab Bandh: झोटा हत्याकांड और नशे के विरोध में आज पंजाब बंद
2026-10-15
-
विस्तारित क्षेत्र बढ़ जाने से कम पड़ रहा बजट, Lucknow में बाढ़ से निपटने के करने होंगे प्रबंध
2026-10-14
-
500 करोड़ रुपये से होगा स्पीति घाटी का विकास, सीएम सुक्खू ने की घोषणा
2026-10-14
-
जांजगीर-चांपा के ‘भीमा तालाब’ की गंदगी पर फूटा लोगों का गुस्सा
2026-10-14
-
लखनऊ में आतिशबाजी लाइसेंसधारकों के लिए नई गाइडलाइंस जारी
2026-10-14
-
हिमाचल के पहाड़ी इलाकों में बढ़ने लगी ठंड, 10 जिलों में बारिश का अलर्ट
2026-10-14