लख्खी वार्षिक मेला की तैयारी पूरी, एसडीएम व मेला मजिस्ट्रेट ने की बैठक
खबर सार :-
कैलादेवी झील पर सालाना लक्खी यात्री मेला 18 मार्च से 2 अप्रैल तक लगेगा। मेले की तैयारियों को लेकर शुक्रवार शाम मंदिर परिसर में एसडीएम व मेला मजिस्ट्रेट दीपक मित्तल की अध्यक्षता में विभागीय अधिकारियों की बैठक हुई।
खबर विस्तार : -
भरतपुरः राजस्थान के प्रसिद्ध कैलादेवी झील क्षेत्र में आयोजित होने वाला झील माता का वार्षिक लख्खी मेला इस वर्ष 18 मार्च से 2 अप्रैल तक आयोजित किया जाएगा। मेले की तैयारियों को लेकर शुक्रवार शाम मंदिर परिसर में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता एसडीएम एवं मेला मजिस्ट्रेट दीपक मित्तल ने की। इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों को श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
सुविधा के लिए बनाए जाएंगे कंट्रोल रूम
बैठक में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए विशेष प्रबंधों पर चर्चा की गई। मेले के दौरान मजिस्ट्रेट कैंप और कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे, ताकि किसी भी स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। पुलिस विभाग को पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें महिला सुरक्षा कर्मियों, यातायात पुलिस और सादा वर्दी में पुलिसकर्मियों की तैनाती भी शामिल होगी, ताकि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण मिल सके।
इसके अलावा सिविल डिफेंस और होमगार्ड के जवान भी मेले के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करेंगे। बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने के लिए इस बार विशेष व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं के वाहनों को मंदिर से लगभग दो किलोमीटर पहले रेलवे क्रॉसिंग के पास ही रोकने की योजना बनाई गई है, जिससे मंदिर परिसर में भीड़ कम रहे और आवागमन सुचारु रूप से चलता रहे।
विभागों को सौंपी गई व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी
मेला क्षेत्र में साफ-सफाई, रोशनी, पेयजल और बिजली की व्यवस्था को लेकर भी संबंधित विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। डिस्कॉम की ओर से एक जेईएन पूरे मेले की अवधि के दौरान मुख्यालय पर तैनात रहेगा, ताकि बिजली आपूर्ति में किसी प्रकार की बाधा न आए। वहीं जलदाय विभाग को अतिरिक्त मोटर, पानी के टैंकर और पाइपलाइन की मरम्मत की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
श्रद्धालुओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए चिकित्सा एवं आयुर्वेद विभाग की ओर से मेले में स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। साथ ही आपात स्थिति से निपटने के लिए सीसीटीवी कैमरों से निगरानी, फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस की 24 घंटे तैनाती सुनिश्चित की जाएगी।
खतरनाक झूलों पर प्रतिबंध
धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए ऐसे कार्यक्रमों पर रोक रहेगी जो भावनाओं को आहत कर सकते हैं। साथ ही मेले में खतरनाक झूलों के संचालन पर भी प्रतिबंध रहेगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भरतपुर से झील का बाड़ा तक आवश्यकता के अनुसार मेला स्पेशल बसें भी चलाई जाएंगी।
बैठक में देवस्थान विभाग के अधिकारी, एडिशनल एसपी, ब्लॉक सीएमएचओ, नगर पालिका प्रतिनिधि और फॉरेस्ट विभाग के अधिकारी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी विभागों को समय पर तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए, ताकि मेले का आयोजन सुव्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सके।
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