गोत्र पूछने पर टूटी शादी, फेरों से पहले मचा विवाद, बिना दुल्हन लौटी बारात
खबर सार :-
बांदा में एक शादी के दौरान लड़क पक्ष द्वारा गोत्र न बता पाने के कारण भारी विवाद हो गया। लड़की पक्ष ने आरोप लगाया कि खुद को पाठक बता कर वे शादी करना चाहते थे। लेकिन पंडित द्वारा गोत्र पूछे जाने के बाद पूरा मामला खुला गया, भारी विवाद के बाद बारात बिना दुल्हन के ही वापस लौट गई।
खबर विस्तार : -
बांदाः उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में एक शादी समारोह उस समय विवाद में बदल गया जब फेरों से ठीक पहले दूल्हे के गोत्र को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। मामला इतना बढ़ गया कि शादी बीच में ही रोकनी पड़ी और बारात बिना दुल्हन वापस लौट गई। घटना के बाद इलाके में यह शादी चर्चा का विषय बनी हुई है।
पंडित के गोत्र पूछने पर खुला राज
जानकारी के अनुसार इटावा जिले के बकेवर थाना क्षेत्र के एक गांव की युवती का विवाह बांदा जिले के अमारा गांव निवासी युवक प्रभू निषाद से तय हुआ था। दोनों परिवार लंबे समय से गुजरात के सूरत शहर में रह रहे थे और वहीं उनके बीच रिश्ते की बातचीत हुई थी। शादी के लिए लड़की पक्ष जसपुरा कस्बे के एक मैरिज हॉल में पहुंचा था, जहां मंगलवार रात पूरे रीति-रिवाज और धूमधाम के साथ कार्यक्रम शुरू हुआ।
बारात के स्वागत से लेकर जयमाला तक सभी रस्में सामान्य तरीके से पूरी हुईं। रिश्तेदारों और मेहमानों के बीच खुशी का माहौल था। लेकिन जैसे ही शादी की मुख्य रस्म यानी फेरे शुरू होने वाले थे, तभी पंडित ने दूल्हे से गोत्र पूछा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक इस सवाल के बाद कुछ देर के लिए माहौल असहज हो गया। आरोप है कि दूल्हा पक्ष की ओर से स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया, जिससे लड़की पक्ष को संदेह हुआ।
धीरे-धीरे यह चर्चा विवाद में बदल गई। दोनों परिवारों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई और शादी की रस्में रोक दी गईं। लड़की पक्ष का आरोप था कि रिश्ता तय करते समय लड़के ने खुद को “पाठक” बताकर परिचय दिया था, जबकि बाद में वह निषाद समाज से होने की बात सामने आई। दूसरी ओर दूल्हा पक्ष का कहना था कि उन्होंने अपनी जाति और पहचान के बारे में पहले ही जानकारी दे दी थी और अब अनावश्यक विवाद खड़ा किया जा रहा है।
कई घंटे तक चला विवाद
विवाद बढ़ने के कारण शादी समारोह का माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया। बुधवार सुबह लड़की की मां की तबीयत भी बिगड़ गई और उन्हें इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाना पड़ा। इसके बाद पुलिस को मामले की सूचना दी गई।
थाना प्रभारी ऋषि देव पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को थाने बुलाकर बातचीत कराई। कई घंटे तक पंचायत और समझौते की कोशिशें चलती रहीं, लेकिन किसी निष्कर्ष पर सहमति नहीं बन सकी। अंततः दोनों परिवारों ने आपसी सहमति से शादी रोकने का फैसला लिया।
इसके बाद दूल्हा पक्ष बिना दुल्हन के ही वापस लौट गया। घटना के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि रिश्ते से जुड़ी सभी बातें पहले ही स्पष्ट कर दी जातीं तो शायद यह स्थिति पैदा नहीं होती।
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