UP Assembly Elections: बीजेपी ने तेज की रणनीति, सहयोगियों संग मंथन, सभी सीटों पर जीत का लक्ष्य

खबर सार :-

भाजपा ने विधानसभा चुनाव में अभी से संगठनात्मक तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी केवल चुनावी समीकरणों पर ही नहीं, बल्कि बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने, सहयोगी दलों के साथ समन्वय बढ़ाने और सामाजिक संतुलन बनाए रखने पर भी विशेष ध्यान दे रही है।
UP Assembly Elections: बीजेपी ने तेज की रणनीति, सहयोगियों संग मंथन, सभी सीटों पर जीत का लक्ष्य

खबर विस्तार : -

लखनऊः उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी राजनीतिक तैयारियों को नया गति देना शुरू कर दिया है। चुनाव में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ भाजपा संगठनात्मक स्तर पर सक्रिय हो गई है। इसी कड़ी में रविवार को लखनऊ में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सहयोगी दलों के नेताओं और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ अलग-अलग दौर की महत्वपूर्ण बैठकें कीं। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य सीटों के बंटवारे पर चर्चा करना नहीं, बल्कि वर्ष 2027 में वर्ष 2017 से भी बड़ी जीत दर्ज करने की रणनीति तैयार करना, संगठन को मजबूत करना और प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर जीत सुनिश्चित करने की दिशा में मंथन करना रहा।

सभी मुद्दों पर हुई विस्तरित चर्चा

बैठक की शुरुआत लखनऊ स्थित होटल ताज में हुई, जहां भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने एनडीए के प्रमुख सहयोगी दलों के नेताओं से मुलाकात की। इस बैठक में निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख एवं मंत्री ओम प्रकाश राजभर, अपना दल (एस) के नेता एवं मंत्री आशीष पटेल तथा राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) की ओर से त्रिलोक त्यागी शामिल हुए। बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए गठबंधन की एकजुटता, संगठनात्मक समन्वय और चुनावी रणनीति पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

इसके बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्षों के साथ अलग बैठक की। इस बैठक में प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों, सामाजिक समीकरणों, संगठन की मजबूती और आगामी चुनावी रणनीति पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी, स्वतंत्र देव सिंह, महेंद्रनाथ पांडेय, सूर्य प्रताप शाही, रमापति राम त्रिपाठी, लक्ष्मीकांत बाजपेयी और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य मौजूद रहे। हालांकि, भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विनय कटियार इस बैठक में शामिल नहीं हुए। जब पत्रकारों ने उनकी अनुपस्थिति को लेकर सवाल किया तो स्वतंत्र देव सिंह ने इस विषय पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

सीट बंटवारे पर अभी कोई चर्चा नहीं

बैठक के बाद एनडीए के सहयोगी दलों के नेताओं ने स्पष्ट किया कि फिलहाल सीटों के बंटवारे को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई है। उनका कहना था कि अभी पूरा ध्यान संगठन को मजबूत करने और चुनावी तैयारियों को गति देने पर केंद्रित है। नेताओं के अनुसार चुनाव नजदीक आने पर सीटों के बंटवारे और अन्य चुनावी मुद्दों पर चर्चा स्वाभाविक रूप से आगे बढ़ेगी।

निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद ने कहा कि एनडीए का उद्देश्य उत्तर प्रदेश में पहले से भी बड़ी ऐतिहासिक जीत दर्ज करना है। उन्होंने कहा कि सभी सहयोगी दल इस बात पर मंथन कर रहे हैं कि प्रदेश की प्रत्येक विधानसभा सीट को जीतने वाली सीट कैसे बनाया जाए। उनके अनुसार गठबंधन का प्रयास है कि हर वर्ग और हर क्षेत्र तक सरकार की उपलब्धियों को प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए, जिससे भाजपा और एनडीए को अधिक से अधिक जनसमर्थन प्राप्त हो सके।

वहीं, सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने भी सीट बंटवारे की चर्चाओं को पूरी तरह खारिज किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष सभी सहयोगी दलों से अलग-अलग मुलाकात कर रहे हैं और प्रत्येक बैठक में केवल चुनाव जीतने की रणनीति पर ही चर्चा हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चौरी-चौरा विधानसभा सीट या किसी अन्य सीट को लेकर कोई बातचीत नहीं हुई है। उनका कहना था कि एनडीए का लक्ष्य प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर मजबूती के साथ चुनाव लड़ना और वर्ष 2017 से अधिक सीटें जीतना है।

संगठन की मजबूती पर जोर

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी आगामी चुनाव को लेकर भाजपा का आत्मविश्वास जताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा वर्ष 2027 में लगातार तीसरी बार सरकार बनाएगी। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश की जनता गुंडाराज, माफियाराज, दंगों और वंशवादी राजनीति को नहीं बल्कि विकास, सुशासन, कानून व्यवस्था और सुरक्षा को प्राथमिकता देती है। उनके अनुसार भाजपा सरकार ने पिछले वर्षों में प्रदेश के विकास, आधारभूत संरचना, निवेश, रोजगार और कानून व्यवस्था के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं, जिनके आधार पर जनता एक बार फिर भाजपा को समर्थन देगी।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले महीनों में भाजपा और एनडीए की रणनीति और अधिक स्पष्ट होने की संभावना है, लेकिन फिलहाल संदेश साफ है कि गठबंधन का पूरा फोकस सीटों के बंटवारे से पहले संगठनात्मक मजबूती और अधिकतम सीटों पर जीत सुनिश्चित करने पर है।

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