कृष्णा नदी के पानी पर 13 अक्टूबर को अहम बैठक, विजय आंध्र प्रदेश के CM चंद्रबाबू नायडू से करेंगे चर्चा

खबर सार :-

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय 13 अक्टूबर को विजयवाड़ा में चंद्रबाबू नायडू से कृष्णा नदी के जल आवंटन, पानी की कमी और प्रस्तावित बांधों पर चर्चा कर सकते हैं।
कृष्णा नदी के पानी को लेकर विजय-चंद्रबाबू नायडू की होगी मुलाकात

खबर विस्तार : -

विजयवाड़ा/चेन्नई: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय 13 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के दौरे पर विजयवाड़ा पहुंच सकते हैं। इस दौरान उनकी आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के साथ कृष्णा नदी के जल आवंटन, तमिलनाडु को पानी की आपूर्ति में कमी और प्रस्तावित बांध परियोजनाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। यह बैठक ऐसे समय में प्रस्तावित है, जब तेलुगु गंगा परियोजना के तहत तमिलनाडु को मिलने वाले कृष्णा नदी के पानी की आपूर्ति निर्धारित मात्रा से काफी कम बताई जा रही है। प्रस्तावित बातचीत में दोनों राज्यों के बीच जल बंटवारे की मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा और तमिलनाडु की जरूरतों को पूरा करने के संभावित उपायों पर चर्चा हो सकती है। इसके अलावा, तमिलनाडु में बहने वाली नदियों पर आंध्र प्रदेश की ओर से प्रस्तावित बांधों तथा नदी अंतर्संबंध परियोजनाओं को लेकर भी राज्य की चिंताएं बैठक का हिस्सा बन सकती हैं।

तमिलनाडु को अब तक मिला केवल 2.251 टीएमसी पानी

तेलुगु गंगा परियोजना के तहत हुए समझौते के अनुसार, आंध्र प्रदेश को तमिलनाडु के लिए अंतरराज्यीय सीमा पर प्रतिवर्ष 12 हजार मिलियन घन फीट (टीएमसी) कृष्णा नदी का पानी उपलब्ध कराना है। हालांकि, उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के मुताबिक, 9 अक्टूबर तक तमिलनाडु को इस वर्ष केवल 2.251 टीएमसी पानी ही प्राप्त हुआ था। इस तरह निर्धारित वार्षिक मात्रा और 9 अक्टूबर तक प्राप्त पानी के बीच 9.749 टीएमसी का अंतर दर्ज किया गया है। यह अंतर प्रस्तावित बैठक में चर्चा का प्रमुख विषय बन सकता है। 

आंकड़े बताते हैं कि 9 अक्टूबर तक तमिलनाडु को निर्धारित वार्षिक मात्रा का पांचवां हिस्सा भी नहीं मिला था। ऐसे में राज्य सरकार शेष अवधि में पानी की आपूर्ति बढ़ाने और अपनी जरूरतों के अनुरूप जल उपलब्धता सुनिश्चित करने का मुद्दा उठा सकती है। हालांकि, वार्षिक आवंटन और अब तक प्राप्त पानी की मात्रा के आंकड़ों की तुलना करते समय संबंधित अवधि और आपूर्ति की निर्धारित समय-सारणी को ध्यान में रखना जरूरी होगा। बैठक में यह स्पष्ट करने पर भी चर्चा हो सकती है कि शेष अवधि में कितनी मात्रा में पानी उपलब्ध कराया जा सकता है।

जल आपूर्ति पर रहेगा फोकस

तेलुगु गंगा परियोजना आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के बीच जल आपूर्ति से जुड़ी महत्वपूर्ण व्यवस्था है। इसके तहत कृष्णा नदी का पानी तमिलनाडु तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। इस आपूर्ति का महत्व राज्य की पेयजल जरूरतों के लिहाज से भी है। तमिलनाडु को निर्धारित मात्रा से कम पानी मिलने की स्थिति में जल प्रबंधन और आपूर्ति के कार्यक्रम पर दोनों राज्यों के बीच समन्वय जरूरी हो जाता है। प्रस्तावित वार्ता में जल निकासी, उपलब्ध जल संसाधनों और शेष अवधि के लिए आपूर्ति की संभावनाओं पर विचार किया जा सकता है। तमिलनाडु की ओर से यह मुद्दा उठाए जाने की संभावना है कि तय व्यवस्था के अनुसार पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए दोनों सरकारें किस तरह मिलकर काम कर सकती हैं। हालांकि, बैठक के बाद किसी नए निर्णय या अतिरिक्त जल आपूर्ति को लेकर आधिकारिक प्रतिबद्धता सामने आने पर ही स्थिति स्पष्ट होगी।

बांध परियोजनाओं पर भी उठ सकते हैं सवाल

कृष्णा नदी के पानी के अलावा, मुख्यमंत्री विजय द्वारा आंध्र प्रदेश में प्रस्तावित उन बांध परियोजनाओं का मुद्दा उठाए जाने की संभावना है, जिनका प्रभाव तमिलनाडु की नदियों और जल उपलब्धता पर पड़ सकता है। तमिलनाडु की चिंता इन परियोजनाओं के कारण निचले क्षेत्रों तक पहुंचने वाले पानी की मात्रा में संभावित बदलाव को लेकर हो सकती है। ऐसे में दोनों राज्यों के बीच नदी जल प्रबंधन, बांध निर्माण और जल संसाधनों के इस्तेमाल से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

बैठक में नदी अंतर्संबंध परियोजनाओं पर भी विचार किए जाने की संभावना है। नदी अंतर्संबंध का उद्देश्य अलग-अलग नदी प्रणालियों के बीच पानी के हस्तांतरण की संभावनाओं पर काम करना होता है। हालांकि, ऐसी परियोजनाओं के मामले में जल उपलब्धता, पर्यावरणीय प्रभाव, तकनीकी व्यवहार्यता और संबंधित राज्यों की सहमति जैसे पहलू अहम होते हैं। प्रस्तावित बातचीत के दौरान तमिलनाडु अपनी चिंताओं और जल संबंधी आवश्यकताओं को आंध्र प्रदेश के नेतृत्व के सामने रख सकता है। किसी भी परियोजना पर आगे बढ़ने के लिए संबंधित प्रस्तावों और उनके संभावित प्रभावों की समीक्षा आवश्यक होगी।

अन्य मंत्रियों से भी मुलाकात की संभावना

खबरों के मुताबिक, विजय अपनी विजयवाड़ा यात्रा के दौरान आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण और राज्य के अन्य मंत्रियों से भी मुलाकात कर सकते हैं। इन बैठकों में दोनों राज्यों से जुड़े जल संसाधन संबंधी मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। दोनों राज्यों के राजनीतिक नेतृत्व के बीच सीधी बातचीत से मौजूदा जल आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा और संभावित समाधान तलाशने का अवसर मिल सकता है। हालांकि, बैठक के एजेंडे, प्रतिभागियों और अंतिम निर्णयों की आधिकारिक पुष्टि महत्वपूर्ण होगी।

बैठक के नतीजों पर रहेंगी दोनों राज्यों की नजरें

तमिलनाडु को 9 अक्टूबर तक केवल 2.251 टीएमसी कृष्णा जल मिलने और निर्धारित वार्षिक मात्रा से 9.749 टीएमसी का अंतर होने के कारण 13 अक्टूबर की प्रस्तावित बैठक पर ध्यान रहेगा। चर्चा में जल आपूर्ति की स्थिति, शेष अवधि की जरूरतें, प्रस्तावित बांध परियोजनाएं और नदी अंतर्संबंध से जुड़े विषय प्रमुख रह सकते हैं।

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