राम मंदिर चढ़ावा विवाद: योगी बोले- एसआईटी करेगी ‘दूध का दूध, पानी का पानी’, बस थोड़ा...
खबर सार :-
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं के मामले में कहा कि एसआईटी निष्पक्ष जांच कर रही है और “दूध का दूध, पानी का पानी” करेगी। उन्होंने कहा- बस थोड़ा सा इंतजार कर लीजिए।
खबर विस्तार : -
अयोध्या: राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं को लेकर उठे विवाद के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ काम कर रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच एजेंसी “दूध का दूध और पानी का पानी” कर देगी तथा दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही उन्होंने सभी पक्षों से जांच पूरी होने तक अनावश्यक बयानबाजी से बचने की अपील की।
लोगों से की धैर्य रखने की अपील
शुक्रवार को अयोध्या दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 245 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बयान दिया। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति या संगठन के पास मामले से संबंधित कोई दस्तावेजी साक्ष्य है तो उसे सार्वजनिक बयान देने के बजाय सीधे एसआईटी को सौंपना चाहिए, ताकि जांच प्रक्रिया को मजबूती मिले और सच्चाई सामने आ सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसी भी प्रकार की अनियमितता को गंभीरता से लेती है और जांच एजेंसियों को स्वतंत्र रूप से अपना कार्य करने दिया जा रहा है। उन्होंने लोगों से धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि जांच अपने अंतिम चरण में है और जल्द ही तथ्य सामने आएंगे। “करीब 15 दिन और इंतजार कर लीजिए, चिंता करने की जरूरत नहीं है। जांच एजेंसी अपना काम कर रही है,” उन्होंने कहा।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने राम मंदिर आंदोलन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर के निर्माण के लिए रामभक्तों ने लगभग 500 वर्षों तक मर्यादा, संयम और धैर्य के साथ संघर्ष किया। ऐसे में किसी भी विवाद पर जल्दबाजी में निष्कर्ष निकालने के बजाय जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जाना चाहिए।
विपक्षी दलों पर साधा निशाना
इस दौरान मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों, विशेषकर समाजवादी पार्टी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग अतीत में रामभक्तों और कारसेवकों पर गोली चलाने की घटनाओं से जुड़े रहे हैं, वे आज रामभक्ति और अयोध्या के सम्मान की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दल कभी नहीं चाहते थे कि अयोध्या को वैश्विक स्तर पर पहचान मिले और आज भी वे शहर की उपलब्धियों को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं।
कांग्रेस पर हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों ने राम मंदिर निर्माण का विरोध किया और भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाए, वे अब रामभक्तों के सम्मान की बात कर रहे हैं। वहीं समाजवादी पार्टी पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि जिन नेताओं ने लंबे समय तक अयोध्या से दूरी बनाए रखी, वे अब रामभक्ति के मुद्दे पर राजनीति करने का प्रयास कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अयोध्या आज दुनिया के प्रमुख आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्रों में अपनी अलग पहचान बना रही है। उन्होंने बताया कि शहर में सोलर सिटी परियोजना, अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, चौड़ी सड़कों, आधुनिक सुविधाओं और विभिन्न परिक्रमा मार्गों के विकास जैसे कार्य तेजी से पूरे किए जा रहे हैं। इन परियोजनाओं ने अयोध्या को आधुनिक और वैश्विक स्वरूप प्रदान किया है।
बख्शे नहीं जाएंगी दोषी:योगी
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष को अयोध्या का यह बदलता स्वरूप पसंद नहीं आ रहा है और इसी कारण समय-समय पर दुष्प्रचार के जरिए शहर की छवि धूमिल करने की कोशिश की जाती है। हालांकि, उन्होंने कहा कि विकास कार्यों और जनसमर्थन के बल पर अयोध्या लगातार नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रही है।
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं चिकित्सालय के लोकार्पण के साथ-साथ वीरांगना झलकारी बाई की प्रतिमा का अनावरण भी किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार राष्ट्रनायकों, स्वतंत्रता सेनानियों और वीरांगनाओं के सम्मान के लिए समर्पित है तथा इसी भावना के तहत विभिन्न संस्थानों और योजनाओं का नामकरण महान विभूतियों के नाम पर किया जा रहा है।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब मामले को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। सरकार का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी और किसी भी दोषी को राहत नहीं मिलेगी।
अन्य प्रमुख खबरें
-
सभी दलों पर जमकर बरसे आकाश, सपा, कांग्रेस के साथ भाजपा को भी घेरा
2026-08-10
-
झारखंड छात्र आंदोलन: राहुल गांधी का सरकार से संवाद का आग्रह
2026-08-10
-
असम में फिर शुरू हुई सस्ती दाल और चीनी योजना
2026-08-10
-
पीएम मोदी से मिलीं सुप्रिया सुले, विकास के मुद्दों पर चर्चा
2026-08-10
-
करीब 2 सप्ताह पहले दिल्ली में छात्रों ने प्रदर्शन किया था इस दौरान जमकर हंगामा भी हुआ
2026-08-10
-
छात्रों से बोेले राहुल गांधी, युवकों को सिस्टम ने उलझाया
2026-08-08
-
'दाल में कुछ काला नहीं, पूरी दाल काली है', E20 पेट्रोल पर राहुल का तंज
2026-08-07
-
NEET paper leak controversy: राज ठाकरे ने केंद्र और कोचिंग संस्थानों पर साधा निशाना
2026-08-07
-
दो परिवारों ने मांगी मुख्यमंत्री से सुरक्षा, अमरमणि त्रिपाठी से है जान का खतरा
2026-08-07
-
शेख हसीना के बयान से भारत सरकार का किनारा, स्षप्ट किया रुख
2026-08-07
-
Bunty Yadav Murder Case: तेजस्वी यादव ने परिवार को दी 5 लाख की सहायता
2026-08-06
-
झारखंड विधानसभा में भर्ती परीक्षा विवाद पर भाजपा का प्रदर्शन, नारेबाजी
2026-08-06
-
टीवीके सरकार के कृषि बजट में किसानों की आय बढ़ाने पर फोकस
2026-08-06
-
कंगना रनौत ने फिर राहुल से किए सवाल, दिल्ली प्रदर्शन से तकलीफ थी, रांची वाले सेे क्यों नहीं
2026-08-06
-
बिहार में पीपीपी मॉडल पर संचालित होंगे 16 मेडिकल कॉलेज
2026-08-05