क्या स्मार्ट वाच बन सकता है आपके लिए कैंसर का कारण, जानिए कितना सच?
खबर सार :-
Smartwatch radiation side effects: हर किसी को स्मार्टवाच पहनना पसंद होता है, इससे बेहतह लुक आता है और आप कॉन्फिडेंस दिखते हैं, लेकिन स्मार्टवाच और फिटनेस बैंड छोटे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस होते हैं। यह फोन से कनेक्ट होकर काम करता है, लेकिन यह आपके स्वास्थ्य के लिए कितना सही है, चलिए जानते हैं?
खबर विस्तार : -
Smartwatch radiation side effects: आज के मार्डन जमाने में स्टाइलिश लुक के लिए लोग कपड़े, जुते, हेयर स्टाइल के साथ-साथ आकर्षक वॉच पहनना पसंद करते हैं। इसमें भी सबसे ज्याद स्मार्ट वॉच का चलन बढ़ गया है। स्मार्ट वॉच में कई ऐसे फीचर्स होते हैं, जो फोन से आसानी से कनेक्ट हो जाता है। इसमें फिटनेस ट्रैकिंग, हेल्थ मॉनिटरिंग और स्मार्टफोन नोटिफिकेशन जैसे कॉल, मैसेज, ब्लूटूथ कालिंग, जीपीएस, हार्ट रेट और स्लीप ट्रैकिंग जैसे फीचर्स मौजूद होते हैं।
स्मार्टवॉच और फिटनेस
आज के फैशन के दौर में लोग स्मार्टवॉच और फिटनेस पर ज्यादा ध्यान देते हैं। इसे केवल समय देखने के लिए नहीं बल्कि बेहतरीन लुक के लिए पहना जाता है। इसमें मौजूद फीचर्स हार्ट रेट, नींद, कदमों की गिनती और कैलोरी बर्न जैसे कई अलर्ट देता है, लेकिन इसका हमारे स्वास्थ्य पर क्या असर पड़ता है यह जानना बेहद जरूरी है। स्मार्ट वॉच में छोटे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस होते हैं। ये फोन से क्नेक्ट होकर काम करता है। इसमे ब्लूटूथ कनेक्शन और वायरलेस सिग्नल का यूज होता है। यह डिवाइस अलग-अलग तरीके से काम करते हैं। इसमें दिल की धड़कन, नींद की क्वालिटी, कदमों की संख्या और फिजिकल एक्टिविटी इससे निकलने वाला रेडियो सिग्नल होता है। इसमें हानिकारक रेडिएशन नहीं होती है।
रेडिएशन
रिसर्च में पाया गया है कि स्मार्टवॉच का रेडियो सिग्नल, मोबाइल की रेडिएशन की तुलना में काफी कम होता है। यह इंटरनेशनल सुरक्षा सेवाओं के भीतर रहता है। फिलहाल इसमें अभी तक कैंसर होने का कोई ठोस कारण नहीं मिला है। केवल सिग्नल और ब्लूटूथ को कैसर का कारण मान लेना सही नहीं है। हाल ही में एक नया मुद्दा सामने आया है, जिसमें पता चला है कि स्मार्टवॉच के सिग्नल से नहीं बल्कि उसके स्ट्रैप से लगा रहता है। कुछ फिटनेस बैंड औऱ स्मार्टवॉच स्ट्रैप में सिंथेटिक रबर का इस्तेमाल होता है, जो पीएफएएस नाम के केमिकल से बना होता है। इसमें एक केमिकल पीएफएचएक्सए के बारे में पता चला है, जिसे फॉरेवर केमिकल कहा जाता है। ये पर्यावरण में जल्दी नहीं टूटते हैं।
PFAS
PFAS एक केमिकल समूह होता है, जिसे की प्रोडक्ट्स में यूज किए जाते हैं। इसमें कपड़े, नॉन-स्टिक कोटिंग, पैकेजिंग और रबर के मौजूद होते हैं। इसमें से कुछ केमिकल्स स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डाल सकता है। डॉक्टरों ने स्मार्टवॉच पहनने वालों को हल्की स्किन एलर्जी, खुजली, स्ट्रैप की वजह से दबाव के निशान हो सकते हैं, जो आम समस्या होती है और आसानी से ठीक हो जाते हैं।
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