मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम सोनम वांगचुक की बारीकी से कर रही निगरानी

खबर सार :-

जंतर-मंतर पर करीब बीस दिनों तक अनशन पर बैठने वाले सोनम वांगचुक को अपनी पसंद के अस्पताल और डॉक्टर से इलाज कराने की मांग से इनकार करने के सिंगल बेंच के फैसले को गीतांजलि आंग्मो ने उच्च न्यायालय की डिवीजन बेंच में चुनौती दी है
मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम सोनम वांगचुक की बारीकी से कर रही निगरानी

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली। सफदरगंज अस्पताल ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को लेकर हेल्थ बुलेटिन तीसरे दिन सोमवार को जारी किया है। हेल्थ बुलेटिन में बताया गया है कि सोनम वांगचुक का वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज एवं सफदर गंज अस्पताल में पूरा इलाज चल रहा है। उनके जरूरी हेल्थ पैरामीटर स्थिर हैं। ब्लड पैरामीटर्स पर लगातार बारीकी से मेडिकल निगरानी की जरूरत बनी हुई है। वांगचुक लगातार मेडिकल देखरेख में हैं और विशेषज्ञों की एक मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम उनकी बारीकी से निगरानी कर रही है।

गीतांजलि आंग्मो ने उच्च न्यायालय की डिवीजन बेंच में चुनौती दी 

बुलेटिन में आगे बताया गया कि सफदरजंग अस्पताल तथा एम्स नई दिल्ली की इलाज करने वाली टीमों के क्लिनिकल असेसमेंट के आधार पर, किसी भी संभावित जटिलता का जल्द पता लगाने और समय पर इलाज सुनिश्चित करने के लिए लगातार मेडिकल इलाज और बिना रुकावट क्लिनिकल निगरानी ज़रूरी है। जंतर-मंतर पर करीब बीस दिनों तक अनशन पर बैठने वाले सोनम वांगचुक को अपनी पसंद के अस्पताल और डॉक्टर से इलाज कराने की मांग से इनकार करने के सिंगल बेंच के फैसले को गीतांजलि आंग्मो ने उच्च न्यायालय की डिवीजन बेंच में चुनौती दी है। 

28 जून से आमरण अनशन शुरू किया था 

उन्हें ज़रूरी सभी मेडिकल देखभाल मिल रही है और विशेषज्ञों की एक मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम उनकी क्लिनिकल स्थिति पर लगातार बारीकी से नजर रख रही है। इससे पहले सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो ने उन्हें निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने की मांग को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया था। हाईकोर्ट ने फिलहाल उन्हें सफदरजंग अस्पताल से मेदांता अस्पताल शिफ्ट करने की मांग को खारिज कर दिया था। अदालत ने कहा था कि वांगचुक का अस्पताल में भर्ती किया जाना स्वास्थ्य कारणों को देखते हुए कानूनी प्रक्रिया के तहत किया गया फैसला था। बता दें कि जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने के बाद शनिवार तड़के उन्हें दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश और चिकित्सकों की सलाह पर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सोनम वांगचुक कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के उस आंदोलन में शामिल हुए, जो 6 जून से कथित नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है। वांगचुक ने 28 जून से औपचारिक रूप से आमरण अनशन शुरू किया था। 

सोशल मीडिया पर दी थी जानकारी

 रविवार को सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट कर जानकारी दी है। वांगचुक ने लिखा, "मैं अपना व्रत कब तोड़ूंगा...?" उन्होंने आगे लिखा, "प्रिय दोस्तों और समर्थकों, आप में से कई लोगों ने पूछा है कि मैं अपना अनशन कब खत्म करूंगा। जैसा कि मैंने पहले समर्थकों को बताया था, मैं 20 जुलाई को अपना अनशन खत्म कर दूंगा, अगर सरकार शिक्षा व्यवस्था में हाल की नाकामियों (जैसे पेपर लीक वगैरह) की जिम्मेदारी ले या मैं और सीजेपी का नेतृत्व संसद पहुंचें तथा वहां सांसद और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता हमें यह भरोसा दिलाएं कि वे इस मुद्दे को संसद में उठाएंगे।

रविवार को लिखा, "यदि मेरी सेहत या किसी अन्य कारण से ऐसा संभव नहीं हो पाता है, तो विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद और नेता इस अस्पताल में आकर यह भरोसा दें।" वांगचुक ने अपनी पोस्ट में यह भी दावा किया कि यह संदेश उन्होंने  को सफदरजंग अस्पताल में अपनी "गैरकानूनी नजरबंदी" के दौरान लिखा, जहां उनके अनुसार उनके घूमने-फिरने, बोलने और लोगों से बातचीत करने की स्वतंत्रता पर रोक लगी हुई है।

इससे पहले शनिवार देर रात वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंगमो ने कहा था कि यदि विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद और नेता सोमवार को सफदरजंग अस्पताल पहुंचकर वांगचुक को यह आश्वासन देते हैं कि वे संसद के मानसून सत्र में शिक्षा में जवाबदेही और शिक्षा सुधार का मुद्दा प्रमुखता से उठाएंगे, तभी वह अपना अनशन समाप्त करेंगे। आंगमो ने कहा था, "सोनम अपना अनशन तभी समाप्त करेंगे, जब राजनीतिक दलों के नेता अस्पताल में उनसे मिलकर यह आश्वासन देंगे कि वे संसद सत्र के दौरान शिक्षा में जवाबदेही और शिक्षा सुधार के मुद्दे को प्रमुखता से उठाएंगे।"

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