रायपुर: सरकारी अस्पतालों की आपातकालीन सेवा भी फ्री, जीवनरक्षक दवा भी उपलब्ध
खबर सार :-
स्वास्थ्य विभाग की पहल में अब हार्ट अटैक के उपचार में लगने वाला महंगा इंजेक्शन सरकारी अस्पताल में निःशुल्क मिलेगा। गंभीर और आपातकालीन दवा भी अस्पताल में ही मिल जाएंगी।
खबर विस्तार : -
रायपुर, रायपुर के सरकारी अस्पतालों में कई जीवन रक्षक महंगी दवाएं मुफ्त में मिला करेंगी। इन दवाओं का इस्तेमाल हार्ट अटैक और गंभीर हृदय रोगों के उपचार के दौरान किया जाता है। गंभीर बीमारियों में इंजेक्शन की भी जरूरत पड़ती है। अब सरकारी अस्पताल में मरीजों को बिना भुगतान किए यह मिला करेंगी।
रायपुर स्थित एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट (एसीआई) के कार्डियोलॉजी विभाग में कई आवश्यक और जीवनरक्षक महंगी दवाएं तथा इंजेक्शन मरीजों को उपचार के दौरान मिल रही हैं। जिस किसी मरीज को इंजेक्शन की जरूरत पड़ती है या दवा की आवश्कयता होती है, अस्पताल में दी जा रही हैं। इस दिशा में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के मार्गदर्शन में काफी पहले से प्रयास चल रहा था।
दवा के साथ इंजेक्शन भी दे रहे अस्पताल
स्वास्थ्य विभाग का भी योजना में भरपूर सहयोग रहा हैं। जो दवा या इंजेक्शन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, उनको गरीब एवं जरूरतमंद मरीजों तक पहुंचाना पहला प्रयास होता है। अस्पताल का कहना है कि उनके परिजनों को महंगे उपचार के आर्थिक बोझ से राहत मिल रही है। एसीआई के कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. (प्रो.) स्मित श्रीवास्तव ने बताया कि अस्पताल में हृदय रोग के उपचार संबंधी दवाएं भी उपलब्ध हैं।
इसमें टिकैग्रिलोर 90 मिलीग्राम की गोली, सेमाग्लूटाइड गोली, टेनेक्टेप्लेस (टीएनके-टीपीए) इंजेक्शन, मावाकैम्टेन गोली, व्यामाडा गोली, एज़ेटिमाइब गोली, सरोग्लिटाज़ार गोली, इवोलोकुमैब (रिपाथा) इंजेक्शन, तथा न्यूमोकोकल वैक्सीन इंजेक्शन की सुविधा दी जा रही है। यह दवाएं ऐसी हैं जो बाजार में काफी महंगी हैं।
यह भी पढें : पेशाब की समस्या को न समझें सामान्य, गंभीर संक्रमण का हो सकता है खतरा
चालीस हजार तक में मिलती है दवा
डॉ. स्मित का कहना है कि टिकैग्रिलोर 90 मिलीग्राम, इवोलोकुमैब, टेनेक्टेप्लेस की बाज़ार में कीमत लगभग 35 से 40 हज़ार है। इसी तरह मावाकैम्टेन भी बाज़ार में लगभग 21 से 22 हज़ार रूपये में मिलती है। विशेष दवाओं की कीमतें भी ब्रांड, डोज और पैक-साइज के अनुसार अलग-अलग होती हैं। इनके दाम से यह पता चल सकता है कि यह दवाएं अस्पताल में चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार उपलब्ध कराई जा रही हैं, इनसे मरीजों के लिए कितनी मदद मिल रही है।
गंभीर हृदय रोगियों, विशेषकर हार्ट अटैक जैसी आपातकालीन परिस्थितियों में भी अस्पताल व्यवस्था दे रहे हैं। वह दवाएं चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार जैसे रिकॉम्बिनेंट टिश्यू प्लास्मिनोजेन एक्टिवेटर यानी टेनेक्टेप्लेस के 20 मिलीग्राम, 30 मिलीग्राम और 40 मिलीग्राम इंजेक्शन की व्यवस्था अस्पताल दे रहा है। इसके साथ ही स्ट्रेप्टोकाइनेज 15 लाख आईयू इंजेक्शन भी अस्पताल में है।
तीमारदार के साथ बीमार को भी मिली खुशी
इन दवाओं को मुफ्त में पाकर मरीज बेहद खुश हैं। कुछ विशेष दवा विषम परिस्थितियों में इस्तेमाल की जाती हैं। रक्त के थक्के को गलाने के लिए चिकित्सकीय निगरानी में उपयोग की जाने वाली दवा भी सरकार उपलब्ध करा रही है। हार्ट अटैक के मरीजों में समय पर आवश्यक दवा उपलब्ध होना उपचार प्रक्रिया का बहुत जरूरी समाधान है। अस्पताल में ऐसी दवाओं की उपलब्धता होना, किसी आपातकालीन उपचार से निपट लेने जैसे है। जब तक दवा उपलब्ध होती, मरीज की जान पर बीतने लगता है। अब इन परिस्थितियों में बड़ी राहत महसूस की जा रही हैं।
बाजार में इनके दाम हैं काफी ज्यादा
जो महत्वपूर्ण दवाएं यहां हैं, उनमें एंजियोग्राफी में उपयोग होने वाला नॉन-आयोनिक कॉन्ट्रास्ट मीडिया-ऑम्निपेक और विजिपेक भी अस्पताल की आपूर्ति में उपलब्ध है। एनोक्सापारिन 60 मिलीग्राम इंजेक्शन, आइसोप्रेनालिन, हेपरिन, ह्यूमन एल्ब्यूमिन 20 प्रतिशत, नाइट्रोग्लिसरीन, निकोरैंडिल, लिडोकेन, इमिपेनम-सिलास्टिन, पाइपरैसिलिन-टैजोबैक्टम, टीकोप्लानिन, सेवोफ्लुरेन, लाइनज़ोलिड अस्पताल की आपूर्ति में उपलब्ध हैं। अभी तक गंभीर हृदय रोगियों को उपचार के दौरान आवश्यक दवा बाहर से ही लेना पड़ता था। यह किसी भी परिवार पर आर्थिक बोझ जैसा लगता था।
आपातकालीन परिस्थिति में भी अस्पताल देगा दवा
सरकार ओैर अस्पताल के सहयोग से मिली व्यवस्था पर पंडित नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय के डीन डॉ. विवेक चौधरी कहते हैं कि जो दवा की बात की जा रही है, वह काफी महंगी बिकती हैं। गंभीर बीमारी के दौरान इन दवाओं और इंजेक्शनों का इस्तेमाल किया जाता है। इसीलिए यह काफी महंगी बिकती हैं। ऐसे में सरकारी अस्पताल में इनकी निःशुल्क उपलब्धता बीमार से ज्यादा तीमारदारों के लिए राहत है।
अम्बेडकर अस्पताल अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य में नागरिकों के स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। गंभीर हृदय रोगियों को इन दवाओें मिलना बड़ी बात है। बता दें कि स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दे रहे हैं। वह ऐसी दवाओं को फ्री देने के लिए पहले से कहते आए हैं। विशेष रूप से हार्ट अटैक, गंभीर संक्रमण, रक्त के थक्के यह सब आपातकालीन परिस्थितियों से संबंधित हैं।
यह भी पढें : केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मनाया विश्व रोगी सुरक्षा दिवस, एनसीडी देखभाल की गुणवत्ता को बेहतर बनाने पर जोर
अन्य प्रमुख खबरें
-
बच्चों में ये 6 लक्षण हो सकते हैं कैंसर के शुरुआती लक्षण
2026-09-19
-
विश्व रोगी सुरक्षा दिवस पर एनसीडी मरीजों की देखभाल पर हुई चर्चा
2026-09-18
-
पेशाब में जलन और यूटीआई के लक्षण, कारण और बचाव के उपाय
2026-09-18
-
केजीएमयू में प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर 519 टीबी मरीज गोद लिए गए
2026-09-17
-
up :97.75 लाख मरीजों को मुफ्त इलाज मिला, अभी और बढ़ेगा दायरा
2026-09-16
-
लखनऊ के सिविल अस्पताल में 26 सेमी और 450 ग्राम के पित्ताशय की सफल सर्जरी
2026-09-15
-
स्तन कैंसर के शुरुआती लक्षण और जागरूकता की पूरी जानकारी
2026-09-15
-
KGMU आर्थ्रोस्कोपी कॉन्क्लेव 2026: रिवर्स शोल्डर रिप्लेसमेंट ट्रेनिंग
2026-09-15
-
नोएडा में स्वाइन फ्लू का संकट: 24 घंटे में 48 नए मरीज मिले, कुल आंकड़े पहुंचे 365 पर
2026-09-12
-
स्कूलों के बाहर जंक फूड की बिक्री पर रोक की सिफारिश, इस राज्य ने की बड़ी पहल
2026-09-11
-
स्किन टीबी के मरीजों में बढ़ा डीआर-टीबी का खतरा, केजीएमयू शोध
2026-09-11
-
Suicide Prevention Day: हर साल 7 लाख से ज्यादा लोग करते हैं आत्महत्या
2026-09-09
-
टीबी के खिलाफ बन रही योजना, बीमारी से मुक्ति पाने का लक्ष्य
2026-09-09
-
भोपाल में इंटर्न डॉक्टरों के प्रदर्शन प्रकरण की होगी जांच, लाठीचार्ज के विरोध में ओपीडी ठप
2026-09-08
-
बंगाल: 4,500 के पार पहुंचा डेंगू मरीजों का आंकड़ा, मुर्शिदाबाद टाॅप पर
2026-09-07