दर्शकों के दिलों में हमेशा रहेंगे नाना पाटेकर, 'परिंदा' के अन्ना से 'वेलकम' के उदय शेट्टी तक यादगार रहा सफर

खबर सार :-

हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का गुरुवार को 75 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने हिंदी और मराठी फिल्मों में कई दमदार किरदार निभाकर दर्शकों का मनोरंजन किया।
अलविदा नाना पाटेकर: कभी हंसाया-कभी रुलाया, हर किरदार से जीता दिल

खबर विस्तार : -

मुंबई: हिंदी और मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में निधन हो गया है। लगभग पांच दशकों के करियर में, नाना ने कई दमदार किरदार निभाए। उन्होंने कॉमेडी में भी अपनी एक अलग पहचान बनाई। उनके डायलॉग बोलने का अनोखा अंदाज और किरदारों में गहरी भावनाएं भरने की काबिलियत उन्हें दूसरे अभिनेताओं से अलग बनाती थी।

नाना पाटेकर का असली नाम विश्वनाथ पाटेकर था। उनका जन्म 1 जनवरी 1951 को महाराष्ट्र के मुरुड-जंजीरा में हुआ था। उन्होंने मुंबई के सर जे.जे. स्कूल ऑफ आर्ट में पढ़ाई की और थिएटर में भी सक्रिय रूप से जुड़े रहे। उन्होंने 1978 में फिल्म 'गमन' से हिंदी सिनेमा में डेब्यू किया। अगले साल, वह मराठी फिल्म 'सिंहासन' में नजर आए। इसके बाद, उन्होंने हिंदी और मराठी दोनों भाषाओं की फिल्मों में काम किया और 'भालू', 'रघु मैना' और 'सावित्री' जैसी मराठी फिल्मों से अपनी पहचान बनाई।

'अंकुश' से करियर को मिली नई दिशा

नाना के करियर में एक अहम मोड़ 1986 में आया जब उन्होंने एन. चंद्रा की फिल्म 'अंकुश' में काम किया। अपने किरदार के जरिए उन्होंने आम आदमी के संघर्ष और उनके भीतर के गुस्से को शानदार ढंग से दिखाया। 'प्रतिघात', 'मोहरे', 'अंधा युद्ध' और 'सलाम बॉम्बे!' जैसी फिल्मों ने उन्हें एक बेहतरीन कलाकार के तौर पर स्थापित किया।

'परिंदा' के लिए मिला नेशनल अवॉर्ड

विधु विनोद चोपड़ा की 'परिंदा' (1989) नाना के करियर की सबसे अहम फिल्मों में से एक है। इसमें उन्होंने 'अन्ना' नाम के एक खतरनाक अपराधी का किरदार निभाया था। इस परफॉर्मेंस के लिए उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला। 1990 के दशक में उन्होंने 'अग्नि साक्षी', 'खामोशी: द म्यूजिकल', 'राजू बन गया जेंटलमैन', 'अंगार', 'तिरंगा', 'गुलाम-ए-मुस्तफा', 'यशवंत' और 'कोहराम' जैसी फिल्मों में काम किया। 2004 की फिल्म 'अब तक छप्पन' में नाना ने पुलिस अफ़सर साधु अगाशे का रोल निभाया। इसके बाद, वह प्रकाश झा की फिल्म 'अपहरण' में नजर आए। उन्होंने 'टैक्सी नंबर 9211', 'वेलकम', 'राजनीति', 'द अटैक्स ऑफ 26/11' और 'काला' जैसी फिल्मों में अलग-अलग तरह के किरदार निभाए।

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'वेलकम' में दर्शकों को हंसाया

हालांकि नाना पहले गंभीर किरदारों के लिए जाने जाते थे, लेकिन 2007 की फिल्म 'वेलकम' ने उन्हें एक नए रूप में पेश किया। इस फिल्म में उन्होंने उदय शेट्टी का किरदार निभाया और अपनी बेहतरीन कॉमिक टाइमिंग से दर्शकों को हंसाया। उदय शेट्टी को आज भी हिंदी सिनेमा के सबसे यादगार कॉमिक किरदारों में गिना जाता है। नाना पाटेकर का मराठी सिनेमा से भी गहरा नाता रहा। उन्होंने 'पक पक पकाक', 'देऊल', 'नटसम्राट', 'आपला मानूस', 'डॉ. प्रकाश बाबा आमटे: द रियल हीरो', 'यशवंतराव चव्हाण - बखर एका वादळाची' और 'ओले आले' जैसी फिल्मों में काम किया।

2013 में पद्म श्री से सम्मानित हुए नाना पाटेकर

एक्टिंग के अलावा, नाना ने डायरेक्शन में भी हाथ आजमाया। 1991 में उन्होंने 'प्रहार: द फाइनल अटैक' फिल्म को डायरेक्ट किया, जो भारतीय सेना और एक अनुशासित कमांडो की कहानी पर आधारित थी। कला और सिनेमा में उनके योगदान के लिए उन्हें 2013 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया। सिनेमा के अलावा, नाना पाटेकर समाज सेवा में भी शामिल रहे। वह महाराष्ट्र में किसानों और सूखे से प्रभावित परिवारों की मदद करने के कामों में सक्रिय थे। उन्होंने हमेशा अपनी निजी जिंदगी को मीडिया की नजर से दूर रखा।

'अपहरण' में नेगेटिव रोल के लिए मिला अवाॅर्ड

2005 की फिल्म 'अपहरण' में नाना पाटेकर ने 'तबरेज आलम' का नेगेटिव रोल निभाया, जो एक असरदार नेता और माफिया था। उनकी इस परफॉर्मेंस के लिए उन्हें 'बेस्ट परफॉर्मेंस इन ए नेगेटिव रोल' का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला। उन्हें 2017 की फिल्म 'नटसम्राट' में अपनी दमदार एक्टिंग के लिए मराठी फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला। चाहे पॉजिटिव, नेगेटिव या कॉमेडी रोल हो, वे किरदार में इतनी गहराई से डूब जाते थे कि एक्टिंग और असलियत के बीच फर्क करना मुश्किल हो जाता था। 

बच्चों की फिल्म 'अभय' में भूत का किरदार भी निभाया

नाना पाटेकर ने बच्चों की फिल्म 'अभय' में एक भूत का किरदार भी निभाया था। उनका करियर शानदार रहा और बॉलीवुड में आने के बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, गुरुवार सुबह गोवा के डोना पाउला स्थित अपने घर पर नाना पाटेकर को कार्डियक अरेस्ट हुआ। उन्हें तुरंत मणिपाल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने CPR के जरिए उन्हें बचाने की लगातार कोशिश की। हालांकि, ये कोशिशें नाकाम रहीं और उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

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