K Bhagyaraj Last Letter: यह शरीर एक दिन मिट्टी में मिल जाना है, भाग्यराज का आखिरी खत, लिखा-'मेरी आंखें आपकी प्यार भरी नजरें देखने के लिए जिंदा रहीं'

खबर सार :-

तमिल सिनेमा के दिग्गज फिल्ममेकर के. भाग्यराज के निधन के कुछ दिन बाद एक खत मिला है, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया है।
K Bhagyaraj Last Letter: यह शरीर एक दिन मिट्टी में मिल जाना है, भाग्यराज का आखिरी खत, लिखा-'मेरी आंखें आपकी प्यार भरी नजरें देखने के लिए जिंदा रहीं'

खबर विस्तार : -

K Bhagyaraj Last Letter: तमिल सिनेमा के दिग्गज एक्टर फिल्ममेकर और संगीतकार के. भाग्यराज के निधन के कुछ दिन बीत जाने के बाद उनके ऑफिस से एक बेहद भावुक खत मिला है। इस समय यह खत सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है। इसे फेयरवेल लेटर का नाम दिया जा रहा है। भाग्यराज ने अपने निधन से पहले ये लेटर लिखे थे और खत में यह भी लिखा कि इस दुनिया से जाने के बाद इसे शेयर करना। 

K Bhagyaraj Last Letter: सिर्फ राख बचेगी डायरेक्टर का आखिरी खत

तमिल इंडस्ट्री के दिग्गज फिल्ममेकर के. भाग्यराज ने 27 जून को 73 साल की उम्र में इस दुनिया को अलविदा कह दिया था। उनके निधन से तमिल सिनेमा में शोक की लहर दौड़ गई थी। बताया गया कि उन्हे कार्डियक अरेस्ट आया था, जिस कारण उनकी मौत हो गई। उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ पूरा किया गया। इस दौरान तमिल इंडस्ट्री से लेकर पॉलिटिक्स जगत के कई बड़े सितारे नजर आए थे। तमिलनाडु के सीएम जोसेफ विजय और साउथ सुपरस्टार रजनीकांत भी उनके अंतिम संस्कार में शामिल हुए थे। भाग्यराज के निधन के कुछ दिन बाद उनके ऑफिस से एक भावुक फेयरवेल लेटर मिला, जिसे उन्होंने अपने निधन से कुछ समय पहले लिखा था। इस खत में उन्होंने अपने नेत्र दान करने की इच्छा जताई थी। 

K Bhagyaraj Last Letter: मैंने अपनी आंखों को सिर्फ आपकी प्यार भरी नजरें देखने के लिए जिंदा रखा- भाग्यराज

इस खत में उन्होंने अपने फैंस से अपने बेटे शांतनु भाग्यराज का साथ देने की अपील की थी। बता दें कि शांतनु 2008 से ही तमिल इंडस्ट्री में बतौर एक्टर काम कर रहे हैं। भाग्यराज ने अपने खत में लिखा, ''इंसान को असली खुशी तब मिलती है, जब वह अपने आसपास के लोगों को खुश रखता है।'' उन्होंने आगे लिखा, ''उनकी पूरी जिंदगी दर्शकों के प्यार के इर्द-गिर्द घूमती रही।'' अपने फैंस, उनका हौसला बुलंद करने वाली मांओं और साथ काम करने वाले साथियों का धन्यवाद करते हुए भाग्यराज ने लिखा, ''मैंने अपनी आंखों को सिर्फ आपकी प्यार भरी नजरें देखने के लिए जिंदा रखा है। प्लीज उनका ख्याल रखना।'' उनका यह पत्र दो पन्नों में लिखा गया था। 

K Bhagyaraj Last Letter: यह शरीर एक दिन मिट्टी या अग्नि में मिल जाना है- भाग्यराज 

भाग्यराज ने अपने बेटे शांतनु के लिए लिखा, ''अब से आपकी तालियां ही उसके लिए आशीर्वाद होंगी।'' उन्होंने कहा, ''जिस तरह लोगों ने पूरी जिंदगी उन्हें प्यार दिया, वैसे ही अब शांतनु को भी दें।'' उन्होंने यह भी लिखा, ''उनकी दान की गई आंखें, प्रतीकात्मक रूप से मरने के बाद भी लोगों को देखती रहेंगी।'' अपने लेखनी को विराम देते हुए उन्होंने अंतिम में लिखा, ''यह शरीर किसी एक्सपायरी डेट के साथ पैदा नहीं हुआ। एक दिन इसे मिट्टी या अग्नि में मिल जाना है। मेरी जिंदगी की आखिरी यात्रा में जिन्होंने मुझसे प्यार किया, मेरे लिए आंसू बहाए और सम्मान दिया, मैं उन सभी का आभारी हूं। मैं अपनी अच्छी फिल्मों, स्क्रीनप्ले, डायलॉग्स और इंसानियत के जरिए हमेशा जिंदा रहूंगा।''  

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