बचपन में पिता ने दिखाया था स्टेज का रास्ता, आज सुनिधि चौहान हैं बॉलीवुड की दमदार आवाज

खबर सार :-

हिंदी फिल्मों के लिए सिंगर सुनिधि चौहान किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं। उनका करियर भी काफी पुराना है। पांच साल की उम्र से ही उन्होंने गाना सीखना शुरू कर दिया था। सुनिधि ने रोमांटिक से लेकर इमोशनल समेत कई तरह के गाने गाए। इस पहचान के पीछे उनका एक लंबा सफर तो रहा ही, उनके पिता ने बड़ी भूमिका निभाई।
संघर्षाें के दौर से गुजरीं और दमदार आवाज बनीं सुनिधि चौहान, पांच साल से कर रही हैं गायकी

खबर विस्तार : -

मुंबई: सुनिधि चौहान के पिता थिएटर से जुड़े थे। इसी कारण बचपन से ही सुनिधि को संगीत का माहौल भी मिला। वह करीब चार या पांच साल की रही होंगी, तभी से स्थानीय कार्यक्रमों और छोटे मंचों पर गाने लगी थीं। बचपन में वह मंच के पीछे खड़ी रहती थीं और उनके पिता इशारा करके स्टेज पर भेजते थे। यह बात सुनिधि ने मीडिया को बताई थी। उनके पिता ने बचपन में ही उनकी प्रतिभा को पहचान लिया गया था। यह सफर उस समय शुरू हो गया था। इस उम्र में उन्हें मंच पर जाने का मतलब भी सही से पता नहीं था।

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14 अगस्त को सुनिधि चौहान का जन्म नई दिल्ली में हुआ

14 अगस्त 1983 को सुनिधि चौहान का जन्म नई दिल्ली में हुआ था। बचपन में उनका नाम निधि चौहान था। वह जब 11 साल की हुईं तो परिवार दिल्ली से मुंबई आ गया। वहां मशहूर संगीतकार कल्याणजी की संगीत अकादमी से जुड़ गईं। बाद में वह कल्याणजी-आनंदजी के बच्चों के ग्रुप लिटिल वंडर्स की प्रमुख गायिका बनीं। एक बात तो सच है कि सुनिधि को फिल्मों में काम जल्दी मिल गया। हां बड़ा नाम बनने में कुछ साल लगे। 1999 में फिल्म मस्त का गाना रुकी रुकी सी जिंदगी ने उनकी अपनी जिंदगी दौड़ा दी। इस गाने से वह पहचान बनीं। इसके बाद फिजा का महबूब मेरे आया और फिर धूम का धूम मचाले, ओमकारा का बीड़ी सीरियल से धूम मचाने लगे। उन्होंने डॉन का ये मेरा दिल, फैशन का देशी गर्ल, तीस मार खान का शीला की जवानी और धूम 3 का कमली गाकर गायकी की कलाबाज बन गई।

लड़की दीवानी देखो से उनका फिल्मी करियर शुरू हुआ

सिलसिला यहीं नहीं रूका, उनकी लोकप्रियता बढ़ती गई। 1996 में फिल्म शस्त्र के गाने लड़की दीवानी देखो से उनका फिल्मी करियर शुरू हुआ। उन्होंने दूरदर्शन के सिंगिंग शो मेरी आवाज सुनो को महज 13 साल की उम्र में जीत लिया। इस प्रतियोगिता की ट्रॉफी उन्हें लता मंगेशकर से मिली थी।  एक ऐसा दौर भी आया, जब उनकी आवाज को पीड़ा देने वाली बातें सुननी पड़ीं। कुछ संगीतकार उनकी आवाज को मर्दाना कहते थे। उन्हें रोमांटिक गाने पाने में कठिनाई भी हुई। वह खास तरह के गीत या आइटम गानों तक सीमित कर दी गई थीं। उस दौर में संगीतकार अनु मलिक ने उनका साथ दिया। बाद में यही आवाज उनकी दमदार पहचान बन गई।

18 साल की उम्र में उन्होंने बॉबी खान से शादी कर ली

कभी निजी जिंदगी में भी सुनिधि को रूलाया। 2002 में 18 साल की उम्र में उन्होंने कोरियोग्राफर और निर्देशक बॉबी खान से शादी कर ली, लेकिन एक साल में ही दोनों अलग हो गए। उनके परिवार के साथ भी रिश्ते खराब हो गए थे। उन्होंने तलाक के बाद आर्थिक मुश्किलों का भी सामना किया, लेकिन काम पर बराबर ध्यान दिया। बाद में उन्होंने संगीतकार हितेश सोनिक से शादी कर ली। दोनों का एक बेटा है। सुनिधि को पुरस्कारों की कमी रहीं हैं। उन्हें फिल्म मस्त के लिए आर.डी. बर्मन अवॉर्ड, बीड़ी के लिए फिल्मफेयर बेस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर का पुरस्कार मिला। शीला की जवानी के लिए भी फिल्मफेयर जीता। कई और पुरस्कार भी उनको मिले हैं। सुनिधि ने फिल्मों के साथ-साथ छोटे पर्दे पर भी काम किया। सिंगिंग के लिए रियलिटी शो में जज बनीं। 

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