सुरक्षा घेरा में होगा सूरत का गरबा, पुलिस की दो टीमें तैयार, बाइक पर होगी महिला टीम

खबर सार :-

नवरात्रि का पावन पर्व पूरी दुनिया में जश्न के साथ मनाया जा रहा है। वहीं, गुजरात शहर में यह पर्व और महोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। इस पावन अवसर पर शहर में कई बड़े आयोजन होते हैं। इनकी सुरक्षा के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है। कैमरे, एआई तकनीकी, बाइक पुलिस, महिला पुलिस आदि पर विशेष फोकस है। किसी प्रकार के अराजकता से निपटने के लिए कंट्रोल रूम से कमांड दिया जाएगा।
गरबा के दौरान सूरत में घरेलू कपड़ों में होगी पुलिस, कंट्रोल रूम से रखी जाएगी निगरानी

खबर विस्तार : -

सूरतः गुजरात में अहमदाबाद और सूरत का गरबा देखने के लिए दूसरे राज्यों से लोग आते हैं इस बार सूरत में डुमास रीजन मैं आयोजित होने वाली बड़ी गरबा आयोजन को लेकर अभी से चौकसी बढाई जा रही है। पुलिस प्रशासन ने अपनी तकनीकी व्यवस्था के अनुसार काम करना शुरू कर दिया है।

 विशेष गस्ती टीम भी तैयार की जा रही है। प्रशासन के निर्देश हैं कि व्यापक सुरक्षा व्यवस्था के लिए पहले से ही तैयारी कर लें। वहीं सूरत पुलिस से के अनुसार, गरबा सीजन में करीब 10 से अधिक विशेष टीमें तैयार की गई हैं। यह मौके पर लगाई जाएंगी। डीसीपी जोन सात में शेफाली बारवाल आईपीएस के हाथ सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी है। उन्होंने मौका मुआयना भी कर लिया है और इसके अंतर्गत डुमास रीजन की तीन प्रमुख कमर्शियल गरबा ग्राउंड और दो डोम में सुरक्षा व्यवस्था की पुख्ता इंतजाम करने की कवायत चल रही है। 

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आयोजक और पुलिस अपनी तैयारी में व्यस्त

इन क्षेत्रों में पिछले दो दिनों से रात्रि गश्ती भी बढ़ा दी गई है। सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टिगत टीमें तैयार की गई है। उन्होंने भी हरकत शुरु कर दी है। यह टीम में क्रॉस पेट्रोलियम, बाइक पेट्रोलियम, पैदल ग्रस्त के अलावा अपने सरकारी वाहन से भी ग्रस्त कर सकते हैं। यह निरीक्षण करने पर भी पहुंच सकते हैं। इसकी साथ ही उन लोगों पर विशेष नजर रहेगी, जो पुलिस को या पुलिस सूत्रों के अनुसार संदिग्ध बताए जाएंगे। वाहनों की चेकिंग इस क्षेत्र में बराबर होती रहेगी। कार्यक्रम के विशेष इंतजाम के लिए भी आयोजकों ने अपनी-अलग तैयारी शुरू कर रखी है।

इस बार महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखा गया है। उनके लिए मोबाइल हेल्प डेस्क की शुरुआत की गई है। महिला टीम भी बनाई गई और इनमें पुलिस के विभागीय लोग हैं। दो टीमों में जिम्मेदारियां बांट दी गई हैं। महिला पुलिस की यह टीम बाइक से बराबर गस्त करती रहेगी। भीड़ पर नियंत्रण रखने के लिए इनको जिम्मेदारी दी गई है। यदि कोई बच्चा अपने माता-पिता या परिजनों से बिछड़ जाता है तो इनको इनकी कोशिश रहेगी कि उन बच्चों को उनके माता-पिता तक पहुंचा दें। 

आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए हैं इंतजाम 

अथवा महिला या बच्चे को आपातकालीन सहायता की जरूरत होती है तो इस टीम की जिम्मेदारी है कि वह बच्चों की मदद करें। कार्यक्रम के अंतर्गत देर रात तक चलने वाली गरबा आयोजनों को व्यवस्थागत दो भागों में बांटा गया है। डोम के अंदर तैनात पुलिस कर्मियों की जिम्मेदारी होगी कि वह अंदर शांति व्यवस्था बनाए रखें। किसी भी प्रकार से सुरक्षा का माहौल खराब न होने दें। बाहर तैनत्ती में यातायात प्रबंधन के साथ कानून व्यवस्था बनाए रखेंगे। असामाजिक तत्वों पर नजर रहेगी। किसी प्रकार से संदिग्ध व्यक्ति दिखाई पड़ें, तो उसे रोकर यह पूछताछ करेंगे।

गरबा आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है और इसीलिए महिला एवं पुरुष दोनों की टीम बनाई गई है। दोनों कार्यक्रम के दौरान और कार्यक्रम से पहले भी रहेंगे। महिला पुलिस पारंपरिक परिधानों में गरबा पंडाल के भीतर मौजूद रहकर लोगों की गतिविधियों पर नजर रखेंगे। इसके साथ ही वर्दी में तैनात महिला पुलिसकर्मी भी सुरक्षा व्यवस्था संभाल रही है। विशेष पुलिस टीम महिलाओं से छेड़छाड़ करने वालों या अराजक तत्वों पर नजर रखेंगे। 

इस बार किया जा रहा विशेष तकनीकी का प्रयोग

इनके खिलाफ विधि अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। भीड़ में नियंत्रण और निगरानी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आई तकनीकी का इस्तेमाल किया जा रहा है। डुमास रीजन के प्रमुख कमर्शियल गरबा ग्राउंड और दो में विशेष एआई कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों पर कंट्रोल रूम से भी निगरानी रखी जाएगी। जरूरत पड़ने पर उनके फुटेज भी तत्काल निकल जा सकते हैं। इस बार तकनीकी का प्रयोग किया जा रहा है, जिसे हर घंटे में प्रवेश करने वाले लोगों की संख्या का सटीक आंकड़ा मिल जाएगा। भीड़ में नियंत्रण रखने के लिए भी इनका इस्तेमाल किया जाएगा। जहां जरूरत होगी, कैमरे के अनुसार तत्काल पुलिस को वहां भेज दिया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था के लिए कंट्रोल रूम पर मौजूद व्यक्ति बराबर इन कैमरे पर नजर रखेगा। गश्ती टीम कहां पर है? इसकी भी जानकारी कंट्रोल रूम को बराबर मिलती रहेगी। इसके अलावा और भी कई तैयारियां की गई है जो कार्यक्रम के दौरान लागू करेंगे।

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