देशभर में 1.65 लाख से ज्यादा पोस्ट ऑफिस दे रहे सेवाएं, मुगलकाल से जुड़ा है सूरत की डाक व्यवस्था का इतिहास
खबर सार :-
भारत में डाक व्यवस्था का इतिहास बहुत पुरानाहै। 16वीं सदी में शेरशाह सूरी ने ‘डाक चैकियों’ की स्थापना की और घुड़सवारों के जरिए संदेश भेजने की प्रक्रिया को एक व्यवस्थित रूप दिया।
खबर विस्तार : -
सूरत: आज के दौर में जब संदेश दुनिया के किसी भी कोने में कुछ ही पलों में पहुंच जाते हैं, तब उस समय को याद करना दिलचस्प लगता है जब एक शहर से दूसरे शहर तक चिट्ठी, शाही फरमान या व्यापारिक भुगतान का नोट पहुंचाने में कई दिन और कभी-कभी हफ्ते भी लग जाते थे। संचार के इस लंबे इतिहास में डाक व्यवस्था ने अहम भूमिका निभाई है। 9 अक्टूबर को विश्व डाक दिवस के मौके पर सूरत की डाक व्यवस्था का इतिहास और मौजूदा स्थिति खास तौर पर उल्लेखनीय है।
भारत में डाक व्यवस्था की जड़ें प्राचीन काल से जुड़ी हैं। मौर्य काल में संदेशवाहक और कबूतरों के जरिए संदेश भेजे जाते थे। दिल्ली सल्तनत के दौरान इस व्यवस्था में विकास हुआ और 16वीं सदी में शेरशाह सूरी ने 'डाक चौकियों' (डाक केंद्रों) की स्थापना और घुड़सवार संदेशवाहकों का इस्तेमाल करके इसे एक व्यवस्थित रूप दिया। ईस्ट इंडिया कंपनी के शासनकाल में 1766 में वॉरेन हेस्टिंग्स ने डाक सेवा शुरू की। इसके बाद, 1 अक्टूबर 1854 को 'इंडियन पोस्ट ऑफिस एक्ट' लागू होने के साथ आधुनिक भारतीय डाक विभाग की स्थापना हुई। यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन की स्थापना की याद में हर साल 9 अक्टूबर को विश्व डाक दिवस मनाया जाता है, जबकि 10 अक्टूबर को राष्ट्रीय डाक दिवस मनाया जाता है।
‘बाब-उल-मक्का’ सूरत और डाक का पुराना रिश्ता
16वीं और 17वीं सदी में सूरत मुगल साम्राज्य का एक प्रमुख बंदरगाह था। हज यात्रा के लिए एक अहम प्रवेश द्वार होने के कारण इसे ‘बाब-उल-मक्का’ (मक्का का प्रवेश द्वार) के नाम से जाना जाता था। फारस, ऑटोमन साम्राज्य और यूरोप से व्यापारी जहाजों के जरिए आने वाली चिट्ठियां, दस्तावेज और 'हुंडियां' (विनिमय-पत्र) सूरत के रास्ते देश के अलग-अलग हिस्सों में भेजी जाती थीं। सूरत डच, पुर्तगाली और ब्रिटिश व्यापारियों के लिए भी व्यापार का एक अहम केंद्र था। नतीजतन, यहां व्यापारिक गतिविधियों के साथ-साथ संदेश और दस्तावेज भेजने की व्यवस्था का भी बहुत महत्व बढ़ गया।
38 करोड़ से ज्यादा बचत खाते
सूरत डिवीजन के पोस्ट ऑफिस के सीनियर सुपरिटेंडेंट यशकुमार जैन के अनुसार, डाक विभाग अब सिर्फ चिट्ठियां पहुंचाने वाली एजेंसी नहीं रह गया है; यह देश भर के लाखों नागरिकों के लिए वित्तीय और सामाजिक सुरक्षा का एक अहम स्तंभ है। यह विभाग पूरे देश में 38 करोड़ से ज्यादा बचत खातों का प्रबंधन करता है, जिनमें लगभग ₹22 लाख करोड़ की जमा राशि है। उन्होंने बताया कि देशभर में 1.65 लाख से ज्यादा पोस्ट ऑफिस काम कर रहे हैं, जिनमें से लगभग 1.5 लाख ग्रामीण इलाकों में हैं। इस बड़े नेटवर्क की वजह से, भारतीय डाक विभाग को दुनिया का सबसे बड़ा डाक नेटवर्क माना जाता है।
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सूरत पोस्टल डिवीजन 1969 से सक्रिय
सूरत पोस्टल डिवीजन 1969 से काम कर रहा है। इसमें डच काल की एक हेरिटेज बिल्डिंग के साथ-साथ SVNIT कैंपस में स्थित एक आधुनिक 'नेक्स्टजेन' (NextGen) पोस्ट ऑफिस भी शामिल है। यशकुमार जैन के अनुसार, सूरत पोस्टल डिवीजन देश के टॉप 10 पोस्टल बिजनेस सेंटरों में से एक है। सूरत के प्रमुख औद्योगिक और व्यावसायिक केंद्र में, डाक विभाग स्थानीय उत्पादकों और व्यापारियों के लिए सामान और दस्तावेज पहुंचाने का एक अहम जरिया है। सूरत जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में कुल 240 पोस्ट ऑफिस नागरिकों की सेवा करते हैं। इसके कर्मचारियों में शहर में 302 डाक कर्मचारी और ग्रामीण इलाकों में सक्रिय भूमिका निभाने वाले 340 'ग्रामीण डाक सेवक' शामिल हैं।

डाक सेवाओं में बदलाव: चिट्ठियों से बैंकिंग तक
आज, डाकिया की भूमिका सिर्फ घर-घर चिट्ठियां पहुंचाने तक ही सीमित नहीं है। एटीएम कार्ड, पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस जैसे जरूरी दस्तावेजों की होम डिलीवरी के अलावा, ग्रामीण इलाकों में बचत और बीमा योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी जाती है। इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के जरिए वित्तीय सेवाएं, आधार-लिंक्ड पेमेंट सुविधाएं और अन्य बैंकिंग सेवाएं घर-घर उपलब्ध हैं। माइक्रो-एटीएम के जरिए वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों और कामकाजी वर्ग तक भी बैंकिंग सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं। सूरत के नागरिकों के लिए पासपोर्ट सेवा केंद्र, सुकन्या समृद्धि योजना, आधार में सुधार की सुविधाएं और पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।
सूरत पोस्टल डिवीजन की मुख्य योजनाएं
सूरत पोस्टल डिवीजन के तहत रिकरिंग डिपॉजिट, टाइम डिपॉजिट, किसान विकास पत्र, नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट और सेविंग्स अकाउंट जैसी योजनाएं चलाई जाती हैं। इसके अलावा, नागरिकों के लिए सुकन्या समृद्धि योजना, मंथली इनकम स्कीम, PPF, सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम, महिला सम्मान सेविंग्स सर्टिफिकेट, अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना जैसी योजनाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।
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