Did You Know : मच्छरों का जीवन चक्र और स्वास्थ्य पर उनका प्रभाव, मच्छरों से जुड़े रोचक तथ्य
खबर सार :-
मच्छरों के इतिहास, शारीरिक विशेषताओं, काटने की आदतों और उनसे फैलने वाली बीमारियों से जुड़े महत्वपूर्ण और तथ्यात्मक विवरण।
खबर विस्तार : -
नई दिल्ली: वर्षा ऋतु के दौरान मच्छरों की संख्या में भारी वृद्धि देखी जाती है। मच्छर धरती पर सबसे अधिक इंसानों की जान लेने वाले जीव माने जाते हैं। उपलब्ध इनपुट के अनुसार, पृथ्वी पर मच्छरों की 3500 से अधिक प्रजातियां मौजूद हैं और ये करीब 20 करोड़ साल पहले इस ग्रह पर आए थे।
मच्छरों की शारीरिक और संवेदी विशेषताएं
इनपुट में बताया गया है कि मच्छर इंसान की सांस सूंघने की क्षमता रखते हैं और 75 फीट की दूरी से कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) भांप लेते हैं। मच्छर दो फीट प्रति सेकंड की गति से उड़ते हैं और 40 फीट से अधिक ऊंचाई तक नहीं उड़ सकते। वे अपने जन्म स्थान से एक मील के दायरे में ही उड़ते हैं। एक मच्छर की लंबाई लगभग 16 मिलीमीटर और वजन करीब 2.5 मिलीग्राम होता है। उनके छह पैर और 47 दांत होते हैं, तथा उनके पंख एक सेकंड में 500 बार फड़फड़ाते हैं।
मादा मच्छरों की भूमिका और खून चूसने की प्रक्रिया
केवल मादा मच्छर ही खून चूसती हैं, जबकि नर मच्छर शाकाहारी होते हैं। खून न मिलने पर मादा मच्छर नए अंडे नहीं पैदा कर सकतीं। वे एक बार के डंक से 0.001 से 0.1 मिलीलीटर तक खून चूसती हैं, जो उनके अपने वजन से तीन गुना तक हो सकता है। जब वे अधिक उतावले होते हैं, तो कपड़ों के ऊपर से भी डस लेते हैं। खून चूसने के बाद वे त्वचा पर पेशाब भी कर देते हैं। एक मादा मच्छर एक बार में 300 अंडे दे सकती है और अपने जीवनकाल में करीब 500 अंडे देती है। एक मादा मच्छर की आयु लगभग दो महीने और नर मच्छर की आयु लगभग 15 दिन होती है।
रंगों का आकर्षण और मानव रक्त पर प्रभाव
मच्छर किसी अन्य रंग की तुलना में नीले रंग की तरफ अधिक आकर्षित होते हैं। इसके अलावा, 'ओ' ब्लड ग्रुप वाले लोगों और जिन लोगों ने हाल ही में केला खाया हो, उनकी तरफ मच्छर ज्यादा आकर्षित होते हैं। यदि सभी मच्छरों को एक फुटबॉल मैदान में इकट्ठा किया जाए, तो पांच किलोमीटर ऊंचा ढेर लग सकता है। आइसलैंड दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है जहां मच्छर नहीं पाए जाते हैं। ऐतिहासिक आंकड़ों और स्वास्थ्य रिपोर्टों के संदर्भ में, मच्छरों के कारण होने वाली बीमारियां इंसानों के लिए बड़ी चुनौती रही हैं। इनपुट के अनुसार, इतिहास में हुए सभी युद्धों की तुलना में मच्छरों के काटने से अधिक मौतें हुई हैं। विशेष रूप से मलेरिया जैसी बीमारी से हर साल 10 लाख लोगों की जान जा रही है, और अकेले अफ्रीका महाद्वीप में हर 45 सेकंड में एक मौत होती है।
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