Did You Know : बिल्ली को किस जगह हाथ लगाना पसंद है और कहां छूने से भड़क सकती है? जानिए वैज्ञानिक सच्चाई

खबर सार :-

शोधकर्ताओं का कहना है कि अधिकांश लोग बिल्लियों को गलत तरीके से सहलाते हैं। कई बार बिल्लियां भोजन और स्नेह के लिए इस स्पर्श को सिर्फ सहन करती हैं। इस रिपोर्ट में जानिए उन्हें छूने के सबसे सुरक्षित और सबसे संवेदनशील हिस्से कौन से हैं।
Did You Know : बिल्लियों को सहलाना सीखें, सही और गलत तरीकों की पूरी जानकारी

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली: हाल ही में पालतू जानवरों के व्यवहार पर किए गए एक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि अधिकांश लोग बिल्लियों को सहलाते समय सही तरीकों का पालन नहीं करते हैं। वैज्ञानिक विश्लेषण के अनुसार, कई बार बिल्लियां इंसानों के इस स्पर्श को केवल इसलिए बर्दाश्त करती हैं क्योंकि उन्हें इसके बदले में भोजन और लाड़-प्यार मिलता है। इंसानों का यह अनजाना गलत स्पर्श उनके लिए झुंझलाहट का कारण बन सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि बिल्ली के शरीर के कुछ खास हिस्से ही उसे छूने के लिए सबसे सुरक्षित माने जाते हैं। इनमें मुख्य रूप से ठोड़ी के नीचे का हिस्सा, गाल और कानों का निचला आधार शामिल है। इन जगहों पर सहलाने से बिल्लियां सहज महसूस करती हैं और यह उनके साथ बेहतर संवाद व स्नेह स्थापित करने का सबसे अच्छा जरिया बनता है।

बिल्ली के शरीर के संवेदनशील हिस्से

इसके विपरीत, कुछ ऐसे अंग भी हैं जहां हाथ लगाना इस जीव को बिल्कुल पसंद नहीं आता। अध्ययन के मुताबिक, पेट का क्षेत्र और पूंछ का निचला छोर सबसे संवेदनशील और जोखिम भरे हिस्से माने जाते हैं। इन स्थानों पर अचानक हाथ लगाने से वे चिढ़ सकती हैं और उनके भड़कने की आशंका काफी बढ़ जाती है।जानवरों के मिजाज को समझने वाले शोधकर्ताओं ने यह स्पष्ट किया है कि गलत जगह पर स्पर्श करने से पालतू और मालिक के बीच का रिश्ता मजबूत होने के बजाय कमजोर हो सकता है। यह बॉन्डिंग प्रक्रिया को सुधारने के बजाय जानवर में खीझ पैदा करता है, जिससे उनके व्यवहार में बदलाव देखा जा सकता है।

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सही तरीके से बॉन्डिंग बढ़ाने के उपाय

बिल्लियों की शारीरिक भाषा और उनकी प्राथमिकताओं को समझना हर उस व्यक्ति के लिए जरूरी है जो उनके साथ रहना पसंद करता है। उनके मूड और पसंद-नापसंद का सम्मान करके ही उनके साथ एक भरोसेमंद रिश्ता बनाया जा सकता है।

विशेषज्ञ की राय  

पशु व्यवहार विशेषज्ञों का मानना है कि पालतू जीवों की शारीरिक सीमाओं को पहचानना उनकी सेहत और मानसिक शांति के लिए आवश्यक है। यदि उनके सहज क्षेत्रों का ध्यान रखा जाए, तो इंसानों और इन मूक जीवों के बीच का रिश्ता अधिक मधुर और सुरक्षित बन सकता है। पालतू जानवरों के व्यवहार और उनकी शारीरिक प्राथमिकताओं को लेकर समय-समय पर वैज्ञानिक अध्ययन किए जाते हैं, ताकि उनके साथ इंसानों का तालमेल बेहतर हो सके और उनके स्वभाव को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझा जा सके।

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