दमदार शतकीय पारी से रिटायरमेंट की अटकलों को दिया विराम... संन्यास की खबरों पर पहली बार खुलकर बोले रोहित

खबर सार :-

इंग्लैंड के खिलाफ लार्ड्स मैदान पर खेले गए तीसरे वनडे मैच में भारतीय टीम के विस्फोटक ओपनर रोहित शर्मा ने 138 रनों की दमदार पारी खेली। उनका शतक बेकार गया और भारत को इस मुकाबले में 27 रनों से हार का सामना करना पड़ा। रोहित इस पारी के साथ उनके संन्यास की खबरों पर भी विराम लग गया। रोहित के लार्ड्स मैदान पर रिटायरमेंट की अटकलें लगाई जा रही थीं। संन्यास की अटकलों को रोहित ने खारिज कर दिया है।
दमदार शतकीय पारी से रिटायरमेंट की अटकलों को दिया विराम... संन्यास की खबरों पर पहली बार खुलकर बोले रोहित

खबर विस्तार : -

Rohit Sharma: रोहित शर्मा के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सन्यास की खबरें इन दिनों काफी सुर्खियों में रही। इंग्लैंड के खिलाफ लार्ड्स मैदान पर तीसरे वनडे के बाद रोहित के सन्यास लेने की अटकलें लगाई जा रही थीं। तीसरे वनडे में 138 रनों की दमदार पारी खेलकर रोहित ने इन अटकलों पर विराम लगा दिया। मैच के बाद रोहित ने सन्यास की अफवाहों का खारिज कर दिया। रोहित शर्मा ने कहा कि बाहरी शोर-शराबे ने उन्हें कभी भी टीम की सफलता में योगदान देने से नहीं रोका है। पूरे करियर के दौरान लगातार हो रही आलोचनाओं और चर्चाओं पर बात करते हुए रोहित ने साफ किया कि भविष्य को लेकर हो रही बातों ने उनका ध्यान कभी नहीं भटकाया। 

शोर-शराबा न हो तो खेलने में मजा नहीं आता

बीसीसीआई द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर शेयर किए गए वीडियो में रोहित ने कहा, "मेरा काम बल्ले से खेलना है। मैदान पर उतरना, अपने देश और टीम का प्रतिनिधित्व करना। मैंने जब से डेब्यू किया है, मुझे यही करने के लिए कहा गया है। इसी वजह से मैं यही करता रहूंगा। आप जानते हैं कि जब से मैंने डेब्यू किया है, तब से ही शोर-शराबा होता रहा है और जब तक मैं यहां रहूंगा, यह हमेशा होता रहेगा।

इसी कारण मुझे इससे कोई खास फर्क नहीं पड़ता। पूर्व भारतीय कप्तान ने आगे कहा, "मेरे लिए मायने यह रखता है कि मैं मैदान पर क्या करता हूं। मैं टीम की सफलता में योगदान देने की कोशिश करता हूं। अभी मेरा पूरा ध्यान इसी पर है और शोर-शराबे को होने दें। आप जानते हैं कि अगर शोर-शराबा न हो, तो मजा नहीं आता। मेरा काम मैदान के अंदर है; उनका काम बाहर है। इसे इसी नजरिए से देखता हूं।

रोहित शर्मा ने इंग्लैंड की धरती पर रचा इतिहास 

भारत को इंग्लैंड ने तीसरे वनडे में 27 रनों से हरा दिया। इस हार के साथ ही भारतीय टीम ने टी20 के बाद वनडे सीरीज भी 1-2 से गंवाया। बेहतरीन लय में दिखाई दिए रोहित शर्मा ने 138 रनों की लाजवाब पारी खेली। रोहित ने अपनी इस शतकीय पारी के दौरान 17 चौके और 5 छक्के लगाए। रोहित ने इस पारी के साथ ही इंग्लैंड की धरती पर इतिहास रचा। वह भारत और इंग्लैंड वनडे सीरीज में इंग्लिश कंडिशंस में सबसे बड़ी पारी खेलने वाले बल्लेबाज बन गए हैं।

उन्होंने अपना ही 8 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा। रोहित ने साल 2017 में ट्रेंट ब्रिज में 137 रनों की नाबाद पारी खेली थी। रोहित तीसरे वनडे में बेहतरीन लय में दिखाई दिए और उन्होंने कप्तान शुभमन गिल के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए 147 रनों की अहम साझेदारी निभाई। गिल के 77 रनों के स्कोर पर पवेलियन लौटने के बाद रोहित ने विराट कोहली संग मिलकर मोर्चा संभाला। उन्होंने कोहली के साथ दूसरे विकेट के लिए 86 गेंदों में 113 रनों की साझेदारी निभाई। हालांकि, रोहित की यादगार पारी भी भारतीय टीम को जीत नहीं दिला सकी। 

रोहित ने किया भारतीय टीम के गेंदबाजों का बचाव 

रोहित ने भारतीय टीम के गेंदबाजों का बचाव किया। उन्होंने कहा, "जब गेंदबाजों की बात आती है, तो आपको यह समझना होगा कि इन खिलाड़ियों ने ज्यादा वनडे क्रिकेट नहीं खेला है। आपको उन्हें थोड़ा समय देना होगा। हालांकि, उम्मीद है कि हम इस मैच से सीखेंगे। इसे सकारात्मक रूप से लेंगे। यह पक्का करेंगे कि जब हम ऐसी स्थिति में आएं, तो हम बेहतर करने की कोशिश करें। उन्होंने कहा, "नतीजे से थोड़ी निराशा हुई, मुझे लगा कि हम बहुत अच्छा क्रिकेट खेल रहे थे। बर्मिंघम में हमने जिस तरह से शुरुआत की, वह बहुत अच्छा था। असल में, कार्डिफ में हम बल्लेबाजी में थोड़े पीछे रह गए। हमने बल्लेबाजी में पूरी कोशिश की, लेकिन फिर भी 20-25 रन पीछे रह गए। रोहित ने कहा कि अगर भारत इस रन चेज को सफलतापूर्वक पूरा करता, तो एक और नया रिकॉर्ड कायम होता।

रोहित-कोहली ने लॉर्ड्स में पूरी की 21वीं शतकीय साझेदारी 

यह मानते हुए कि भारत के अपेक्षाकृत अनुभवहीन गेंदबाजी अटैक के लिए यह मैच मुश्किल रहा, रोहित ने धैर्य रखने की अपील की और जोर दिया कि इस सीरीज को टीम के लिए एक झटके के बजाय सीखने के अनुभव के तौर पर देखा जाना चाहिए। 39 वर्षीय रोहित ने विराट कोहली के साथ अपनी लंबे समय से चली आ रही बल्लेबाजी साझेदारी के बारे में भी बात की। रोहित और कोहली ने वनडे में एक साथ 8,000 से अधिक रन बनाए हैं और वे वनडे इतिहास में सबसे ज्यादा शतकीय साझेदारियां करने वाली दूसरी सबसे सफल जोड़ी बन गए हैं। उन्होंने रविवार को लॉर्ड्स में अपनी 21वीं शतकीय साझेदारी पूरी की, जो सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली (26) के बाद ऑल-टाइम लिस्ट में दूसरे नंबर पर है।

एक साथ 400 इंटरनेशनल मैच खेलने वाली पहली भारतीय जोड़ी 

इसके अलावा, रोहित-कोहली की जोड़ी एक साथ 400 इंटरनेशनल मैच खेलने वाली पहली भारतीय जोड़ी भी बनी। इंटरनेशनल क्रिकेट में लगभग दो दशक एक साथ बिताने के बाद, रोहित ने कहा कि उनकी आपसी समझ टीम की ताकतों में से एक बनी हुई है। “हमने अपना पूरा करियर एक साथ खेला है। आप जानते हैं कि उनके साथ मैदान पर होना अच्छा लगता है। हमारी कई साझेदारियां रही हैं। इसके साथ में कोहली संग बल्लेबाजी करने में हमेशा मजा आता है। हम एक-दूसरे को बहुत अच्छी तरह समझते हैं। मैदान पर एक-दूसरे के साथ विचार साझा करना और यह देखना कि हम क्या कर सकते हैं, हमेशा अच्छा लगता है।

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