Tahir Hussain Convicted: दिल्ली दंगों के मामले में ताहिर हुसैन दोषी करार, 7 अन्य आरोपी बरी

खबर सार :-

दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने 2020 के दंगों से जुड़े दुकान में लूटपाट और आगजनी के मामले में ताहिर हुसैन को दंगा भड़काने में मदद करने का दोषी ठहराया। सात अन्य आरोपी बरी, 16 नवंबर को सजा पर सुनवाई।
Tahir Hussain Convicted:  दिल्ली दंगों के मामले में ताहिर हुसैन दोषी करार

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली: फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों से जुड़े एक मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को अदालत ने दोषी करार दिया है। कड़कड़डूमा कोर्ट ने शनिवार को 24 फरवरी 2020 को दयालपुर इलाके में एक दुकान में लूटपाट और आगजनी की घटना से जुड़े मामले में यह फैसला सुनाया। अदालत ने ताहिर हुसैन को दंगा भड़काने में मदद करने के आरोप में दोषी ठहराया, जबकि अन्य आरोपों से उन्हें बरी कर दिया। मामले के सात अन्य आरोपियों को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण सिंह की अदालत ने ताहिर हुसैन की सजा की अवधि पर दलीलें सुनने के लिए 16 नवंबर की तारीख निर्धारित की है। अब इस तारीख पर अदालत दोषसिद्धि के बाद दी जाने वाली सजा को लेकर दोनों पक्षों की दलीलें सुनेगी।

दुकान में लूटपाट और आगजनी से जुड़ा है मामला

यह मामला उत्तर-पूर्वी दिल्ली के दयालपुर इलाके में एक दुकानदार की शिकायत पर दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता के मुताबिक, 24 फरवरी 2020 को उसकी दुकान में भीड़ ने कथित तौर पर लूटपाट की और इसके बाद दुकान में आग लगा दी गई। शिकायत में दावा किया गया था कि दुकान से करीब 17 से 18 लाख रुपये का सामान चोरी हुआ, जबकि आगजनी और संपत्ति को हुए नुकसान की कीमत लगभग 10 लाख रुपये आंकी गई थी। इस घटना के संबंध में दयालपुर पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इनमें धारा 147 दंगा करने, धारा 148 घातक हथियार से लैस होकर दंगा करने, धारा 149 गैरकानूनी जमावड़े के साझा उद्देश्य के लिए किए गए अपराध, धारा 427 संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, धारा 436 आग या विस्फोटक पदार्थ के जरिए इमारत को नष्ट करने और धारा 120बी आपराधिक साजिश से संबंधित थीं।

अदालत ने मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी पहलुओं पर विचार करने के बाद ताहिर हुसैन को एक आरोप में दोषी ठहराया। वहीं, उनके खिलाफ लगाए गए अन्य आरोपों पर उन्हें राहत दी गई। इस मामले के सात अन्य आरोपियों को अभियोजन पक्ष के आरोपों से बरी कर दिया गया।

16 नवंबर को सजा पर होगी सुनवाई

ताहिर हुसैन को दोषी ठहराए जाने के बाद अब अदालत में उनकी सजा की अवधि को लेकर सुनवाई होगी। इस दौरान अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष अपनी-अपनी दलीलें रखेंगे। अदालत इसके बाद लागू कानूनी प्रावधानों और मामले की परिस्थितियों के आधार पर सजा निर्धारित करेगी। फिलहाल अदालत ने सजा सुनाने से पहले दलीलों के लिए 16 नवंबर की तारीख तय की है। इसलिए दोषसिद्धि और अंतिम सजा के बीच अंतर को ध्यान में रखना जरूरी है। अदालत ने इस मामले में ताहिर हुसैन को कुछ आरोपों से बरी भी किया है, जबकि अन्य सात आरोपियों को सभी आरोपों से राहत मिली है।

अंकित शर्मा हत्याकांड में भी हो चुकी है दोषसिद्धि

फरवरी 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े मामलों में ताहिर हुसैन को इससे पहले भी दोषी ठहराया जा चुका है। खुफिया ब्यूरो (IB) के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या से जुड़े मामले में अदालत ने ताहिर हुसैन समेत पांच आरोपियों को दोषी ठहराया था। इस मामले में ताहिर हुसैन, जावेद, अनस, नाजिम और कासिम को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। छह अन्य आरोपियों को बरी कर दिया गया था।

अंकित शर्मा हत्याकांड में दोषसिद्धि और उम्रकैद की सजा को ताहिर हुसैन ने दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है। सितंबर में हाईकोर्ट ने उनकी अपील पर दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया था। अदालत ने उनकी अपील को इस मामले के अन्य दोषियों की संबंधित अपीलों के साथ 2 दिसंबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया था। इस प्रकार, दुकान में लूटपाट और आगजनी के मामले में हालिया फैसला तथा अंकित शर्मा हत्याकांड में हुई दोषसिद्धि अलग-अलग न्यायिक कार्यवाहियों से संबंधित हैं। दोनों मामलों की अपील और सजा की स्थिति को अलग-अलग समझना आवश्यक है।

2020 के दिल्ली दंगों में 53 लोगों की हुई थी मौत

फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई सांप्रदायिक हिंसा के दौरान बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हुआ था। हिंसा में 53 लोगों की मौत हुई और कई अन्य लोग घायल हुए थे। दंगों के दौरान दुकानों, मकानों और अन्य संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचा था। इन घटनाओं के बाद दिल्ली पुलिस ने अलग-अलग मामलों में जांच की और कई आरोपियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए। अदालतों में इन मामलों की सुनवाई के दौरान साक्ष्यों, गवाहों और संबंधित कानूनी प्रावधानों के आधार पर फैसले सुनाए जा रहे हैं। ताहिर हुसैन से जुड़े ताजा मामले में अदालत ने उन्हें दंगा भड़काने में मदद करने के आरोप में दोषी ठहराया है, जबकि अन्य आरोपों से बरी किया है। मामले में सात अन्य आरोपियों को भी बरी कर दिया गया है। अब 16 नवंबर को होने वाली सुनवाई में ताहिर हुसैन की सजा की अवधि पर अदालत का अगला फैसला महत्वपूर्ण होगा।.

FAQs

1. ताहिर हुसैन को किस मामले में दोषी ठहराया गया है?

ताहिर हुसैन को फरवरी 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े दयालपुर इलाके में दुकान में लूटपाट और आगजनी के मामले में दंगा भड़काने में मदद करने के आरोप में दोषी ठहराया गया है।

2. ताहिर हुसैन को दोषी ठहराने का फैसला किस अदालत ने सुनाया?

यह फैसला दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण सिंह की अदालत ने सुनाया।

3. ताहिर हुसैन की सजा पर सुनवाई कब होगी?

अदालत ने ताहिर हुसैन की सजा की अवधि पर दलीलें सुनने के लिए 16 नवंबर की तारीख निर्धारित की है।

4. इस मामले में कितने अन्य आरोपियों को बरी किया गया है?

अदालत ने मामले के सात अन्य आरोपियों को सभी आरोपों से बरी कर दिया है। ताहिर हुसैन को भी अन्य आरोपों से बरी किया गया है।

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