Tunnel Collapse: सिक्किम में निर्माणाधीन टनल में भूस्खलन से 8 मजदूरों की मौत, कई फंसे, रेस्क्यू जारी

खबर सार :-

Sikkim Namchi Tunnel Collapse: नामची जिला प्रशासन NHPC अधिकारियों, SDRF, NDRF, सिक्किम पुलिस, फ़ायर और इमरजेंसी सर्विस, स्वास्थ्य विभाग और अन्य संबंधित विभागों के साथ मिलकर लगातार यह ऑपरेशन चला रहा है। SSDMA स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है।
Tunnel Collapse: सिक्किम में निर्माणाधीन टनल में भूस्खलन से 8 मजदूरों की मौत, कई फंसे, रेस्क्यू जारी

खबर विस्तार : -

Sikkim Namchi Tunnel Collapse: सिक्किम में भारी बारिश के कारण नामची जिले में सोमवार को एक टनल में भूस्खलन होने से उसका प्रवेश द्वार बंद हो गया, जिससे 27 कर्मचारी अंदर फंस गए। इनमें से आठ कर्मचारियों की मौत हो गई, जबकि बाकी 19 अभी भी फंसे हुए हैं। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए पास के अस्पतालों में भेजा गया है। इस बीच, प्रशासन, राष्ट्रीय और राज्य-स्तरीय बचाव एजेंसियां और प्रोजेक्ट के विशेषज्ञ मिलकर राहत और बचाव कार्यों में जुटे हैं।

दरअसल नामची जिले के मामरिंग में समरडुंग सुरंग में निर्माण कार्य चल रहा था। यह नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन (NHPC) के तीस्ता स्टेज VI जलविद्युत परियोजना का हिस्सा है। शुरुआती जानकारी के मुताबक सोमवार को साइट पर काम चल रहा था, तभी बारिश की वजह से हुए भूस्खलन से सुरंग ढह गई। इससे रास्ता बंद हो गया और कर्मचारी अंदर फंस गए। घटना के समय पटेल इंजीनियरिंग लिमिटेड के 19 और NHPC के छह कर्मचारी वहां मौजूद थे। उन्हें बचाने के लिए तीन कर्मचारी अंदर गए, लेकिन दो वापस नहीं लौटे।

8 शव बरामद

जिला कलेक्टर अनूपा टामलिंग ने कहा कि भूस्खलन के दौरान सुरंग करीब 27 कर्मचारी मौजूद थे। अब तक 8 शव बरामद किए जा चुके हैं और बाकी मजदूरों की तलाश जारी है। हालांकि सुरंग के अंदर मीथेन गैस का रिसाव शुरू हो गया। गैस की मौजूदगी के कारण बचाव दलों का सुरंग में प्रवेश करना बेहद खतरनाक हो गया है। बचाव अभियान में शामिल कर्मियों को विशेष सुरक्षा उपकरणों और गैस मॉनिटरिंग सिस्टम की मदद से सावधानीपूर्वक आगे बढ़ना पड़ रहा है। नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF), SDRF, ज़िला पुलिस और फायर एंड इमरजेंसी सर्विस की टीमें बचाव अभियान चला रही हैं।

गैस रिसाव से बचाव कार्य में आ रही कठिनाइयां

रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुरंग ढहने के बाद मीथेन गैस का धमाका हुआ, जिससे गैस लीक होने लगी। सुरंग के अंदर 1.5 किलोमीटर की दूरी तक गैस जमा हो गई थी। इसकी निकासी न होने से सुरंग में कम दृश्यता और ऑक्सीजन के निम्न स्तर के कारण लोगों की जान गई और बचाव कार्य में रुकावट आई।  रंगपो फायर एंड इमरजेंसी सर्विस के कर्मचारियों को गैस की वजह से शुरुआती बचाव कार्य रोकने पड़े, क्योंकि उन्हें सांस लेने और देखने में दिक्कत हो रही थी।

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