मध्य प्रदेश में पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले, शाही मस्जिद का हिस्सा हटाने को लेकर बवाल

खबर सार :-

सड़क चौड़ीकरण में रुकावट बन रहे मस्जिद के एक हिस्सा को हटाने के दौरान मुस्लिम समाज की ओर से पत्थरबाजी कर दी गई। पुलिस ने इस दौरान हल्का बल प्रयोग किया।
मप्रः उज्जैन में शाही-मस्जिद का हिस्सा हटाने को लेकर बवाल, प्रदर्शन के बीच हुआ पथराव

खबर विस्तार : -

उज्जैन, मध्य प्रदेश के उज्जैन में सिंहस्थ-2028 की तैयारियां चल रही हैं। इन तैयारियों में एक सड़क को चौड़ा किया जाना है। इसकी जद में एक मस्जिद आ रही है। इसका एक हिस्सा हटाने की कोशिश की जा रही थी। इसी दौरान विरोध कर रहे मुस्लिम समाज के कुछ लोगों ने प्रदर्शन करते हुए पत्थरबाजी शुरू कर दी। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। हंगामा नियंत्रित करने में पुलिस प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी। 

तनाव बढ़ने पर बुलाई गई अतिरिक्त फोर्स

सिंहस्थ-2028 का आयोजन मध्य के उज्जैन में किया जाना है। यहां पहंुचने के लिए प्रस्तावित सड़क का चौड़ीकरण होना है। इसकी जद में एक 636 साल पुरानी शाही मस्जिद आ रही है। इसको हटाने की तैयारी का मुस्लिम समाज की ओर से विरोध किया जा रहा है। सोमवार को मस्जिद का एक हिस्सा हटाया जा रहा था। इस दौरान मुस्लिम समाज के लोग हंगामा करने लगे। इसी बीच कुछ लोगों ने पथराव शुरू कर दिया।

पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। इसके बावजूद कुछ देर तक पथराव जारी रहा। शांति व्यवस्था के मद्देनजर मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बुलानी पड़ी। प्रदशर्न के दौरान ड्यूटी पर तैनात क्राइम ब्रांच की टीआई पुष्पा पांचाल के हाथ में चोट लग गई। ऐसा लगा कि प्रदर्शन की कमान महिलाओं के पास है। वह अचानक आगे बढ़ रही थी, पुलिस इनको रोकने का प्रयास कर रही थी। कुछ पुलिस कर्मी महिलाओं को हटा रहे थे। इनको समझाने की कोशिश भी की जा रही थी। तभी टीआई पुष्पा पांचाल के हाथ में चोट लग गई। 

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पत्थरबाजी में नहीं लगी पुलिसकर्मी को चोट

पुलिस के मुताबिक पत्थरबाजी में चोट नहीं लगी, बल्कि चादर खींचने के दौरान रगड़ से चोट लगी है। बताया जा रहा है कि सोमवार सुबह शाही मस्जिद हटाने के विरोध में टंकी चौराहे पर मुस्लिम समाज के लोग बड़ी संख्या में एकत्रित हो गए। इनमें से ही कुछ लोग मस्जिद परिसर में जाने की जिद करने लगे। इनके साथ में महिलाएं भी थीं। पहले से ही सूत्रों से मिली खबर के आधार पर स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दी गई। मस्जिद के आसपास और आने-जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग भी की गई। 

कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक 15 मीटर सड़क चौड़ीकरण किया जा रहा है। इसके अंतर्गत 900 मीटर लंबी सड़क पर कई दिक्कतें आ रही हैं। इस दूरी पर 7 धर्मस्थल थे। इनमें से अधिकांश को हटा दिया गया। हनुमान मंदिर से गोपाल मंदिर के बीच एक मजार, खड़े हनुमान मंदिर और शाही मस्जिद विवादों में धिरे हैं। इस क्षेत्र में हंगामा के चलते लोगों की आवाजाही बंद कर दी गई थी।

2000 पुलिस जवानों के साथ थे अफसर

यहां पर तनाव को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। बड़ी संख्या में पुलिस की मौजूदगी में नगर निगम व अन्य स्थानों की मशीनें यहां पहुंची थी। मुस्लिम समाज दो दिन से मस्जिद हटाने के विरोध में है। पुलिस बल यहां रविवार रात जेसीबी और पोकलैंड मशीनों के साथ पहुंचा था। इसी दौरान बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ पहुंच गई। हगामा देर रात तक चलता रहा। शाही मस्जिद को लेकर मुस्लिम समाज एक बार फिर मप्र उच्च न्यायालय पहुंचा है। इस मामले में उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ में आज सुनवाई भी होनी है। 

प्रशासन के साथ सहमति बन गई

इधर पुलिस की व्यवस्था भी बड़े स्तर पर कइ गई थी। इनके साथ सुरक्षा के लिए जेसीबी और पोकलैंड मशीनों के साथ करीब 2000 पुलिसकर्मी लगाए गए थे। बाद में पुलिस ने सहमति बनाने की कोशिश की है। यही कारण है कि शहर काजी खलीफुर्रहमान को हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने बताया कि प्रशासन के साथ सहमति बन गई है और आज आगे की कार्रवाई शुरू होगी।

दरअसल, यहां खड़े हनुमान मंदिर को लेकर भी यही हालत बनी हुई है। यहां वैज्ञानिकों के परीक्षण भी कराए गए। कुछ अड़चन अभी तक बनी हुई हैं। मंदिर हटाने में प्रशासन के साथ सहमति भी बन गई थी। इंदौर से आई टीम वापस भी चली गई। प्रशासन को अब मस्जिद का हिस्सा हटाने में मशक्कत करनी पड़ रही है। 

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