दिल्ली में H1N1 का बढ़ता प्रकोप, लगातार बढ़ते मामलों से बढ़ी चिंता, जेपी नड्डा ने की तैयारियों की समीक्षा

खबर सार :-

दिल्ली में H1N1 के मामले तेजी से बढ़े हैं। 12 अगस्त तक 1,449 मामले सामने आए। जेपी नड्डा ने स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ स्थिति और तैयारियों की समीक्षा की। लोगों को भी फ्लू जैसे लक्षणों के प्रति सतर्क रहने और स्थिति बिगड़ने पर समय पर चिकित्सकीय सहायता लेने की सलाह दी जा रही है।
दिल्ली में H1N1 ने बढ़ाई चिंता, जेपी नड्डा ने की समीक्षा बैठक

खबर विस्तार : -

नई दिल्लीः दिल्ली में H1N1 इन्फ्लूएंजा के बढ़ते मामलों के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने शुक्रवार को देश में इन्फ्लूएंजा की मौजूदा स्थिति और इससे निपटने की तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली पर विशेष रूप से फोकस किया गया। बैठक में दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य इन्फ्लूएंजा और इससे होने वाली संभावित जटिलताओं से पीड़ित मरीजों के इलाज के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं और तैयारियों को और मजबूत करना था।

दिल्ली में H1N1 के 1,449 मामले

राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) के आंकड़ों के अनुसार, 12 अगस्त तक दिल्ली में H1N1 के करीब 1,449 मामले दर्ज किए गए हैं। पिछले साल इसी अवधि में दिल्ली में H1N1 के 229 मामले सामने आए थे। इस तरह इस साल मामलों की संख्या पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में छह गुना से भी ज्यादा हो गई है। H1N1 के अलावा दिल्ली में इस साल इन्फ्लूएंजा बी (यामागाता) के 184 मामले भी दर्ज किए गए हैं। संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी के बीच स्वास्थ्य विभाग की ओर से मरीजों के उपचार और अस्पतालों में जरूरी चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

अस्पतालों में बनाए गए विशेष वार्ड

दिल्ली में बढ़ते मामलों से निपटने के लिए अस्पतालों में भी तैयारियां बढ़ाई गई हैं। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह के अनुसार, सफदरजंग अस्पताल, राम मनोहर लोहिया अस्पताल और दिल्ली सरकार के अन्य अस्पतालों में विशेष वार्ड बनाए गए हैं। इन वार्डों का उद्देश्य इन्फ्लूएंजा से प्रभावित मरीजों को आवश्यक उपचार और देखभाल उपलब्ध कराना है। पंकज कुमार सिंह ने कहा कि दिल्ली सरकार के अस्पतालों में डॉक्टर मरीजों का उचित इलाज कर रहे हैं। साथ ही दवाइयों, अस्पतालों में बेड और वेंटिलेटर की पर्याप्त व्यवस्था किए जाने की बात भी कही गई है। सरकार का प्रयास है कि संक्रमण के मामलों में वृद्धि होने की स्थिति में मरीजों को समय पर आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।

2019 में सामने आए थे 3,637 मामले

दिल्ली में इससे पहले भी H1N1 संक्रमण के मामले सामने आते रहे हैं। वर्ष 2019 में राजधानी में H1N1 के 3,637 मामले दर्ज किए गए थे और संक्रमण से संबंधित 31 मौतें हुई थीं। H1N1 इन्फ्लूएंजा 'ए' वायरस का एक प्रकार है, जो मुख्य रूप से श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है। डॉक्टरों के अनुसार, H1N1 संक्रमण नाक, गले और फेफड़ों को प्रभावित कर सकता है। संक्रमण के दौरान आमतौर पर बुखार, खांसी, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, थकान, पसीना आना और ठंड लगना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

जटिलताओं का खतरा

इन्फ्लूएंजा से संक्रमित अधिकांश मरीज समय के साथ ठीक हो जाते हैं। हालांकि कुछ मरीजों में संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है और कई तरह की जटिलताएं सामने आ सकती हैं। इनमें वायरल निमोनिया, सेकेंडरी बैक्टीरियल निमोनिया और पहले से मौजूद हृदय या फेफड़ों से संबंधित बीमारी का बिगड़ना शामिल है। इसी वजह से डॉक्टर इन्फ्लूएंजा जैसे लक्षणों वाले लोगों को अपनी स्थिति पर नजर रखने की सलाह देते हैं। अगर लक्षण गंभीर हो जाएं या लगातार बिगड़ते रहें तो चिकित्सा सहायता लेना जरूरी है।

इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

H1N1 या इन्फ्लूएंजा जैसे लक्षणों के दौरान कुछ संकेत गंभीर स्थिति की ओर इशारा कर सकते हैं। सांस लेने में कठिनाई, लगातार सीने में दर्द, भ्रम की स्थिति, अत्यधिक कमजोरी या निर्जलीकरण जैसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय जांच की जरूरत होती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, बीमारी के लक्षणों को नजरअंदाज करने के बजाय समय रहते चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है, खासकर तब जब मरीज की स्थिति लगातार खराब हो रही हो।

पीएम-एबीएचआईएम और स्वास्थ्य अनुदान की भी समीक्षा

H1N1 की स्थिति की समीक्षा के अलावा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से पीएम-एबीएचआईएम और 15वें वित्त आयोग (15वें एफसी) स्वास्थ्य अनुदान को लेकर भी समीक्षा बैठक आयोजित की गई। यह बैठक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के संयुक्त सचिव (नीति) की अध्यक्षता में हुई। बैठक के दौरान पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, दादरा एवं नगर हवेली, दमन एवं दीव, लक्षद्वीप, पुडुचेरी, केरल, जम्मू एवं कश्मीर, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।

मंत्रालय की ओर से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भौतिक और वित्तीय प्रगति में तेजी लाने के लिए कहा गया। साथ ही स्वीकृत स्वास्थ्य अवसंरचना और सुविधाओं का निर्माण समय पर पूरा करने तथा उन्हें जल्द से जल्द संचालन में लाने पर जोर दिया गया। दिल्ली में H1N1 के मामलों में हुई वृद्धि के बीच केंद्र और दिल्ली सरकार की ओर से अस्पतालों की तैयारियों और मरीजों के इलाज की व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा रही है।

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