अमित शाह ने की RBI और शहरी सहकारी बैंकों से भरोसे के साथ मिलकर काम करने की अपील

खबर सार :-

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने RBI और शहरी सहकारी बैंकों के बीच बेहतर समन्वय की अपील की। उन्होंने NUCFDC का मुख्यालय महाराष्ट्र स्थानांतरित करने की घोषणा भी की।
महाराष्ट्र होगा NUCFDC का मुख्यालय, अमित शाह ने की ये अपील

खबर विस्तार : -

मुंबई: शहरी सहकारी बैंकिंग क्षेत्र को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के बीच बेहतर समन्वय और आपसी विश्वास की जरूरत है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा कि RBI ने पिछले कुछ वर्षों में शहरी सहकारी बैंकों के प्रति सहयोगात्मक रवैया अपनाया है। उन्होंने शहरी सहकारी बैंकों और केंद्रीय बैंक दोनों से पुरानी धारणाओं से आगे बढ़कर विश्वास और भरोसे के साथ मिलकर काम करने की अपील की।

मुंबई में नेशनल अर्बन कोऑपरेटिव फाइनेंस एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (NUCFDC) के नए कार्यालय भवन के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि सहकारी बैंकिंग क्षेत्र और RBI के बीच संबंधों को और मजबूत किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब भी सरकार और सहकारी बैंकिंग क्षेत्र ने सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ RBI के समक्ष अपनी बात रखी है, केंद्रीय बैंक ने भी सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है।

RBI के कई कदमों का किया उल्लेख

अमित शाह ने शहरी सहकारी बैंकों के लिए RBI की ओर से हाल के वर्षों में उठाए गए कई कदमों को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि नियामक ने शाखाओं के विस्तार से जुड़े नियमों में ढील देने के साथ-साथ घर-घर बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने की अनुमति दी है। इसके अलावा शहरी सहकारी बैंकों को डिमांड ड्राफ्ट जारी करने और जीवन प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने की अनुमति भी दी गई है। क्षेत्र की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक समर्पित नोडल अधिकारी की नियुक्ति को भी उन्होंने महत्वपूर्ण कदम बताया।

केंद्रीय मंत्री ने हाल में शहरी सहकारी बैंकों के लिए किए गए नियामकीय सुधारों का स्वागत करते हुए कहा कि इनसे क्षेत्र की कार्यक्षमता और व्यावसायिक क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी। इनमें सोने के बदले दिए जाने वाले ऋण की सीमा बढ़ाना और वन-टाइम सेटलमेंट (OTS) की व्यवस्था लागू करना प्रमुख है।

6 लाख करोड़ रुपये से अधिक जमा

अमित शाह ने कहा कि वर्तमान में देश के शहरी सहकारी बैंकों में 6 लाख करोड़ रुपये से अधिक की जमा राशि मौजूद है। यह आंकड़ा इस क्षेत्र की वित्तीय क्षमता और आम लोगों के बीच इसकी पहुंच को दर्शाता है। उनकी यह टिप्पणी RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा द्वारा हाल में शहरी सहकारी बैंकों के लिए ऑन-टैप लाइसेंसिंग फ्रेमवर्क लागू करने की दिशा में हुई प्रगति की जानकारी दिए जाने के कुछ दिनों बाद आई है। इससे शहरी सहकारी बैंकिंग क्षेत्र में नए संस्थानों के प्रवेश और विस्तार की संभावनाएं भी बढ़ सकती हैं।

छोटे उधारकर्ताओं को बताया अपेक्षाकृत सुरक्षित ऋण वर्ग

अमित शाह ने शहरी सहकारी बैंकों की व्यावसायिक संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि छोटे उधारकर्ता सहकारी बैंकों के लिए अपेक्षाकृत सुरक्षित ऋण वर्ग साबित हो सकते हैं। उन्होंने अपने गुजरात में एक सहकारी बैंक के अध्यक्ष के रूप में कार्यकाल का उदाहरण देते हुए कहा कि उस बैंक ने बिना किसी गारंटी के 2.5 लाख रुपये तक के ऋण उपलब्ध कराए थे। उन्होंने दावा किया कि इस व्यवस्था के बावजूद ब्याज सहित ऋण की वसूली दर 99 प्रतिशत से अधिक रही। अमित शाह ने कहा कि छोटे उधारकर्ताओं के साथ स्थानीय स्तर पर मजबूत संबंध और भरोसा सहकारी बैंकों की एक बड़ी ताकत है। इस क्षमता का इस्तेमाल बैंकिंग सेवाओं को और व्यापक बनाने के लिए किया जा सकता है।

NUCFDC से जुड़ने के लिए अधिक बैंकों से अपील

अमित शाह ने देश के शहरी सहकारी बैंकों से नेशनल अर्बन कोऑपरेटिव फाइनेंस एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के साथ अपने संबंध मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में केवल करीब 690 शहरी सहकारी बैंक ही इस संस्था के सदस्य हैं, जबकि देश में लगभग 1,400 शहरी सहकारी बैंक हैं। केंद्रीय मंत्री ने सुझाव दिया कि NUCFDC की सदस्यता शुल्क को कम किया जाना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक शहरी सहकारी बैंक इससे जुड़ सकें। उनका कहना था कि व्यापक सदस्यता से संस्था की क्षमता और प्रभाव दोनों बढ़ेंगे तथा पूरे क्षेत्र को एक साझा मंच और वित्तीय सहयोग का बेहतर आधार मिल सकता है।

महाराष्ट्र में होगा NUCFDC का मुख्यालय

कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि नेशनल अर्बन कोऑपरेटिव फाइनेंस एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन का मुख्यालय नई दिल्ली से महाराष्ट्र स्थानांतरित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र में 449 शहरी सहकारी बैंक हैं। महाराष्ट्र के साथ गुजरात, गोवा और कर्नाटक को मिलाकर देश के लगभग 70 प्रतिशत शहरी सहकारी बैंकों का प्रतिनिधित्व होता है। ऐसे में मुख्यालय को महाराष्ट्र स्थानांतरित करने से देश के बड़े सहकारी बैंकिंग केंद्रों के साथ संस्था का समन्वय और मजबूत होने की उम्मीद है।

अमित शाह के मुताबिक, शहरी सहकारी बैंक देश के वित्तीय तंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में RBI, सरकार और सहकारी बैंकिंग संस्थाओं के बीच बेहतर विश्वास, नियामकीय सहयोग और संस्थागत समन्वय से इस क्षेत्र को नई गति मिल सकती है। सरकार का जोर शहरी सहकारी बैंकों की वित्तीय क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें तकनीकी और नियामकीय रूप से अधिक मजबूत बनाने पर भी है।

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