अमित शाह ने एलएनजी से चलने वाली ट्रेन को दिखाई हरी झंडी, बोले- पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अहम कदम

खबर सार :-

अहमदाबाद के साबरमती रेलवे स्टेशन पर अमित शाह ने एलएनजी से चलने वाली ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। उन्होंने रेलवे परियोजनाओं, पर्यावरण संरक्षण और यात्री सुविधाओं पर जोर दिया।
अहमदाबाद में अमित शाह ने एलएनजी ट्रेन को दिखाई हरी झंडी

खबर विस्तार : -

अहमदाबाद: गुजरात के अहमदाबाद में रविवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने साबरमती रेलवे स्टेशन से एलएनजी से चलने वाली देश की पहली ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। इस मौके पर उन्होंने इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। कार्यक्रम के दौरान साबरमती रेलवे डिवीजन से जुड़ी कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया गया। इन परियोजनाओं में पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा से संबंधित कार्य शामिल हैं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने साबरमती की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि साबरमती वह धरती है, जो आत्मशक्ति और सत्य के प्रयोगों के लिए जानी जाती है। इसी क्षेत्र में महात्मा गांधी ने आश्रम स्थापित किया था और साबरमती आश्रम स्वतंत्रता आंदोलन की गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बना था। शाह ने कहा कि महात्मा गांधी ने यहीं से सत्याग्रह, सादा जीवन, ग्रामीण विकास और खादी से जुड़े प्रयोगों को जमीनी स्तर पर आगे बढ़ाया था।

यात्रियों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं

अमित शाह ने कहा कि साबरमती डिवीजन में भारतीय रेलवे की कई परियोजनाएं शुरू की जा रही हैं। इनमें कुछ योजनाएं पर्यावरण संरक्षण, कुछ यात्री सुविधाओं और कुछ यात्रियों की सुरक्षा से संबंधित हैं। उन्होंने साबरमती रेलवे स्टेशन में पिछले वर्षों में हुए बदलाव का भी जिक्र किया। शाह ने कहा कि एक समय ऐसा था जब लोगों को स्टेशन से बाहर निकलने के बाद रिक्शा लेने के लिए करीब दो किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ता था। अब स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और कनेक्टिविटी के लिहाज से काफी बदलाव हुआ है। उन्होंने कहा कि साबरमती स्टेशन से मेट्रो रेल, राज्य परिवहन बस स्टैंड और भविष्य में हाई-स्पीड रेल सेवा तक कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी।

उन्होंने बताया कि साबरमती में करीब 1,472 करोड़ रुपये की लागत वाली विभिन्न रेलवे परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया जा रहा है। इन परियोजनाओं से आने वाले समय में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को मजबूत करने में मदद मिलने की बात कही गई।

तकनीक और स्वदेशी उत्पादन पर जोर

अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय रेलवे में विकास की गति तेज हुई है। उन्होंने प्रीमियम रेलवे स्टेशन, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और रैपिड रेल सिस्टम जैसी परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि रेलवे में नई तकनीकों को अपनाया जा रहा है। उन्होंने हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन की शुरुआत का भी उल्लेख किया और कहा कि इससे भारत आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल रेलवे तकनीक की दिशा में आगे बढ़ रहा है। शाह ने लोकोमोटिव निर्माण में स्वदेशी तकनीक और उत्पादन पर जोर देते हुए कहा कि भारत में बनाए जा रहे लोकोमोटिव में करीब 94 प्रतिशत हिस्सा 'मेक इन इंडिया' का है। उन्होंने कहा कि जल्द ही 100 प्रतिशत स्वदेशी उत्पादन के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ने का प्रयास किया जाएगा।

अमित शाह ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और साबरमती रेलवे डिवीजन की पूरी टीम को नई परियोजनाओं के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि साबरमती डिवीजन में पर्यावरण, यात्री सुविधा और सुरक्षा से जुड़ी कई पहल शुरू की जा रही हैं।

बढ़ेगी माल ढुलाई क्षमता

कार्यक्रम में अमित शाह ने रेलवे के माल ढुलाई नेटवर्क में हो रहे तकनीकी बदलावों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 1,200 हॉर्सपावर क्षमता वाला ट्विन-सेक्शन इंजन करीब 600 ट्रकों के बराबर माल ढुलाई क्षमता रखता है। पहले इतनी क्षमता के लिए दो लोकोमोटिव की जरूरत पड़ती थी, लेकिन अब एक डब्ल्यूएजी-12 इंजन यह काम कर सकता है। उन्होंने कहा कि इससे देश की माल ढुलाई व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और रेलवे की क्षमता में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी होगी। शाह ने बताया कि देश में डबल डेकर मालगाड़ी का ट्रायल भी जारी है। इससे भविष्य में एक साथ अधिक माल ले जाने की क्षमता बढ़ सकती है।

दिल्ली-हावड़ा और दिल्ली-गुवाहाटी कॉरिडोर पर काम

अमित शाह ने कहा कि दिल्ली से हावड़ा और दिल्ली से गुवाहाटी तक करीब 11,000 किलोमीटर लंबे रेल कॉरिडोर को चार-लेन नेटवर्क में बदलने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस तरह की परियोजनाओं से रेलवे की क्षमता बढ़ाने के साथ यातायात प्रबंधन और कनेक्टिविटी को भी लाभ मिल सकता है। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले रेलवे क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर अपेक्षित गति से काम नहीं हुआ था। उनके मुताबिक, इसके बाद डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, रैपिड रेल सिस्टम और आधुनिक रेलवे स्टेशनों जैसी परियोजनाओं को आगे बढ़ाया गया। कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने रेलवे के आधुनिकीकरण, पर्यावरण अनुकूल परिवहन, यात्री सुविधाओं और माल ढुलाई क्षमता बढ़ाने को भविष्य की जरूरत बताया। 

यह भी पढ़ेंः-विश्व पर्यटन दिवस पर देश मना रहा जश्न, राजनेताओं ने दीं शुभकामनाएं

अन्य प्रमुख खबरें