शेयर बाजार में फिर गिरावट, सेंसेक्स 332 अंक टूटा; IT-रियल्टी शेयरों पर दबाव, निवेशकों की बढ़ी चिंता
खबर सार :-
भारतीय शेयर बाजार की मंगलवार की कमजोर शुरुआत ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। सेंसेक्स और निफ्टी पर दबाव के बीच आईटी और रियल्टी शेयर सबसे ज्यादा कमजोर रहे। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, ब्याज दरों की चिंता, विदेशी संकेत और आईपीओ में पूंजी का प्रवाह बाजार के लिए चुनौती बने हुए हैं। हालांकि, मौजूदा गिरावट मजबूत फंडामेंटल वाली लार्जकैप कंपनियों में निवेश के अवसर भी पैदा कर सकती है।
खबर विस्तार : -
Share Market Crashed: भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार को कारोबार की शुरुआत कमजोरी के साथ की। शुरुआती सत्र में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। सुबह 9:20 बजे सेंसेक्स 332 अंक यानी 0.44 प्रतिशत गिरकर 75,800 के स्तर पर था। वहीं, निफ्टी 86 अंक यानी 0.36 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 23,692 पर कारोबार कर रहा था।
शुरुआती कारोबार में सबसे ज्यादा दबाव रियल्टी और आईटी शेयरों पर देखने को मिला। सेक्टोरल सूचकांकों में निफ्टी रियल्टी और निफ्टी आईटी प्रमुख दबाव वाले इंडेक्स रहे। इनके अलावा निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी ऑटो, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी इन्फ्रा, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, निफ्टी कंजप्शन, निफ्टी ऑयल एंड गैस और निफ्टी पीएसयू बैंक भी कमजोरी के साथ कारोबार कर रहे थे।
डिफेंस और मेटल शेयरों में दिखी मजबूती
बाजार के व्यापक रुख के बीच कुछ सेक्टरों में खरीदारी भी देखने को मिली। निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी मेटल, निफ्टी पीएसई और निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। इससे संकेत मिला कि बाजार में पूरी तरह बिकवाली का माहौल नहीं है और कुछ चुनिंदा सेक्टरों में निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है। लार्जकैप शेयरों के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर भी शुरुआती कारोबार में दबाव में रहे। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 31 अंक यानी 0.16 प्रतिशत की गिरावट के साथ 20,067 पर था। वहीं निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 98 अंक यानी 0.16 प्रतिशत कमजोर होकर 62,688 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
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लाल निशान में सेंसेक्स के ज्यादातर दिग्गज शेयर
सेंसेक्स पैक में शुरुआती कारोबार के दौरान कई प्रमुख कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखने को मिली। ट्रेंट, एमएंडएम, सन फार्मा, टीसीएस, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, भारती एयरटेल, टेक महिंद्रा, मारुति सुजुकी, एचसीएल टेक, अल्ट्राटेक सीमेंट, एशियन पेंट्स, पावर ग्रिड, बजाज फाइनेंस, एचडीएफसी बैंक, इन्फोसिस, एलएंडटी और एसबीआई कमजोर शेयरों में शामिल रहे। हालांकि कुछ शेयरों ने बाजार के दबाव के बीच मजबूती दिखाई। बीईएल, इटरनल, अदाणी पोर्ट्स और बजाज फिनसर्व सेंसेक्स पैक में बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख
भारतीय बाजार के साथ एशियाई शेयर बाजारों में भी कारोबार मिला-जुला रहा। टोक्यो, शंघाई, बैंकॉक, सोल और जकार्ता के बाजार हरे निशान में थे, जबकि हांगकांग में कमजोरी देखने को मिली। दूसरी ओर, अमेरिकी बाजार सोमवार को लेबर डे की छुट्टी के कारण बंद रहे। ऐसे में घरेलू बाजार के लिए एशियाई संकेत महत्वपूर्ण रहे।
कच्चा तेल, IT बिकवाली और IPO बने चुनौती
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक भारतीय शेयर बाजार में लगातार पांचवें सप्ताह धीरे-धीरे लेकिन लगातार गिरावट का दबाव बना हुआ है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, आईटी शेयरों में बिकवाली, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर चिंता और तेजी से बढ़ता आईपीओ बाजार बाजार की धारणा पर असर डाल रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि आईपीओ बाजार में बड़ी मात्रा में पूंजी जाने से सेकेंडरी मार्केट में उपलब्ध निवेश राशि पर भी दबाव पड़ सकता है। वहीं, कच्चे तेल की महंगाई और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता को प्रभावित कर रही है। जानकारों के अनुसार फिलहाल बाजार की कमजोरी के पीछे मौजूद मैक्रो फैक्टर पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं। इसलिए निकट अवधि में उतार-चढ़ाव और गिरावट का दबाव जारी रह सकता है। हालांकि, इस कमजोरी में लार्जकैप शेयरों में निवेश के अवसर भी बन सकते हैं, खासकर उन कंपनियों में जिनके फंडामेंटल मजबूत हैं लेकिन बाजार दबाव के कारण उनके शेयर कमजोर स्तर पर कारोबार कर रहे हैं।
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FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)....
1. मंगलवार को शेयर बाजार की शुरुआत कैसी रही?
भारतीय शेयर बाजार मंगलवार को लाल निशान में खुला। सेंसेक्स 332 अंक गिरकर 75,800 और निफ्टी 86 अंक कमजोर होकर 23,692 पर रहा।
2. किन सेक्टरों के शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव रहा?
शुरुआती कारोबार में आईटी और रियल्टी शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला।
3. बाजार में गिरावट की प्रमुख वजहें क्या हैं?
कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, आईटी शेयरों में बिकवाली, ब्याज दरों को लेकर चिंता और आईपीओ बाजार में बढ़ता पूंजी प्रवाह प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं।
4. क्या बाजार की गिरावट में निवेश का अवसर भी है?
जानकारों के मुताबिक मजबूत फंडामेंटल वाली कुछ लार्जकैप कंपनियों के शेयर मौजूदा कमजोरी में निवेश के अवसर दे सकते हैं।
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