RBI के फैसले से बाजार को मिला बूस्टर डोजः सेंसेक्स में 152 अंकों की बढ़त, निवेशकों को ₹2.5 लाख करोड़ का फायदा
खबर सार :-
आरबीआई के स्थिर नीतिगत रुख और मजबूत आर्थिक अनुमान से भारतीय शेयर बाजार को समर्थन मिला, हालांकि वैश्विक तनाव के कारण बढ़त सीमित रही। सेंसेक्स और निफ्टी हरे निशान में बंद हुए, जबकि निवेशकों की संपत्ति में 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बढ़ोतरी हुई। आने वाले दिनों में वैश्विक संकेत, तेल कीमतें और विदेशी निवेश बाजार की दिशा तय करेंगे।
खबर विस्तार : -
Indian Stock Market Boost: भारतीय शेयर बाजार ने सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन उतार-चढ़ाव के बीच मजबूती दिखाई और मामूली बढ़त के साथ हरे निशान में कारोबार समाप्त किया। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा रेपो दर को यथावत रखने और आर्थिक वृद्धि को लेकर सकारात्मक अनुमान ने निवेशकों का भरोसा बनाए रखा। हालांकि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के कारण बाजार दिनभर दबाव और खरीदारी के बीच झूलता रहा।
कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 152 अंक (0.19%) की बढ़त के साथ 78,581 पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी 50 करीब 10 अंक (0.04%) चढ़कर 24,624.65 पर बंद हुआ। शुरुआती तेजी के बावजूद दोनों प्रमुख सूचकांक दिन के उच्चतम स्तर से नीचे आ गए।
शानदार शुरुआत, लेकिन मुनाफावसूली से घटी बढ़त
बाजार की शुरुआत मजबूत रही। सेंसेक्स अपने पिछले बंद 78,428.95 के मुकाबले बढ़त के साथ 79,055.38 तक पहुंचा, जो दिन का उच्चतम स्तर रहा। हालांकि बाद में मुनाफावसूली बढ़ने से सूचकांक फिसलकर 78,285.74 तक भी पहुंचा। इसके बावजूद अंतिम घंटे में खरीदारी लौटने से सेंसेक्स बढ़त के साथ बंद हुआ। निफ्टी 50 ने भी सकारात्मक शुरुआत की और 24,677.60 का इंट्रा-डे हाई बनाया। कारोबार के दौरान इसमें गिरावट आई और यह 24,497.95 तक पहुंच गया, लेकिन अंत में मामूली बढ़त के साथ कारोबार समाप्त हुआ। विश्लेषकों का मानना है कि बाजार में निवेशकों ने आरबीआई के फैसले का सकारात्मक स्वागत किया, लेकिन वैश्विक संकेतों और तेल की कीमतों में तेजी ने तेजी को सीमित रखा।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में बेहतर प्रदर्शन
बड़े शेयरों के मुकाबले व्यापक बाजार ने बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.18 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.76 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए। यह संकेत देता है कि निवेशकों की दिलचस्पी केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि मिड और स्मॉलकैप शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली।
इन सेक्टरों ने संभाला बाजार
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी मेटल, निफ्टी ऑटो और निफ्टी रियल्टी ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। मेटल कंपनियों में मजबूत खरीदारी और ऑटो सेक्टर में सकारात्मक रुझान ने बाजार को सहारा दिया। दूसरी ओर निफ्टी बैंक और निफ्टी प्राइवेट बैंक दबाव में रहे। बैंकिंग शेयरों में सीमित बिकवाली के कारण बाजार की तेजी कुछ हद तक नियंत्रित रही।
इन शेयरों ने किया शानदार प्रदर्शन
निफ्टी 50 में श्रीराम फाइनेंस, ग्रासिम इंडस्ट्रीज, जेएसडब्ल्यू स्टील, हिंडाल्को, एनटीपीसी और बजाज ऑटो के शेयर सबसे ज्यादा लाभ में रहे। वहीं टीसीएस, अपोलो हॉस्पिटल, एचसीएल टेक, सन फार्मा, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज और एसबीआई लाइफ के शेयरों में कमजोरी दर्ज की गई। विशेषज्ञों का कहना है कि सेक्टर आधारित खरीदारी और चुनिंदा शेयरों में निवेशकों की रुचि बाजार को समर्थन देती रही।
निवेशकों की दौलत में ₹2.5 लाख करोड़ का इजाफा
बाजार में आई तेजी का सीधा फायदा निवेशकों को मिला। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण बढ़कर 492.2 लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गया। पिछले कारोबारी सत्र की तुलना में निवेशकों की कुल संपत्ति में करीब 2.5 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ। इससे बाजार में सकारात्मक निवेश भावना देखने को मिली।
RBI के फैसले से बढ़ा भरोसा
बाजार की मजबूती का सबसे बड़ा कारण आरबीआई की मौद्रिक नीति रही। केंद्रीय बैंक ने अगस्त 2026 की मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो दर 5.25 प्रतिशत पर यथावत रखने का फैसला किया। साथ ही मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने अपना 'तटस्थ' रुख भी बरकरार रखा। इससे निवेशकों को संकेत मिला कि फिलहाल ब्याज दरों में कोई अप्रत्याशित बदलाव नहीं होगा। आरबीआई ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 6.7 प्रतिशत आर्थिक विकास दर का अनुमान दोहराया और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित महंगाई दर 5 प्रतिशत रहने की संभावना जताई। इन अनुमानों ने बाजार के भरोसे को मजबूत किया।
वैश्विक घटनाक्रम पर भी रही नजर
घरेलू कारकों के साथ निवेशकों की नजर वैश्विक घटनाक्रम पर भी बनी रही। पश्चिम एशिया में तनाव और तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने बाजार की चाल को प्रभावित किया। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार अमेरिका, ईरान और ओमान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर समझौते की संभावना जताई गई है। यदि इस दिशा में सकारात्मक प्रगति होती है तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और कच्चे तेल की कीमतों पर इसका असर पड़ सकता है। विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भारतीय बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी।
ये भी पढ़ें...RBI MPC का बड़ा फैसला: रेपो रेट 5.25% पर बरकरार, फिलहाल नहीं बढ़ेगी आपकी EMI
FAQ….
1. शेयर बाजार बढ़त के साथ क्यों बंद हुआ?
भारतीय शेयर बाजार में तेजी का मुख्य कारण आरबीआई द्वारा रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रखना और आर्थिक विकास को लेकर सकारात्मक अनुमान रहा। इससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ।
2. सेंसेक्स और निफ्टी में कितनी बढ़त दर्ज हुई?
कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 152 अंक यानी 0.19 प्रतिशत बढ़कर 78,581 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 करीब 10 अंक की बढ़त के साथ 24,624.65 पर बंद हुआ।
3. किन सेक्टरों के शेयरों में तेजी देखने को मिली?
निफ्टी मेटल, निफ्टी रियल्टी और निफ्टी ऑटो सेक्टर ने बेहतर प्रदर्शन किया। श्रीराम फाइनेंस, जेएसडब्ल्यू स्टील, हिंडाल्को और एनटीपीसी जैसे शेयरों में मजबूती रही।
4. बाजार के लिए आगे कौन से फैक्टर महत्वपूर्ण रहेंगे?
आने वाले समय में कच्चे तेल की कीमतें, पश्चिम एशिया का तनाव, वैश्विक बाजारों की चाल और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी।
अन्य प्रमुख खबरें
-
ग्लोबल मार्केट में हलचल, एशियाई बाजारों में बिकवाली; गिफ्ट निफ्टी उछला
2026-11-03
-
त्योहारी सीजन में महंगा हुआ सोना, 510 रुपये तक बढ़े भाव; चांदी स्थिर
2026-11-03
-
सेंसेक्स में 700 अंकों की छलांग, निफ्टी भी उछला; बाजार गुलजार
2026-11-03
-
व्यापार-निवेश के नए अवसर देगा भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता
2026-11-02
-
धनतेरस पर सोना खरीदने से पहले हो जाएं अलर्ट!
2026-11-02
-
दिवाली से पहले सोना-चांदी महंगा, सोना 694 तो चांदी 3,569 रुपये उछली
2026-11-02
-
रूस से तेल खरीद पर भारत को अमेरिकी टैरिफ से मिली राहत
2026-11-02
-
अक्टूबर में कोयला उत्पादन 42% उछला, 22.03 एमटी पर पहुंचा
2026-11-02
-
निर्यात की बूस्टर डोज से चमका भारत का मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर
2026-11-02
-
दिवाली से पहले फूटा 'महंगाई' बम ! दूध से गैस सिलेंडर तक सब महंगा
2026-11-01
-
धनतेरस पर सोना खरीदें या चांदी? जानें फायदे और जोखिम
2026-10-31
-
दिसंबर में ब्रसेल्स जाकर भारत-ईयू एफटीए पर हस्ताक्षर करेंगे पीएम मोदी
2026-10-30
-
200 अरब डॉलर का कारोबारी अवसर पैदा करेंगी एआई आधारित सेवाएं
2026-10-29
-
Stock Market Today: शेयर बाजार में मचा हाहाकार, सेंसेक्स 800 अंक लुढ़का
2026-10-28
-
शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स-निफ्टी ने दिया जोर का झटका
2026-10-27